Shakuntla Shaku

अयोध्या(फैज़ाबाद)

Joined November 2018

नन्हे मुन्ने कोमल, चंचल,
कच्ची मिट्टी से नौनिहालों को
प्रेम,नैतिकता,संस्कार,
ज्ञान की भट्टी में तपा कर
जीवन रूपी नदियाँ में
करती हूँ प्रवाह
दे कर ढेरों आशीर्वाद
करती हूं ईश्वर से यही प्रार्थना
बन जाए हर बच्चा
एक इंसान सच्चा
हो जाये धन्य जीवन मेरा
हो नाज़ मुझे भी कि…
मैं एक शिक्षक हूँ

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शहीद की पत्नी

*मैं तो हूँ एक सैनिक की पत्नी जानती हूँ वो गए हैं करने देश की सेवा फिर भी मन करता है हो हर पल हर वक़्त वो साथ सदा मेरे दुल्हन ब... Read more

यादें

यादें ही हैं जो हमारे जीने का सहारा होती हैं ये यादें कुछ मीठी सी तो कुछ तीखी सी होती हैं यादें कभी बहुत हँसाती तो कभी बहुत रूला... Read more

सानिध्य आपका

आप करीब रहो या कोसों दूर रहो बस स्वस्थ रहो सानंद रहो मन में हर पल उत्साह रहे होंठों पर स्मित मन्द रहे खुशियाँ राहों में बिछ जाए ... Read more

आज के बुजुर्गों की दशा

*एक दिन की बात थी मैं बैठी थी ऑटो में मुझे एक *बुज़ुर्ग मिल गये* बैठे मेरे सामने वाली सीट पर देख उन्हें लगा आ गए मेरे दादाजी ल... Read more

मैं वो जन्नत लाऊँ कहाँ से

लोग कहते हैं माँ के कदमों तले जन्नत होती हैं पर मैं वो जन्नत लाऊँ कहाँ से जिस गोद में पली बढ़ी वो गोद मै लाऊँ कहाँ से हर पल तेरा... Read more

रूहानी मोहब्बत माँ

रूहानी मोहब्बत की दास्तां हैं माँ हर इंसान की पहली मोहब्बत हैं माँ धरा पर ईश्वर का प्रतिरूप हैं माँ पूरे विश्व का एक ब्रह्माण्ड ह... Read more

दीपावली

दीप जैसे आप जगमगाते रहे जीवन का हर तिमिर मिटता रहे हर दिन नई फसलों की तरह लहलहाता रहे हर रात उत्सव की फुलझड़ियां खिलती रहे अधरों ... Read more

नवनीत सी रात हो

दर्द रोने से दूर होता नही,शब्द इनको बना लो तो कुछ बात हो पीर के मेघा पलकों में छाए मगर, अश्रु मोती के किंचित धरा पर गिरे नेह के ... Read more