शिखा परी

Delhi

Joined October 2019

शिखा परी , कानपुर उ. प्र. से हैं । इंजीनियरिंग और जर्नलिज़म करने के बाद लिखने में मन रमता गया। पिछले 9 साल से ब्लॉगिंग में सक्रिय। नारीवाद लेखन के लिए जानी जाती हैं। दो उपन्यास लिख चुकी हैं। देश की विभिन्न पत्र – पत्रिकाओं में लिखती रहती हैं।

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तलाक़ तलाक़ तलाक़

तलाक तीन बार था पर वो सीधे रूह पे खंज़र की तरह लगा कान फ़ाड़ कर किसीने खून निकाल दिया था जैसे मैंने होश संभाला, जोश भी ------... Read more

भाभी के सपनें

आज सुबह की चाय और न्यूज़पेपर टेबल पर नहीं रखा था वरुण ने सोचा शायद भाभी आज कहीं गई है उसने बिना कुछ सोचे किचन में जाकर वह चाय बनाने ... Read more