Megha Agarwal

Agra

Joined April 2020

Civil service aspirant
Writing passion ✍️✍️
Indian 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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शिक्षा का स्तर

अब तक साक्षरता दर को ही शिक्षा का पैमाना समझा गया, इसलिए हर बार इंसानियत को शर्मशार किया गया, पढ़ें लिखों ने भी यहां जानवर से बदतर... Read more

इंसानियत का सच

सुनाकर इक कहानी आज नए समाज से तुम्हे मिलवाते हैं, ढिंढोरा पीटते जहां इंसानियत का और मन में राक्षस छुपाते हैं, जो खुद की कौम की परव... Read more

खौफनाक आइना

नारीवाद का नारा देने वाले खुद उसका अपमान करते हैं, श्रद्धांजलि देने के नाम पर किसी को खरी खोटी खूब सुनाते हैं, करता कोई दूसरा गलत ... Read more

इंसानियत को श्रद्धांजलि

बरपाया जो प्रकृति ने कहर उसे बर्बरता का नाम दे रहे हैं, और किया जो इंसानों ने इसके साथ उसे विकास का नाम दे रहे हैं, इंसानियत को ता... Read more

कैमरा

खुलकर जीने वालों को हर पल कैद करना सिखा दिया, सेल्फी के सहारे ही सही इसने लोगों को हंसना सिखा दिया, अकेले में भी जो रहते थे सबके स... Read more

परिवार

दुनिया ए महफ़िल में हमें ऊपरवाले ने कई रिश्तों से सजाकर भेजा है, जिंदगी जी सके हम खुलकर इसलिए उसने परिवार से नाता जोड़ा है, छोटा य... Read more

तंबाकू

याद दिलाकर इक दिन खुदको पूरे साल भूल जाते हैं, तंबाकू को बनाया हमने ऐसा कि इक पल भी उसके बिन रह नहीं पाते हैं, हज़ारों की संख्या म... Read more

बाज़ार

चलो आज समाज के नए पहलू से सबको रूबरू कराते हैं, जो है हमारी रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा उस बाज़ार का आइना दिखाते हैं, निर्जीव से लेक... Read more

मजदूर

रौनक बनी जिससे शहरों की वो शहर अब छोड़ रहे हैं, न चाहकर भी अमीर की उंगलियों पर नाचने वाले अब अपने गांव लौट रहे हैं जगमग रहता था जि... Read more

नवनिर्माण भारत

बिगड़ी हुई कुछ व्यवस्था में बदलाव नया आ रहा है, हां विश्वगुरु भारत का नवनिर्माण शुरू हो गया है, दूसरों पर निर्भरता कम कर आत्मनिर्भ... Read more

गाथा भारत की

सन 47 से इक्कीस वीं सदी तक का सफर तय किया है हमने, कई धोखे और फरेब के साथ हर कदम को आगे बढ़ाया है हमनें, हर पड़ोसी के साथ अपने हर ... Read more

लोकतंत्र

वैसे शासन चलाने के होते हैं कई आधार यहां, पर हर आधार में लोकतंत्र है बेमिसाल हर जगह, जहा चलता शासन किसी एक का नहीं पूरी जनता का, ... Read more

पक्षी और इंसान

देखकर हमले इंसानों पर हर पक्षी आज खुश हुआ, कैद हो कर भी जिसका मन पहली बार आजाद हुआ, बर्बादी से जिसको बचाने के लिए इन्होंने पक्षी क... Read more

लड़की के जीवन का आधार एक रंग

आधुनिकता का शोर मचाने वाले पुराने ख्यालात अपनाते है, बेटा बेटी एक समान बोलने वाले खुद ही बहुत बड़ा फर्क करते हैं, जिससे चलती दुनिय... Read more

इंसान की फितरत

जल संरक्षण की बात बहुत है इस जहां में करने वाले, पर इसे बचाने वाले उंगलियों पर गिने जाते हैं, मौसम और बारिश को दोष देने वाले खुद इ... Read more

राम और रावण

अगर राम अपनी जगह सही थे, तो रावण भी गलत न था, नियति के जाल में दोनों कुछ फंसे ही इस तरह थे, अगर रावण को अभिमान ने घेरा तो राम को भ... Read more

