प्रवक्ता हिंदी

Books:
काव्य-संग्रह–“आइना”,”अहसास और ज़िंदगी”
“काव्य-अमृत”,”भारत के श्रेष्ठ युवा कवि और कवयित्रियाँ”साँझा काव्य संकलन(जे.एम.डी.प्रकाशन)

Awards:
“काव्य-अमृत”,”श्रेष्ठ शब्द शिल्पी”,”काव्य श्री”एवं “साहित्यापीडिया-काव्य” सम्मान

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#रोमांस का मौसम#

#रोमांस का मौसम# --------------------------- रोमांस का मौसम ये बरसात का मौसम। तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।। टिप-टिप गि... Read more

भारत-भारत जय-जय भारत कहो।

#ग़ज़ल# मीटर-222-222-221-2 मेरा भारत सबसे प्यारा लगे। इसके आगे जग भी हारा लगे।। नभ के तारे हैं सारे देश ये। सबमें चंदा-सा ये न्... Read more

साथ तेरा मिले जीत लूँ हर ख़ुशी

# गज़ल# मीटर-212 212 212 212 साथ तेरा मिले जीत लूँ हर ख़ुशी। है तुझी से हँसी ज़िंदगी तर ख़ुशी।। राह में फूल हों साथ तू जो चले। रा... Read more

गाँव जँचता हमें

# ग़ज़ल# वज़्न 212-212-212-212 आज फिर याद आई मुझे गाँव की। प्यार के मेल की खेल के ठाँव की।। यार मिलते गले चार पीपल तले। मौज मस्त... Read more

प्रकृति के दोहे

शुभ संध्या मित्रों! --------दोहे------👌 बैठ प्रीत की छाँव में,उतरे सारी हार। तन-मन निखरे नूर से,देख रंग गुलज़ार।। बैठ प्रकृति क... Read more

नशीहत भरे दोहे

-----दोहे-----👌 आँसू मोती आँख का,टूटे कभी न मीत। होता सुर बिन बोर है,अच्छा मीठा गीत।। साहिल पर तू बैठ के,चाहे मोती यार। बिना प... Read more

प्रशंसा भरे दोहे

प्रशंसा के दोहे ------------------ नेक प्रशंसा सीख तू,सबको भाती ख़ूब। पल में सारे काम हों,जाए दुख भी डूब।। हँसता देखें आप को,भा... Read more

दोस्ती के दोहे

दोस्ती के दोहे ----------------- जानें दिल की पीर को,बढ़े प्यार का हाथ। बन परछाई यार फिर,चलें हमेशा साथ।। दोस्ती होती मोह से,छू... Read more

दोहे-शिक्षाप्रद

दोहे-शिक्षाप्रद ----------------- संगत अच्छी राखिए,गुणी बनो भरपूर। माली बेचे फूल है,ख़ुशबू हाथ हुज़ूर।। बीती बातें भूल के,नई करो... Read more

दोहे-शानदार

धर्म वही जो मान दे,ग़रीब-अमीर भूल। पुण्य हेतु हों फूल जी,पाप हेतु हों शूल।। ----1. दृष्टि रखे जो एक है,देता सबको न्याय। राजा वह त... Read more

दोहे-शानदार

धर्म वही जो मान दे,ग़रीब-अमीर भूल। पुण्य हेतु हों फूल जी,पाप हेतु हों शूल।। ----1. दृष्टि रखे जो एक है,देता सबको न्याय। राजा वह त... Read more

गलतफहमियाँ छोड़

गलतफहमियाँ छोड़ ------------------------- सोचे है हर फूल ये,मुझसे महके बाग। बड़े ग़लत हैं भाव जी,अहं लगी ये आग।। अहं लगी ये आग,आए ग... Read more

राजनीति का दाँव

राजनीति का दाँव ////————//// गिरगिट बनता बात से,जिसमें रखके पाँव। ऐसा धंधा एक है,राजनीति का दाँव।। राजनीति का दाँव,सच की नहीं जी... Read more

व्यक्ति से बड़ा देश है

व्यक्ति से बड़ा देश है ////----------------//// जानो सारे बात यह,बड़ा व्यक्ति से देश। अहं भाव को छोड़ दो,यही सर्व आदेश।। यही सर्... Read more

मतलबी हर रिश्ता

"मतलबी हर रिश्ता" ////-------------//// अपना होकर गैर है, कैसा वो इंसान। जलता सदैव जीत से, हार खुदी की मान।। हार खुदी की म... Read more

चाँद मामा हैं प्यारे

चाँद मामा हैं प्यारे ////-------------//// प्यारे मामा चाँद तुम,आओ घर तुम आज। आँगन में तुम बैठ के,करो खुदी पर नाज़।। करो खुदी पर ... Read more

