प्रवक्ता हिंदी

Books:
काव्य-संग्रह–“आइना”,”अहसास और ज़िंदगी”
“काव्य-अमृत”,”भारत के श्रेष्ठ युवा कवि और कवयित्रियाँ”साँझा काव्य संकलन(जे.एम.डी.प्रकाशन)

Awards:
“काव्य-अमृत”,”श्रेष्ठ शब्द शिल्पी”,”काव्य श्री”एवं “साहित्यापीडिया-काव्य” सम्मान

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--जल ही जीवन है--कविता

मनहरण कवित्त"जल ही जीवन है" ------------------------------------------- मिलके जल बचाएँ,आओ रे कल बचाएँ, संकल्प हम उठाएँ,जल बहाना न... Read more

--कब तक तक यूँ ही घर देखेंगे उजड़ते--

कवित्त मनहरण--"कब तक" ----------------------------------- जब दो फूल खिलते,अच्छे ही दोनों लगते, जब दो हाथ मिलते,शोभा दोनों बनते। ... Read more

--कोशिशें नाक़ाम न हों--मनहरण कवित्त छंद

मनहरण कवित्त--"कोशिशें नाक़ाम न हों" --------------------------------------------------- समय अनमोल है,व्यर्थ गँवाना नहीं है, हार स... Read more

--विधान ऐसा बने--घनाक्षरी छंद

कवित्त छंद की परिभाषा और उदाहरण कवित्त छंद ---------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें कोई गण का नियम नहीं होता है।इसके प्रत्येक चरण ... Read more