shubhra jha

दरभंगा, बिहार

Joined January 2018

कविताएँ एव लघुकथा लिखती हूँ।

Books:
भारत के युवा कवि एवं कवयित्रियाँ( काव्य संग्रह)
नारी से नारी तक ।कथा एवं काव्यसंग्रह
आधी आबादी का सम्पूर्ण राग (काव्य संग्रह)

Awards:
कुज्ज काव्य प्रसून सम्मान
श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान

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अनजाना भय

अनजाना भय गर्भ के नौवें महिना होने को है और उसका मन न चाहते हुए भी एक अनजाने दर्द और चिंता से घिरा है, कल रात ही सासु माँ ने पवि... Read more

प्रार्थना

प्रार्थना ******** हे प्रभु हूँ झुका मैं चरणों में लिए अपना शीश बन्द कर सभी इन्द्रियाँ गाऊँ बस यह गीत बन के काले मेघ सा आ... Read more

जन्नत

जन्नत *********** आज भी झेलम में पड़ी होंगी जो बजती थी चूड़ियाँ कलाईयों पे कभी। झुलता था बाजुओं मे मेरे आज भी लिपटा होगा दुपट्ट... Read more

कहाँ जा रही हैं औरतें

कहाँ जा रही है औरतें ******************** आज फिर बैठेगीं कस्बे की औरतें आकर झुण्ड में अपने शाम को खाने के बाद सभी होती इकट... Read more