नाम-शालिनीपंकज दुबे
शिक्षा-एमएससी-प्राणिशास्त्र,ऍम ए-समाजशास्त्र,डीएड
व्यवसाय-शिक्षिका
पढ़ना तो आज भी बहुत पसंद ,आर्टिकल लिखना स्कूल के समय से दैनिक भास्कर में ,निबंध इत्यादि पर कविता तो पहली बार लिखी जीवनसाथी के लिए सिर्फ शुद्ध मन के भाव थे प्रेम, शिकायत,उम्मीदे,और उनका जीवन में आना ही मेरी कविता की शुरुआत थी और आज उन्ही की प्रेरणा की प्रतिपल लक्षय को समर्पित हूँ।
आगे यही प्रयास

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बेटियां

कहते है दो कुलों को जोड़ती है बेटियां मुश्किलो को अक्सर तोड़ती है बेटियां। त्याग और समर्पण की मूर्ति होती है बेटि... Read more