साँप-सा मारे झूठा

साँप-सा मारे झूठा ////-------------//// झूठा सबसे ऊँच है,ख़तरा सुनलो एक। मानो खजूर पेड़ हो,गिरके बदले टेक।। गिरके बदले टेक,रामा बच... Read more

करो तुम ऐसी दोस्ती

करो तुम ऐसी दोस्ती ////---------------//// दोस्ती करके रात की,सुबह गया वो रूठ। लम्हा-लम्हा प्यार था,उसका सफ़ेद झूठ।। उसका सफ़ेद झू... Read more

तू रूठे न बस हमसे

तू रूठे न बस हमसे ////--------------//// हमसे जाके दूर तू,भूल न जाना यार। ज़रूर करना फ़ोन तू,रोज एक दो बार।। रोज एक दो बार,प्यार र... Read more

रोमांटिक दोहे

रोमांटिक दोहे 1-प्रीतम ऐसा हाल जी,नयन हुए जो चार। उजड़े गुलशन लौट के,बहार लाई प्यार।। 2-प्रीतम मिलना नैन का,बने ख़ुशी का सार।... Read more

--देश हमारा हम ताक़त--

हुनर का कोई जहां में,सानी नहीं होता। मिसाल बन जाए वैसा,ज्ञानी नहीं होता।। सोना-चाँदी भेंट करे,करके जो गुणगान। वो एकलव्य जैसा मगर,... Read more

--ग़ज़ल--अश्क़ मोती तेरे तू बहाना नहीं

बहर-फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन वज़्न-212 212 212 212 अश्क़ मोती तेरे तू बहाना नहीं। टूट के हार से दिल जलाना नहीं।। दीप का काम ह... Read more

दोहे-

**दोहे** प्रीतम मुखिया भार पद,बड़ी चुनौती होय। मालिक से ख़ुश ना सभी,मानव से क्या होय।। प्रीतम इच्छा मार तू,पूरी ये ना होय। सागर ... Read more

दोहे-नीति के दोहे

दोहे- 1- प्रीतम नखरा रूप का,करिए नहीं भुलाय। खिलता सदैव फूल ना,समय बीते मुर्झाय। 2- प्रीतम हांडी काट की,चढ़े नहीं दो बार। स्वार... Read more

दोहे-प्रेरणा के दोहे

दोहे--प्रेरणा के दोहे ------------------------ 1- प्रीतम कर्म सदैव कर,जीवन का आधार। कर बिन मानो दीन हैं,मानव गज सरकार।। 2- प्र... Read more

--दोहे--

दोहे--- 1- औछी बातें छोड़ के,करो जनता सुधार। अगली सत्ता जीत है,बना रहे एतबार।। 2- छलता मौका हाथ ले,जाता मानव भूल। फूलों बदले फू... Read more

--ग़ज़ल--राह काँटों भरी मिले चलना सदा

वज़्न-- 2122-1212-2212 ग़ज़ल राह काँटों भरी मिले चलना सदा। प्यार हँसके सफ़र से ही करना सदा।। धूप हो छाँव हो नहीं रुकना कभी। आँख त... Read more

--ग़ज़ल--रीत पल बीत न आए

बहर--फ़ाइलातुन-फ़यलातुन-फ़ेलुन 2122-1122-22 हारना याद नहीं जीते ग़म। नाज़ है आज़ खुदी पर है दम।। जो झुका हार गया खुद से ही। ज़िंदगी ... Read more

--ग़ज़ल--

बहर-फ़ाइलातुन मुफ़ाईलुन फ़ेलुन 2122 1212 22 ग़ज़ल आपकी याद इस तरह आई। ये हवा ज्यों गुलाब छू आई।। रातभर सोचता रहूँ ना मैं। आँख सप... Read more

--ग़ज़ल--ईद मुबारक

मापनी--2122-2122-2122-212 ग़ज़ल--ईद मुबारक़ चाँद-सा मन हो मुबारक आ गले मिलके रहें। ईद हो सबको मुबारक आ गले मिलके रहें।। आज हो कोई... Read more

--हरियाणवी गीत--छोरी कालेज़ आली

एक हरियाणवी गीत ------------------------ छोरी कालेज में जावै तू,पर इतणा ना गिरकावै तू। पड़ जावेंगे छोरे पाछै,न पतली कमर लचकावै तू।... Read more

--जल ही जीवन है--कविता

मनहरण कवित्त"जल ही जीवन है" ------------------------------------------- मिलके जल बचाएँ,आओ रे कल बचाएँ, संकल्प हम उठाएँ,जल बहाना न... Read more

--कब तक तक यूँ ही घर देखेंगे उजड़ते--

कवित्त मनहरण--"कब तक" ----------------------------------- जब दो फूल खिलते,अच्छे ही दोनों लगते, जब दो हाथ मिलते,शोभा दोनों बनते। ... Read more

-ग़ज़ल-प्यार तेरा जीत मेरी...

