Shashi Capoor

Joined November 2018

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मुक्तक : कुंडली छंद : 22 मात्राऐं, यति 12,10 यति से पूर्व या तुरंत बाद में 21, 12 मात्राऐं, अंत 2 गुरु

ध्रुवतारा पिता उत्तानपाद का, पुत्र था ध्रुवतारा गोद चढ़ने पिता की, हठी था बेचारा माता सुरुचि ने उसे, खींच कर उतारा ... Read more

जिंदगी का सच

जिंदगी का सच हमें, सच में खंडहरों में कुरेदा मिलता है। परंपराओं व विचारों की श्रृंखला में, ... Read more

नवबंर 2018 कविता प्रतियोगिता -विषय "मां "

मां ! तुम मेरे जीवन की झंकार हो, तुम मेरे हर क्षण का पुलकित नाद हो । मां ! तुम मेरी वसुंधरा हो, तेरे सहारे बुनती हूं सपने जो ब... Read more

नवबंर 2018 कविता प्रतियोगिता -विषय "मां "

मां मां ! तुम मेरे जीवन की झंकार हो, तुम मेरे हर क्षण का पुलकित नाद हो । मां ! तुम मेरी वसुंधरा हो, तेरे सहारे बुनती हूं ... Read more

नवबंर 2018 कविता प्रतियोगिता -विषय "मां "

मां मां ! तुम मेरे जीवन की झंकार हो, तुम मेरे हर क्षण का पुलकित नाद हो । मां ! तुम मेरी वसुंधरा हो, तेरे सहारे बुनती हूं ... Read more