गीत क्या ग़ज़ल क्या और क्या शायरी,
मन कहे वही लिख और भर डायरी,
~जे0पी0 ‘धुरंधर’

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जी रहा हूँ जिंदगी गुमनाम की

दिल लगी ये दिल लगी बस नाम की|| जी रहा हूँ जिंदगी गुमनाम की||1|| ख्वाब आते जाते रहते पर प्रभू| जप रहा माला मै... Read more