Shashi kala vyas

Bhopal

Joined October 2018

एक गृहिणी हूँ मुझे लिखने में बेहद रूचि रखती हूं हमेशा कुछ न कुछ लिखना चाहती हूँ।
मैंने 11 th क्लास से ही लिखने की आदत हो गई थी लेकिन बीच में कुछ छूट सा गया था लेकिन अब फिर से कुछ लिखने का मन बनाया है और शायद वक्त मिलने पर लिखते ही रहूँगी।
मैंने बीए . एमए . साइकोलॉजी में और बीएड की पढाई की है।
मुझे सादगी जीवन पसंद है और आधात्मिक क्षेत्र में भी बेहद रूचि है।

Books:
अभी कोई किताब पब्लिश नही हुई है लेकिन ख्वाहिश है 📚📕📓📑📔📒📖

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*"बाल कृष्ण"*

*"बाल कृष्ण"* बाल गोपाल , यशोदा नन्दलाल , भादो महीना , प्रगट अवतार , यशोदा बलिहार। बाजे बधैया , मंगल गीत गाये , देवकी पुत्र ... Read more

*"हलषष्ठी मैया"*

*"हलषष्ठी मैया'* भादो का महिना हरछठ ,हलषष्ठी तिथि व्रत पूजा कराएं। हलषष्ठी मैया को चढ़ाए ,पसहर चावल और न कोई दूजा चढ़ाएं। ताल तलैया... Read more

*"अवध में राम आये हैं"*

*"अवध के राम आये हैं"* सजा दो घर आँगन को ,प्रभु श्री राम आये हैं। अवध में रामजन्म भूमि, नव युग निर्माण कराये है। लगा दो लाख पहरे... Read more

*"परिजात पुष्प # हरसिंगार"*

*"परिजात /हरसिंगार"* प्रकृति प्रदत्त बहुत सारे ऐसे पेड़ पौधे है जिन्हें हम नही जानते हैं और जानते भी है तो उनके बारे में महत्त्वपूर्... Read more

*"मेहंदी "*

"मेहंदी" सखी रे आजा सावन आया रे, राखी का त्यौहार जो आया , भाई बहन के मन को लुभाया। हरी पीली लाल चूड़ियां खनके , गोरे गोरे हाथों ... Read more

*"अवध के राम"*

*"अवध के राम"* कई शताब्दी बीत गई कठिन समय में , कहाँ छुपे थे श्री राम। 500 वर्षों के त्याग ,तपस्या बलिदान का सुखद परिणाम। भादो ... Read more

*"रक्षाबंधन"*

*"रक्षाबंधन"* रक्षाबंधन राखी का पवित्र त्यौहार। रिश्तों की डोरी में बंधा हुआ ,ये सारा जग संसार। भाई बहनों के अटूट श्रद्धा ,विश्वा... Read more

*"चातक पक्षी "*

*"चातक पक्षी"* स्वाति नक्षत्र की बूंद , चातक आस लगाए, आकाश में निहारता, मेघ बरसाए है। 💦💧💦💧💦💧💦💧 अमृत की धारा बहे , सूखे कंठ खो... Read more

*"आओ तीज मनाएं"*

*"आओ तीज मनाए"* 🦚💦🦚💦🦚💦🦚💦 सावन की अठखेलियां, उमड़ घुमड़ कर बदरा छाये। भींगा भींगा सा सावन मास , रिमझिम सितारों सी चमकती जाए। वन मे... Read more

*"हरियाली तीज'*

*"हरियाली तीज"* सावन मास व हरियाली तीज का बहुत महत्वपूर्ण संजोग है एक दूसरे के साथ में गहरा संबंध है और सावन मास के त्यौहार एक संगम... Read more

*"गणेशजी"*

*"गणेश"* एकदन्त , गजवदन विनायक , रिद्धि सिद्धि दाता , सुखकर्ता ,दुखहर्ता , मंगलमूर्ति। 🕉️🔔🕉️🔔🕉️🔔🕉️🔔 वक्रतुंड , सिद्धि ,विनाय... Read more

*"अनुभूति"*

*"अनुभूति"* हरियाली , चहुँ ओर , ओढे हरी चुनरिया , हरित हुई , वसुंधरा। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂 प्राकृतिक , छटा निराली , तरु पल्लव से , स्व... Read more

*"स्मृतियाँ"*

"स्मृतियाँ" स्मृति के दायरे भी ,बड़े अजीब से होते हैं। भुलाने की कोशिश करते है ,फिर भी दिल के करीब होते हैं। व्याकुल रहता है मन न ... Read more

*"सावन की घटा"*

*"सावन की घटा"* सावन की घटा छाई , ऋतु मनभावन आई , मन में उमंग लाई , हरियाली छाई है। 🌧️⛈️🌧️🌨️⛈️🌧️🌧️ काली काली घटा छाई , धरती भ... Read more

