दुष्यंत की पीढ़ी का रचनाकार..

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ग़ज़ल

शाइर से शाइर जलने लगे हैं । खूँ के वो भूँके दिखने लगे हैं । यारों हमको भी जलना पड़ा है। उनकी खातिर जो लिखने लगे हैं । ... Read more