वनों पर कहर

खुदा की बनाई हंसी प्रकृति ने खेल गजब दिखाया है, अब तक बरपाया इंसा पर कहर अब वनों को भी जलाया है, क्रोध इतना प्रकृति का देखा नहीं क... Read more

फौजी का दिल

आशिकी से दिल रखने वाले किसी की फ़िक्र कहां करते हैं, और जिसके दिल में बसता हो वतन वो मरने से कहां डरते हैं, जो अपनों को पीछे छोड़ ... Read more

बेजुबान की आवाज

बिन मांगे खुदा ने रंगीन तोहफों से सजाया है हमें, पर उसके दिए हर तोहफे का मज़ाक बनाया है हमनें, उन्हीं तोहफों में से इक नायाब तोहफा... Read more

कलम की दरकार

झूठ की इस महफ़िल में सच का दावेदार कोई चाहिए, जो हर फरेब का नकाब उतार सके ऐसी इक कलम हमें चाहिए, लिखे जो सिर्फ रिश्ते प्यार मोहब्ब... Read more

खुदा का इंसाफ

जिंदगी की इस दौड़ में मै तुम्हे कुछ बताने आया हूं, सोते हुए अपने हर बन्दे को आज मै जगाने आया हूं, खुद चैन से सो कर नींदें चुरा ली ... Read more

गांव और शहर

पहचान बनाने अपनी खुद की शहर की चकाचौंध में हम आ गए, आशियाना मानकर शहरों को सपनों का गांव को कहीं छोड़ आए, खुले आंगन और माटी की मह... Read more

गलतियां

गलती इक शब्द ऐसा जो लाखों अच्छाइयां छुपा दे, हमारे हर किए को कभी पाप तो कभी गुनाह का रूप दे दे, थे जब छोटे हम तो हर गलती की माफी म... Read more

धर्म और समाज

चलो आज इक गुमनाम समाज का आइना सबको दिखाते हैं, इंसानियत का तमाशा करने वालों को सच्चाई से रूबरू कराते हैं, धर्म की बातें करने वालों... Read more

संस्कार और समाज

समाज में रहने वाले बात करते है नसीहत की, कर्म भाव दूसरों के देखकर हालत बताते संस्कारों के, सही गलत की सोचे बिना संस्कारों का चश्मा... Read more

आइना समाज का

अद्भुत नजारा इस जिंदगी का समझ कोई ना पाया है, मुंह पर मीठे बोल पीछे खंजर लेकर हर कोई यहां आया है, स्वाभिमान और अभिमान की बात करते ... Read more

समय का चक्र

समय का चक्र चला आज ऐसा पुराने दिन वो फिर लौट आए वो अपनो की महफ़िल जो खो गई थी शहर की चकाचौंध में, आज लौट अाई वो शहरों के अंदर फि... Read more

लड़को का सफर

घर में बड़ा होता या होता वो छोटा, पर किरदार गजब का उसका हमेशा होता, लड़ने झगड़ने और हसने के बाद भी जिसकी रोने की कभी इजाज़त न होती... Read more

समाज और बड़ा पर्दा

कहने को बड़े पर्दे समाज के आइना का किरदार निभाते हैं, उस आइने में अपनी सभ्यता संस्कृति को ही हम क्यूं भूल जाते हैं, करते हैं अश्ली... Read more

भारत की पुकार

करुणा भरी इक पुकार मां की जिसने बच्चो को पुकारा है, घर में रहकर सुनो पुकार उसकी क्यूंकि यह भारत हमारा है, जरूरी नहीं लड़ाई हो जब स... Read more

आया दौर फिर भारत का

आज इक बार दौर फिर वो लौट आया है, कभी 1907 में उठाया जो स्वदेशी का मसला आज उसे अपनाना है, महामारी के इस दौर में हमें ही देश अर्थ को... Read more

लॉकडाउन का असर

हमेशा बिज़ी रहने वालो को इसने थोड़ा आराम दिया, बेफिक्री से जीने वालों को अपनी फिक्र का काम दिया, ख़्वाबों की सोच समय के हाल छोड़े ... Read more

समाज का रुख

बातें दुनियादारी की करके रिश्ते कुछ ऐसे निभाते हैं, अपनों की खुशियां दबाकर पहले समाज के लिए सोचते हैं, शुरुआत करते कुछ अच्छे बुरे ... Read more

