साहित्य सेवा के रूप में सामाजिक विकृतियों को दूर करने में व्यंगविधा कविता रूप को लेखन में चुना है।

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जिंदगी एक ख़्वाब सी

जिंदगी एक ख़्वाब सी, झिलमिल सितारों रात सी, टूटती बेबस नींद यहां, बदलते दिनरात सी। जिंदगी.... कड़कती है बिजलियां, खाली भरती बदलिय... Read more

तुम्हारे आने की आहट में

शूल सी,इस रात में, भूली तन मन को,बाट में, समीर सी में बह चली, तुम्हारे आने की आहट में। ढली ढली सी फिरती हूँ, घड़ी घड़ी को को गिनत... Read more