प्रवक्ता हिंदी

Books:
काव्य-संग्रह–“आइना”,”अहसास और ज़िंदगी”
“काव्य-अमृत”,”भारत के श्रेष्ठ युवा कवि और कवयित्रियाँ”साँझा काव्य संकलन(जे.एम.डी.प्रकाशन)

Awards:
“काव्य-अमृत”,”श्रेष्ठ शब्द शिल्पी”,”काव्य श्री”एवं “साहित्यापीडिया-काव्य” सम्मान

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दोहे-मानसिकता

#दोहे# मान खुदी को श्रेष्ठ सब,फूलें झूठी शान। चूहा हल्दी गाँठ ज्यों,पंसारी-सा मान।। कमियाँ गिनते और की,खुद में सत्तर छेद। छाज ... Read more

"आज़ादी देशप्रेम के दोहे"

तिरंगा शान देश की,सुनो लगा तुम कान। ऊँचा फहरे रोब से,यही देश का मान।। खुद से बढ़कर देश हो,जाए चाहे जान। खुद ही जलके सूर्य भी,रोश... Read more

प्रकृति के दोहे

शुभ संध्या मित्रों! --------दोहे------👌 बैठ प्रीत की छाँव में,उतरे सारी हार। तन-मन निखरे नूर से,देख रंग गुलज़ार।। बैठ प्रकृति क... Read more

नशीहत भरे दोहे

-----दोहे-----👌 आँसू मोती आँख का,टूटे कभी न मीत। होता सुर बिन बोर है,अच्छा मीठा गीत।। साहिल पर तू बैठ के,चाहे मोती यार। बिना प... Read more

प्रशंसा भरे दोहे

प्रशंसा के दोहे ------------------ नेक प्रशंसा सीख तू,सबको भाती ख़ूब। पल में सारे काम हों,जाए दुख भी डूब।। हँसता देखें आप को,भा... Read more

दोस्ती के दोहे

दोस्ती के दोहे ----------------- जानें दिल की पीर को,बढ़े प्यार का हाथ। बन परछाई यार फिर,चलें हमेशा साथ।। दोस्ती होती मोह से,छू... Read more

दोहे-शिक्षाप्रद

दोहे-शिक्षाप्रद ----------------- संगत अच्छी राखिए,गुणी बनो भरपूर। माली बेचे फूल है,ख़ुशबू हाथ हुज़ूर।। बीती बातें भूल के,नई करो... Read more

दोहे-शानदार

धर्म वही जो मान दे,ग़रीब-अमीर भूल। पुण्य हेतु हों फूल जी,पाप हेतु हों शूल।। ----1. दृष्टि रखे जो एक है,देता सबको न्याय। राजा वह त... Read more

दोहे-शानदार

धर्म वही जो मान दे,ग़रीब-अमीर भूल। पुण्य हेतु हों फूल जी,पाप हेतु हों शूल।। ----1. दृष्टि रखे जो एक है,देता सबको न्याय। राजा वह त... Read more

रोमांटिक दोहे

रोमांटिक दोहे 1-प्रीतम ऐसा हाल जी,नयन हुए जो चार। उजड़े गुलशन लौट के,बहार लाई प्यार।। 2-प्रीतम मिलना नैन का,बने ख़ुशी का सार।... Read more

दोहे-

**दोहे** प्रीतम मुखिया भार पद,बड़ी चुनौती होय। मालिक से ख़ुश ना सभी,मानव से क्या होय।। प्रीतम इच्छा मार तू,पूरी ये ना होय। सागर ... Read more

दोहे-नीति के दोहे

दोहे- 1- प्रीतम नखरा रूप का,करिए नहीं भुलाय। खिलता सदैव फूल ना,समय बीते मुर्झाय। 2- प्रीतम हांडी काट की,चढ़े नहीं दो बार। स्वार... Read more

दोहे-प्रेरणा के दोहे

दोहे--प्रेरणा के दोहे ------------------------ 1- प्रीतम कर्म सदैव कर,जीवन का आधार। कर बिन मानो दीन हैं,मानव गज सरकार।। 2- प्र... Read more

--दोहे--

दोहे--- 1- औछी बातें छोड़ के,करो जनता सुधार। अगली सत्ता जीत है,बना रहे एतबार।। 2- छलता मौका हाथ ले,जाता मानव भूल। फूलों बदले फू... Read more

--दोहे--

बाट रहे उपदेश सब,खुदी रहे ना मान। आप भला जग भला है,सुनो लगाकर कान।। आदत अच्छी शान है,रखो सदा तुम ठान। सबके मन में मान हो,सभी रह... Read more

दोहे प्रेम के

तू जो हँसके देख ले,होगा खुद पे नाज़। स्वर्ग धरा पे आ गया,हृदय कहेगा आज़।। तुम जो आए पाश में,हृदय हुआ मधुमास। प्रथम स्पर्श ने बा... Read more