Physics intellect,interested in reading and writing poems,strong belief in God’s justice,love for humanity.

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खंड खंड मैं-अखण्ड तुम

।।खंड-खंड मैं,अखण्ड "तुम"।। खंड खंड होता है इंसान संपूर्ण तो सिर्फ़ भगवान खंड खंड क्यों न फिर जीता हर रिश्ते ... Read more

स्वागत है,,,

01.08.16 नसीब में मिली सिर्फ़ तन्हाई,स्वागत है, बुराई गर है ईनामे भलाई,स्वागत है । लड़ें खुदी से कैसे औ कितना अब ख़ुशी बन गम का ... Read more

पंछी वत ही डोली,,,

28.07.16 समय के साथ चलते चलते जब थकी, तो पनाहों में समय के ही वो हो ली,,, बहती रही निरंतर बहती ही रही वो, हवा और रुत जिधर की भी ... Read more

तुममें वो पुरानी बात ढूंढती हूँ,,

तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती हूँ, ढूंढती हूँ वो बीते लम्हे भी, सच में,वो चाँद रात ढूंढती हूँ तुममें मैं वो पुरानी बात ढूंढती ह... Read more

इक घर अपना भी बने प्यारा,,,,

26.07.16 इक घर अपना भी बने प्यारा,,, इक तिनका आज फिर लायी हूँ नीड़ फिर नया इक बनाई हूँ यादों का तिनका एक भी नहीं न ही कोई ति... Read more

खत्म होती पर आस नहीं,,

26.07.16 "आस", बिन बह्र कुछ,, नयन भर भर पीता आँसूं, खत्म होती पर प्यास नहीं,, गिरजे,मन्दिर,मस्जिद,ढूंढे बस खुदा ... Read more

क्षणिकाएँ---1

25.07.16 क्षणिकाएँ,,,,, * वक्त के साथ चली तो पिछड़ गयी खुद से खुद ही महाभारत लड़ गयी पागलों सा जीवन जीने निकली हूँ अब ख़ुशी के... Read more

कब्र में खाली हाथ जाते हैं

उम्र भर मालो ज़र कमाते हैं क़ब्र में खाली हाथ जाते हैं ।। लोग खुद पर सितम ये ढाते हैं धुन में जीने की मारे जाते हैं ।। एक ही... Read more

छोड़ भवि यूँ इंतज़ार करना

रोज वादे यूँ ही झूठे यार करना आ गया हमको भी दो के चार करना ।। लो हुई बेटी गरीबों की विदा अब चार शाने उसके तुम तैयार करना ।। ... Read more

पलाश का साधुत्व

ऐ पलाश! मैंने देखा है तुम्हें फूलते हुए, देखा है मैंने- तुम्हारी कोंप-कोंप से प्रस्फुटित होते- यौवन को.. मैंने देखा है, तुम्हें... Read more

चाहत

18.07.16 तुम्हें टूट कर चाहने की सजा पाये हैं अब भुला कर तुम्हें, टूटने की चाहत है,,, शुचि(भवि) Read more

बोलो तुम्हें किसने बुलाया है??

14.07.16 क्यूँ आज समन्दर आया है सहरा सहरा हम तो थे अब नयनों ने क्यूँ तुम्हें बुलाया है,,, लम्हे लम्हे जिन्दा थे हम क्षण क्षण ... Read more

मोहब्बत को पैरहन की तरह हमेशा ही बदले जो

मोहब्ब्त को पैरहन की तरह हमेशा ही बदले जो बातें ताज की ही फिर ऐसे बशर अब करते क्यों संग मुमताज़ उन हजारों की आत्माएं भी रोती हैं ... Read more

किसी के काम तो आया

मेरा नाकाम होना किसी के काम तो आया, जुबां पर भूले से ही यूँ मेरा नाम तो आया. जिए थे साथ वो भीगे से पल हमने भी कभी, ... Read more