साहित्य सेवा के रूप में सामाजिक विकृतियों को दूर करने में व्यंगविधा कविता रूप को लेखन में चुना है।

Copy link to share

चले आओ पिया।

फैली फैली,खिली खिली, कचनारी कच सी चोली है। सतरंगी नीली हरी पीली, कोंपल सी वो झोली है।। गुनगुनाती फाल्गुनी कुं कुं,, मदमाती सी ... Read more

हम हिंदुस्तानी।

हम दूर से भले ही,बटें बटें से लगते है, माँ भारती के लिये तो,इकट्ठे डटते है। कँही ग़लतफ़हमी है,मोती बिखरे हुये है, देशप्रेम के धागें... Read more

बधाई गणतंत्र की।

लो आज गणतंत्र की बधाई। सैनिको को कोटिशः बधाई।। वतन की खुशियों के खातिर, उन परवानो ने जान गँवाई।। लो आज गणतंत्र की बधाई, लो जनो,... Read more

"माँं",क्या लिखूं?

माँ,क्या लिखूं? लिखने को शब्द नहीं, विस्तृत सागर,ये बूंद रही। विराट रूप हो तुम माता, भाव इसके कहाँ कही।। माँ, क्या लिखूं? करुण... Read more

वोट की कीमत।

तुम क्या जानो,वोट की कीमत? वोट मेरा अमूल्य है। ये लोकतंत्र की तस्वीर बनाता है। राष्ट्र निर्माण में, सुनहरी कुंची चलाता है।। तुम... Read more

आओ हम दशहरा मनाये।

आओ हम दशहरा मनाये। सत्य का फिर धनुष चढ़ाये। अनाचार कृत्य,शीशो पर, सदाचार का बाण चलाये।।आओ हम दशहरा मनाये।। शक्तियों का दम्भ जो भर... Read more

जिंदगी एक ख़्वाब सी।

जिंदगी एक ख़्वाब सी, झिलमिल सितारों रात सी, टूटती बेबस नींद यहां, बदलते दिनरात सी। जिंदगी.... कड़कती है बिजलियां, खाली भरती बदलिय... Read more

क्या फर्क पड़ता है?

क्या फर्क पड़ता है? आटे में नमक मिलाये। तो क्या फर्क पड़ता है? थोड़ा प्रतिष्ठान बढ़ाकर, घर की ड्योढ़ी सरकाकर, सकडाई से हो दुर घटनाये... Read more

आओ हम गीत लिखें।

आओ हम गीत लिखे, कुछ तो इसमे प्रीत लिखे।। बदले है मौसम,बदली है फिजायें, बदले है दिल भी,औ सूरत-ए-अदाएं। आओ फिर से हम, इस पतझड़ में... Read more

समस्याओ की जननी - जनसंख्या अति वृद्धि

दुनियां की भीड़ में , फसे जा रहे हम , पाने की ललक में , धकेले जा रहे हम। कुछ उम्मीद बनी थी कि नीर मिलेगा , परंतु सुखी नदी से , वाप... Read more

आओ दीप जलायें।

आओ दीप जलायें। आओ दीप जलाये।। मनीषियों की तपो भूमि में संस्कारो का बीज उगाये।। आओ दीप जलाये--- हरी धरती, हरे वन है, संसाधन में... Read more

मेरी हिन्दी(एक करुण व्यथा)।

हिन्दी की करुण व्यथा का, मैं क्या बयान करूँ? हिन्दी की सब हिन्दी करते, इंग्लिश पर अभिमान क्यों? बात यहाँ की शब्द वहाँ के, चाल य... Read more

चिकित्सक-एक देव तुल्य।

हम चिकित्सक है,भगवान कहलाते है। देव बनकर जी ले,ये चुनोति सह जाते है।। राज की आज्ञा है,ज़माने के गम है। हम अपने सीने में,यूँ ही छुप... Read more

शहीद की पत्नी।

उनके मन की करुण व्यथा से, एक अमर कथा लिख जायेगी। घाव भरे गंभीर समंदर से, पाषाण धरती पिघल जायेगी।। ह्रदय में अग्निबाण लेकर, निज ... Read more

गुरु और लघु

गुरु बिन ज्ञान कहाँ? गुरु बिन ध्यान कहाँ? गुरु बिन कहाँ जीवन, गुरु बिन सम्मान कहाँ।। गुरु बिन राज कहाँ? गुरु बिन साज कहाँ? नही... Read more

आज सिंह ने फिर दहाड़ा है।

आज सिंह ने फिर दहाड़ा है, गीदड़ो के झुण्ड को ललकारा है। कटाते है शीश,मैदान-ए-जंग में, तुमने सोते शीशो को उखाड़ा है।। दुश्मनी के बदल... Read more

तब तुम लौट आना पिय।

फूलों से लद जाये उपवन, भ्रमर सब गुन गुनगायें। सुगंध बहकाये तन मन, तब तुम लौट आना पिय।। अम्बर में भर जाये गर्जन, तटनिया हिचकोले ... Read more

कराहती धरती (पृथ्वी दिवस पर)

आओ हम लाज बचाये। इस धरती पर पेड़ लगायें।। सुखी धरती,निर्झर सूखे, कूप सूखे तो रह जायेंगे भूखे। आओ हम बून्द बचाये, इस धरती पर पेड़ ... Read more

तुम्हारे आने की आहट में।

शूल सी,इस रात में, भूली तन मन को,बाट में, समीर सी में बह चली, तुम्हारे आने की आहट में। ढली ढली सी फिरती हूँ, घड़ी घड़ी को को गिनत... Read more

बेटियां

बेटियां है अनमोल, नहीं इनको तू तोल। बेटे से बढकर ही, ये करती रखवाली है।। माँ की सहेली है, पिता की चिड़कोलि है। भाई के लिये तो ज... Read more

बेटियां

बेटीयां है अनमोल, इनको तु ना तोल। बेटे से बढकर ही, ये करती रखवाली है।। माँ की सहेली है ये, पिता की चिड़कोलि है। भाई के लिए तो ज... Read more