*"तुम ही तुम'*

"तुम ही तुम " साँवरे सलोने मोहन ,तेरी सूरत मन में बस गई है। जिधर देखूं उधर तेरी मुस्कान आंखों में ठहर गई है। *बस तुम ही तुम सांसो... Read more

*"सावन के झूले "*

"सावन के झूले" सावन महीना आया , रिमझिम बूंदे लाया , कोयल ने गीत गाया , मन हरषाया है । सखी संग मिलकर , अमुआ की डाल पर , सोलह... Read more

*"चुनरिया"*

"चुनरिया" ओढे नीली चुनरिया रे , गोरी घूँघट में शरमाय। हाथों में भर भर चूड़ियाँ पहनके , गले मोतियन हार दमकाय। पिया के नाम की ओढे ... Read more

*"पावस ऋतु "*

*"पावस ऋतु"* मेघदूत का आगमन, सुखद लगे संसार। कोयल कूके डाल पर , शीतल पवन फुहार।। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃 पावस ऋतु की कामना, धरा अंबर नीर। ... Read more

*"भूली बिसरी यादें"*

*"भूली बिसरी यादें'* बीते हुए लम्हों को भूली बिसरी यादों स्मृति में ढूढ़ते। एक दूजे का साथ निभाते सीमित दायरों में बंध जाते। सपने... Read more

*"गुरूदेव"*

*"गुरु* गुरु प्रत्यक्ष परमेश्वर का ही स्वरूप है, जो सांसारिक जीवन में विषय विकारों का मैल धोने के लिए गुरु का पवित्र ज्ञान सरोवर घ... Read more

*"पैगाम"*

*"पैगाम"* तुम शांति दूत बनकर मेरा संदेश ,प्रभु के चरणों में रख आना। युद्ध ,अशांति फैलाने कूटनीति ,रणनीति की बातों को बतला जाना। ध... Read more

*"बादल"*

"बादल" लुका छिपी खेल खेलता, काली घनघोर घटाओं में। उमड़ घुमड़ कर गरज गरज कर शोर मचाता बादलों में। बिजली चमकती जैसे आतिशबाजी सा ,नजार... Read more

*"मीरा"*

*"मीराबाई"* मीरा श्याम की दीवानी जोगन भई सांवली सूरतिया में मगन हो गई। कृष्ण नाम को पुकारती बावरी हो गई। वो तो गली गली ढूंढती व... Read more

*"सरस्वती वंदन "*

"सरस्वती वंदन" ऐसा ज्ञान बहा दो मैया , चरणों में झुक जाऊँ। तम अधंकार मिटा दो मैया , अंतर्मन ज्योति जलाऊँ। श्वेत वस्त्र हंसवाहि... Read more

*"मेरी बहना"*

*"मेरी बहना"* मेरी बहना, संग में ही रहना , माने कहना। 💞💞💞💞💞💞💞💞 छोटी बहना, सुख दुःख दोनों में , संग रहना । 💞💞💞💞... Read more

*"श्रमिक"*

*"श्रमिक मजदूर"* मेहनतकश , श्रमिक मजदूर, फौलादी हाथ। 🤝✊🤝✊🤝✊🤝✊ बहुमंजिला , इमारत बनाता, पसीना बहा। 🤝✊🤝✊🤝✊🤝✊ ... Read more

*"कालचक्र"*

"कालचक्र" चौरासी लाख योनियों के बाद ही मनुष्य जन्म है मिलता। सृष्टि रचना की पुनरावृत्ति ,परिवर्तन से फिर पुनर्मिलन हो जाता। काल... Read more

*"तुलसी का चौरा"*

*"तुलसी का चौरा"* मेरे घर आँगन में लगे, तुलसी का चौरा, सुबह शाम दीप जले, आरती उतारिए। सुखदाती वरदाति,विष्णु हरि प्रिये अतिप्यार... Read more

*"ग्रीष्म ऋतु"*

*ग्रीष्म ऋतु* आम्र की डाली, तरुवर की छांव, ठंडी बयार। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂 ग्रीष्म ऋतु , तपती है धरती, लू का कहर। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂... Read more

*"वायरस"*

*"वायरस"* जीव जंतुओं में छिपी हुई चीत्कार पहले ही सुन लेते इनकी करुण पुकार। मांसाहारी तज दो शाकाहारी बना लो आहार। मांसाहारी भोजन... Read more

*"पिंजरे के पँछी"*

पिंजरे के पँछी पिंजरा पँछी पांच तत्वों से बंधा हुआ एक दिन उड़ चले जाना है। मायामोह के जाल बुनकर रिश्तों से मुक्तिबोध पा जाना है ।... Read more

*"पर्यावरण"*

*पर्यावरण* आओ मिल के, हरे पेड़ लगाएं, उपवन सजाएं। शुद्ध हवायें, पर्यावरण बचाएं, संरक्षित बनाएं। 🍃🌴🌳🌴🌳🍃🌴🍃 पेड़ पौधे से, हरि... Read more