नानी मां

कोख से भले न जन्मी मै तेरी पर तेरा ही एहसास हूं, रहूं दुनिया के किसी भी कोने पर तेरे ही साथ हूं, तेरी ही गोद में खेली मै खाया तेरे... Read more

एहसान रिश्तों का

अपनों के साथ बिताए कुछ लम्हों को याद करने का दिन आ गया, 364 दिन बेफिक्री के बाद इक दिन फ़िक्र का आ गया, पुरे साल खुद में ही खोने क... Read more

अनजानी राहें

अजीब सी फितरत हो गई है इस जहां की, सब जानते हुए भी अनजान बना फिरता है, पांच सितारा में खाने वाला सादा खाकर सुर्खियों में आता है, ... Read more

ख़्वाब हर हिंदुस्तानी का

सुनाई दी एक खबर जिससे दिल मेरा फिर झूम उठा, क्यूंकि भारत अपने अंग को दुश्मनों से छुड़ाने की तैयारी कर रहा, अगस्त 5 को हुआ था चमत्क... Read more

त्रासदी का मंज़र

दिखा आंध्र में इक भयावह दृश्य फिर इक बार, जिसने कराया 36 साल पुराने कांड को याद, कभी झुलसा था भोपाल सन चौरासी की जिस त्रासदी में, ... Read more

सैनिक और हमारे जज्बात

अब तक लिखा देश ओ समाज के बारे में, लिखा अपने और रिश्तों के बारे में भी, पर नहीं लिखा कभी देश के उन चिरागों के लिए, जिनके कारण हम ... Read more

महखाना और हम

घरों में कैद रह कर खुद को बचाया इक बीमारी से सबने आजाद हुए जब तो दुसरी मुसीबत से घिरा पाया खुदको हमने, नशा ए लत लगी कभी जिस महखाने... Read more

सपना और हकीकत

ख्वाइशों को अपनी दफन करके जिम्मेदारी का बोझ उठालेटे हैं, समय नहीं है कहकर अपने मन को समझा लेते हैं, भूल जाते हैं खुद की पहचान और ... Read more

रिश्ता भाई बहन का

कहते हैं इक लड़की अपने बाप की राजकुमारी होती और जो इसकी जहां से इफाजत करता है वो भाई होता है, लड़ते झगड़ते है एक दूजे से पर दो जि... Read more

दरिंदगी और समाज

बदनाम करते जमाने को गलती अपनी छुपाते हैं, गंदी करते नियत को पर इल्ज़ाम कपड़ों पर लगाते लाल हमारा सही है,इशारे उसके ही गलत होंगे, ... Read more

अस्तित्व इक नारी का

डेढ़ अक्षर के जिस शब्द में समाया ईश और संसार और कोई नहीं स्त्री उस शब्द का नाम है, मां, बहन,संगिनी और बन के बेटी कराई जिसने पार ह... Read more

प्यार और दोस्ती

धोखा प्यार में मिले तो इंसा दुनिया भूल जाता है, धोखा अगर दोस्ती में मिले तो इंसा जीना ही भूल जाता है, प्यार और दोस्ती का रिश्ता ऐ... Read more

एहसान की जिंदगी

जमाना नहीं खराब खराब है यह दुनिया यह बात लोगों को बताते हैं, इंसा की इंसानियत मर गई यह अहम में अपने छुपाते क्या सही क्या गलत गीता... Read more

बचपन का वो सफर

बैठे बैठे यूं ही कुछ हसीं लम्हों को याद करते हैं, चलो आज वापस बचपन की राहों पर निकल पड़ते हैं, जहां ना होती आज की चिंता और कल की फ... Read more

सोच और रूह का फर्क

अजीब सा सुरूर है इस जहां ए महफ़िल का, हर इक को पहले गालियां फिर तालियां देता है, जब तक अपनी जान पर बन ना आए किसी की, दूसरों के दर... Read more

जज्बा देश हित का

इसकी माटी से बना मै इसमें ही मिल जाऊंगा, गुमनामी से निकलकर नाम कुछ कर जाऊंगा, क्या कहते लोग इस बात से फर्क नहीं पड़ता कोई, अपनों ... Read more

इंसानियत और हुनर

ख्वाइश नहीं मशहूर होने की,बस कर्म अपना करता ख़ामोशी की महफ़िल में मै शोर मचाया करता हूं, लोग करते हैं इंसानियत की बातें, मै उसी क... Read more