जन्म- नेरा कृपालपुर, कानपुर देहात में
माता-पिता : श्रीमती कुषमा देवी-श्री सूरज सिंह
शिक्षा: बी.एस-सी., एम.ए.(जनसंचार एवं पत्रकारिता)
लेखक ‘दैनिक जागरण’ में उप संपादक रहे हैं.
पता – नेरा कृपालपुर, गौरीकरन, कानपुर दे. यूपी
मो. 9616926050
ई-मेल – shivmohanyadavkanpur@gmail.com

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फिर भी ये दिल रीता है

ग़ज़ल मापनी 22-22-22-2 हर दुख हमने जीता है, फिर भी ये दिल रीता है! जब भी सच पर चलते हैं, लगता तुरत पलीता है! करते-करते ज... Read more

गज़ल

गज़ल साथ तुमने दिया तो संवर जाएंगे। हम मुहब्बत में हद से गुज़र जाएंगे। गर जो थामा है दामन तो ये सोच लो, तुमने छोड़ा तो सचमुच... Read more

??गज़ल??

मापनी 1222 1222 बड़ी मुश्किल से पाला था वो मेरा था, निराला था उसे कण-कण बचाकर के फ़क़त मैंने संभाला था बहुत महफूज़ रक्ख... Read more

बंदर एवं भालू

बंदर एवं भालू उछल-कूद कर बंदर आया, घूम-घाम कर भालू। बोले सब्जी-मंडी चलकर, ले लें थोड़े आलू। मण्डी में झगड़े के कारण, छूटी ... Read more

होली की चौपाल

बंदर के घर लगी हुई थी, होली की चौपाल, सभी जानवर मस्ती में थे, उड़ने लगा गुलाल! ऊंचे स्वर में आज गधे ने, गाई लम्बी फाग। भालू ... Read more