Shravan Sagar

Joined November 2016

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यादें

मेरी हृदयकलिका अब भी आती है, तुम्हारी खुशबू.. उस जगह से। जहाँ हम एक-दूजे के साथ, हर वो लम्हा बिताते थे.. जिसमे जीवन था। तुम्हा... Read more

प्रणय

"प्रणय निवेदन" करता हूं, तुमसे अपने ह्रदय का, "प्रणय निवेदन". आ जाओ मेरी इस, जीवन सरिता मेँ, कविता रुपी धारा बनकर। आ जाओ मे... Read more

बेटी

$ बेटी का आँगन $ एक सफर, जिसकी शुरुआत होने को है। अग्नि को साक्षी मानकर, सात फेरों से होते हुये... सात जन्मों का बंधन। हर फ... Read more

रिश्तों की जमा पूँजी

₹ मन की तिजोरी ₹ ये जो तुम्हारा प्यार है..न जो उड़ेलती हो..मुझ पर, रोज रोज थोड़ा-थोड़ा। इसे कभी भी, पूरा खर्च मत करना। क्यों... Read more

जाड़े का इश्क़

सर्दी का इश्क $ सर्दी की रातों में जब याद तुम्हारी आती है। अदरक की चाय का स्वाद जब होंठो को छूता है। मूंगफली की खुशबु, नथु... Read more