मापनी-- 2122-2122-2122-21 दीद तेरा हो अगर तो जी उठेंगे यार। प्यार तेरा जीत मेरी ना मिला तो हार।। ज़िंदगी में मीत नहीं तो गीत है ... Read more

--कोशिशें नाक़ाम न हों--मनहरण कवित्त छंद

मनहरण कवित्त--"कोशिशें नाक़ाम न हों" --------------------------------------------------- समय अनमोल है,व्यर्थ गँवाना नहीं है, हार स... Read more

--विधान ऐसा बने--घनाक्षरी छंद

कवित्त छंद की परिभाषा और उदाहरण कवित्त छंद ---------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें कोई गण का नियम नहीं होता है।इसके प्रत्येक चरण ... Read more

--भगवान सदा अपने--सवैया छंद

सवैया छंद की परिभाषा और उदाहरण सवैया --------सवैया छंद में चार चरण होते हैं।इसके प्रत्येक चरण में बाईस से छब्बीस वर्ण या अक्षर होत... Read more

--प्रभु जी करें नमन है--शार्दूल विक्रीड़ित छंद

शार्दूल विक्रीड़ित छंद की परिभाषा और कविता शार्दूल विक्रीड़ित छंद --------------------------यह एक वर्णिक छंद है।इस छंद के प्रत्येक च... Read more

--जवानी की पारी--शिखरिणी छंद

शिखरिणी छंद की परिभाषा और कविता शिखरिणी छंद ------------------यह एक वर्णिक छंद हैं।चार चरणों के इस छंद के प्रत्येक चरण में सत्रह-स... Read more

--प्रथम मिलन--मालिनी छंद

मालिनी छंद की परिभाषा और कविता मालिनी छंद ---------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण होते हैं।इसके प्रत्येक चरण में क्रमशःनग... Read more

--बात--

बात /---------------------------------/ वह भी कैसी बात है,लिए नहीं जो बात। बात सदा हो बात सी,रोशन करती रात।। रोशन... Read more

--छाएँ यहाँ जी दिलों में--मन्दाक्रान्ता छंद

मन्दाक्रान्ता छंद की परिभाषा और कविता मन्दाक्रान्ता छंद -------------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण होते हैं।इसमें सत्रह ... Read more

--ख़ुशी का बहाना--भुजंग प्रयात छंद

भुजंग प्रयात छंद की परिभाषा और कविता-- भुजंग प्रयात छंद ---------------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण होते हैं।इसमें बारह... Read more

--मन शांत सब शांत--

तोटक(त्रोटक)छंद की परिभाषा और कविता-- तोटक छंद --------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण होते हैं।इस छंद के प्रत्येक चरण में... Read more

--कथनी और करनी एक हो--द्रुतविलम्बित छंद

द्रुतविलम्बित छंद की परिभाषा और कविता-- द्रुतविलम्बित छंद ----------------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण होते हैं।इस छंद ... Read more

--कारण और कार्य--वंशस्थ छंद

वंशस्थ छंद की परिभाषा और कविता-- वंशस्थ छंद --------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें चार चरण या पद होते हैं।इसमें बारह अक्षर होते ह... Read more

--ग़ज़ल-"तेज़ तलवार-सी नारी घनी।"

मापनी--2122-2122-212 काफ़िया-नारी-भारी-लारी-खारी-प्यारी-न्यारी-हारी-सारी-पारी। रदीफ़ -घनी। ग़ज़ल- तेज़ है तलवार-सी नारी घनी। मर्द पर... Read more

--नशा--उपेन्द्रवज्रा छंद

उपेन्द्रवज्रा छंद की परिभाषा और कविता-- उपेन्द्रवज्रा छंद -------------------यह एक वर्णिक छंद है।इसमें ग्यारह अक्षर होते हैं।इसके ... Read more

--शुभ कर्म--इन्द्रवज्रा छंद

इन्द्रवज्रा छंद की परिभाषा और कविता-- इन्द्रवज्रा छंद ----------------यह एक वर्णिक छंद होता है।इसमें ग्यारह अक्षर होते हैं।इसमें द... Read more

--ग़ज़ल--मापनी--2122-2122-2122-21

गज़ल/गीतिका ---//--//---//---मापनी-2122-2122-2122-21 चाँद भी फीका लगे है,है ग़ज़ब दीदार। देखके दिल दे दिया रे,हो गया है प्यार।। झ... Read more