Shikha Mishra

Joined November 2018

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अब आ भी जाओ

इन ऊंची ऊंची वादियों में इन ठंडी ठंडी तन्हाईयों में जिस्म बर्फ़ सा जमा जा रहा फिर भी ये रूह मेरा अंगीठी सा है जल रहा। ये शाॅल,... Read more

वो 'मां' कहलाती है

इक छोटे से संबोधन में पूरी दुनिया सिमट जाती है, अपने खून से नव जीवन सृजन कर, वो औरत से "मां" बन जाती है। अमृत से सींचकर वो अपने बच... Read more