*"गर्मी का मौसम "*

"गर्मी का मौसम" गर्मी का ये मौसम आया ,धरती अंबर तपती झुलस रही ये काया। सुबह सबेरे दिन चढ़ जाता ,भोर भई सूरज ने फैलाई अपनी माया। तप... Read more

*"दो जून की रोटी "*

*"दो जून की रोटी"* चलते चलते वक्त का पहिया मानो जैसे थम सा गया है। दरबदर ठोकरें खाते हुए न जाने क्यों बिखर गया है। हौसले बुलंद है... Read more

*"मोक्षदायिनी गंगा"*

*"गंगा"* हिन्दू धर्म में गंगा नदी को पवित्र मानी जाती है देवी माँ के रूप में पूज्यनीय है।घर में प्रतिदिन पूजन में भी उपयोग किया जात... Read more

*"मायका"*

मायका मायका बिना सूना ये जग संसार। सारे जहाँ से अच्छा है मायका हमार। माता पिता का आशीष भाई बहनों का प्यार। देती है सच्चा सुख आ... Read more

*"ईद का चाँद"*

*"ईद का चाँद"* वो अजान की अंतर्नाद ध्वनियाँ जब कानों में गूंजती , पांचों वक्त का रोजा रमजान नमाज अदा करते। नेक बंदे इबादत कर अल्ल... Read more

*"उम्मीद"*

छू लो आसमां को छू लो आसमां को मंजिल अभी दूर है , आशायें कम ना हो, उम्मीद की किरणें अभी बाकी है। कुछ अरमान संजोये हुए थे जो अधूरे... Read more

*"परवरिश"*

परवरिश परिवार की धुरी बनकर ,कड़ी मेहनत की कमाई लगाया है। तिनका तिनका जोड़कर,ताना बाना बुन आशियाना बनाया है। संस्कार धर्म के पद चिन... Read more

*"कशमकश"*

कशमकश जीवन की इस आपाधापी कशमकश में, वक्त ना जाने कहाँ ,क्यों गुम सा गया है। भागमभाग दौड़ती हुई जिंदगी में, चलती हुई रफ्तार से जात... Read more

*"परिवार"*

परिवार जीवन की सौगात लिए ,खुशियों का खजाना है। एक दूजे संग साथ निभाते, हिम्मत बंधाते हैं। नियम, धर्म ,अनुशासन ,संस्कार ज्ञान बता... Read more

*"कोरोना के योद्धा"*

कोरोना के योद्धा सैन्य चिकित्सक, पुलिस ,सफाई कर्मियों, जनसेवक के रक्षक वीर योद्धा बनकर, संकट की घड़ी में अदम्य साहस लिए हुए हैं। ... Read more

*"ओ रे मांझी तू चल'*

*"ओ रे मांझी तू चल"* ⛳🚣‍♀️🚣🏾‍♂️🚣🏾‍♂️🚣🏾‍♂️🚣🏾‍♂️🚣🏾‍♂️🚣🏾‍♂️ दुर्गम पथ प्रदर्शक पथिक थक मत ओ रे मांझी तू आगे बढ़ते चल..... सागर में उफ... Read more

*"माँ तो बस माँ ही है"*

*माँ तो बस माँ ही है"* माँ के चरणों में चंद्रमा मन के देवता और पिता के चरणों में सूर्य गुरु बृहस्पति धन व ज्ञान के देवता कहे जाते ह... Read more

*"संकल्प"*

*" संकल्प"* एक बार ठान लेंगे, असंभव कुछ नहीं, हौसला बढ़ाते हुए, ... Read more

*"गुरुदेव"*

*"गुरु"* प्रथम गुरु, माता पिता नमन, संस्कार देते। *************** गुरुकुल में, ज्ञान अर्जित कर, प्रकाश देते। ***************... Read more

*"गौतम बुद्ध "*

*"गौतम बुद्ध"* धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौतम बुद्ध को श्री विष्णु जी का अवतार माना जाता है वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध का जन्म ह... Read more

*"नरसिंह रूप अवतार'*

*"नरसिंह अवतार"* विष्णु रूप में नरसिंह जी का नवीन अवतार। भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए लिया क्रोध रूप अवतार। शक्ति शौर्य का प... Read more

*"सीता माता का प्रागट्य'*

*"सीता जी का प्रागट्य "* रामायण के रामकथाओं में "सीता माता" के चरितार्थ मुख्य पात्र है सीता मैया मिथिला में जन्मी थी। धार्मिक ग्र... Read more

*कनबतियाँ'*

*"कनबतियाँ"* सुन री सखियाँ सुन मेरी बहना परबतिया, कैसे कहूँ कासे कहूँ अपने मन की कनबतियाँ। तालाबंदी लगा हुआ अब मिलन ना होगा सखियो... Read more