Shah Alam Hindustani

Padrauna

Joined December 2018

Hindi & Urdu Poet

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Tic Toc Pe Shayri टिक टॉक पे शायरी

बे शर्मी और हया का जो पिक-पाक हो गया।। एक्टिंग का जो नशा था वो खाक हो गया ।। चेहरे उतर गए हैं उन लोगों की दोस्तों , ... Read more

दुनिया भर में कही कैंडल मार्च नही होता दिख रहा, क्या वजह है..? Oh! मरने वाले मुसलमान थे...../

मारने वाला शैतान था इसलिए ।। दिल मे उसके न ईमान था इसलिए ।। पूरी दुनिया ने अफ़सोस गम कुछ न की, मरने वाला मुसलमान ... Read more

वतन के शहीदों के हवाले एक नज़म

ये जमी कह रही वो फलक कह रहा....। खूँ से लिपटा हुआ वो सड़क कह रहा..। देते कब तक रहेंगे खिराजे अक़ीदत... चीख़ करके ये दिल बे झिझक ... Read more

मोबाइल और सनम

मेरे प्यार को यारों दे दिया तलाक़ उसने, और दिल के अरमां को कर दिया हलाक़ उसने ! सोचा फोन पे उनसें थोड़ी गुफ़्तगू कर लूं , ... Read more

अमीरी औऱ गरीबी

हजारों रंग के साये जहाँ बिखरे हुए थे।। जहाँ रंगीनियों के फूल बस निखरे हुए थे। । वही देखा मुरझाये हुए कुछ फूल गरीबों के , जो अमीरे... Read more

सबसे प्यारा मेरा महबूब

मुझे देखती है, मुझे सोचती है, अगर कुछ कहूँ तो ,बहुत बोलती है।। कभी है रुलाती ,कभी है हसाती, कभी खवाब में आके, मुझको सताती।। सुनो... Read more

मेरा प्यारा बचपन

मुझको बतलाओ दिन वो कहाँ खो गए, मेरे कागज़ के नैया कहाँ खो गए, चिड़ियो की तरह वो चहचहाना मेरा, और यहाँ से वहाँ दौड़ लगाना मे... Read more

मेरा देश

दिए नफरतों के बुझाने चला हूँ, मैं हिन्दू मुसलमा को मिलाने चला हूँ, न हो कोई दंगा फसाद यहाँ पर, मैं भारत क... Read more

मेरा देश

दिए नफरतों के बुझाने चला हूँ, मैं हिन्दू मुसलमा को मिलाने चला हूँ, न हो कोई दंगा फसाद यहाँ पर, मैं भारत क... Read more

माँ

मेरी खुशियाँ मेरी जन्नत मुझे याद आती है प्यारी माँ याद तेरी मुझको बहुत आती है, प्यारी बाते मेरी माँ मुझको बताना वो तेरा, शाम को... Read more

मेरा महबूब

बाँसुरी में कोई धुन जैसे लगाई हुई है, जैसे बादल में घटा काली छाई हुई है, मेरी जाँ तुम भी मेरे खातिर वैसी ही हो जैसे फूलों में कोई... Read more