Er. Shailja Tiwari

Bagi Ballia

Joined July 2020

Polytechnic( Town polytechnic ballia,)
B.tech (BIET Lucknow)
About me😎🤫🤫😎😎
Electrical Engineer,
Straightforward 🤩🤩
Puresoul😍😍❤️
Smartgirl😎😎😎
## Emerging writer##❤️❤️❤️❤️

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क्या इसको जीना कहते हैं।

कल रात में जब मैंने खोली थी सबसे छिपाकर, वो डायरी और उसमें सुखी हुई गुलाब की वो पत्ती हर रोज इसको दुहराना क्या इसको जीना कहते... Read more

कर्मपथ

हे कर्मवीर तू कर्मपथ पर बिन डगमगाए चल रहें तो निश्चय करके रास्ते भी बिन थकाएं बन रहे। तू धेर्य अपना थाम कर कर्तव्य करता यूं ही ... Read more

"पिता"

बहुत कोशिश किए की लिख पाएं... लेकिन कुछ अधूरा सा है शब्द तो है फिर भी कुछ कोरा सा है। जितनी जटिलता इनके कर्मो में है बता प... Read more

"उम्मीद की एक पोटली"

क्या बताऊं कोई शब्द ही नहीं मिलता मेरी कहानी को लिखने के लिए, भर कर उम्मीदों का एक बख्शा चली थी मै उस अनभिज्ञ दुनिया में अनजान ... Read more

"दिल को आदत है मुस्कुराने की"

बस कर रुलाना अपनी बातों से मुझे कि दिल को आदत है मुस्कुराने की,😊 वजह लाखों मिले फासले बढ़ाने को तुझसे...🙂🙂 एक वजह ही काफी है तेरे ... Read more

"चाहत"

मोहब्बत दूरियों का मोहताज नहीं ये और भी गहरा हो जाएगा फासलें कितनी भी हो निग़ाहों की ये दिल तुझे ना भुला पाएगा। अफ़सोस नहीं है म... Read more

"मनमानी"

अब ये मत कहना मेरी ज़िन्दगी है कैसे भी रहूं कुछ भी करू कोई मतलब है क्या..?? तो सुनो..!! है मतलब क्यों की.., आज किसी एक की मनम... Read more

यादें

पलकें भारी सी लग रही आज हमारी यादों ने सताया बहुत है, और करके वादा हसानें का मुझसे किसी ने रुलाया बहुत हैं। Read more

इश्क़

पहनकर इश्क़ का चोला धानी बने रंगीन मेरी जिंदगानी सुलग कर आग में इस इश्क़ की बहता है पानी। Read more

"कोरोना" एक अभिशाप

एक दहशत सी है इन फिज़ाओं में फैल गया है जहर इन हवाओं में, मोहलत भी नहीं दे रहा सुधरनें का यह कैसी आपदा है इस जहान में। हर जगह ... Read more

" क्या लिखूं मै "

क्या लिखूं मै..?? अपनी बेबसी..!! कौन पढ़ेगा ? और किसको दिलचस्पी है इस व्यथा को सुनने में, पूछती हूं मै खुद से क्या कभी मैंने... Read more

"बेटी होना आसान नहीं"

पलक छाव में भर कर सपने वृहद रूप है अरमानों का जन्म लिया उस बेबसी ने नाम मिला मेहमानों का। सुनकर खबर हुए सब स्तब्ध बेटी घर... Read more

"सावन"

चहक उठी है रोशनी चांद की महक उठे है फ़ूल लहरें मग्न हुए बलखाए बहक रहे है धूल चारों दिशाओं में लहराते पवन के झोकें नाचें गाए... Read more

" मिलन "

क्या कभी तुझे मेरी याद नहीं आती क्या तुम्हारे ख्यालों में मिलने की बात नहीं आती। हां ! जानती हूं मै मजबूर हो तुम भी इस सामा... Read more

" नशा " ️️

सरल भाव में लिखती हूं मै चंचल मन की अंतरशाला, होकर मग्न परे दुनिया से चल पड़े हम मधुशाला। अंतर्मन की गहरी लाली छाव ज़ुल्फ का... Read more

बेबसी

देख ! अपनी बेबसी, ए इंसान तू कैद है पिंजड़े में एक पंछी की तरह। ये तेरे ही कर्मो के नतीजे है जो भुगत रहा तू अपने ही बनाएं इस ... Read more

महज़ ये इश्क़ हैं क्या..???

महज़, ये इश्क़ है क्या...?? थोड़ा मुश्किल है समझना ! सुना है मैंने इश्क़ अधूरा होता हैं शायद, सही ही है लेकिन हृदय की आंतरिकता ... Read more

मुझे सलीका है।

मुझे सलीका है..!! तहज़ीबे गम समझनें का इसलिए जब रोती हूं तो भिंगी नहीं रहती आंखें मेरी। मैंने रोशनी नहीं देखा कभी " चांदनी रा... Read more

" तड़प "

एक रात ख़्वाबों में छूकर गया था तू लबों पर लाल रंग और चेहरा नुर से भरा, करके गया था तू। खोएं थे हम भी तेरे इश्क़ की महक मे... Read more

एक कोशिश

किस्मत हारने को बोल रही और हौसला जितने की कोशिश में लगा है, तो चलो ना...! एक कोशिश कर लेते है। तिनका - तिनका चुनकर घौसला बनाना... Read more

दास्तान- ए - मोहब्ब्त

क्या लिखूं मै दास्तां - ए - मोहब्बत एक अधूरा ख़्वाब सा है सावन की पहली बारिश और हरियाली सैलाब सा है ढूंढ कर यादों के पन्नों... Read more

"लिखने की चाहत"

लिखने की चाहत..... नवजीवन की हिलती - डुलती मयस्क को भेदकर शब्द बाण से निकल जाऊं दूर कहीं नभ में बैठकर चांद की रोशनी लिए लि... Read more

ख़्वाब या हकीक़त

कुछ अनुभूति है इन ख़्वाबों की दुनिया में कुछ हकीकत का फसाना है बिसरी यादें पलकों पर है और ना भूलने का बहाना है। पलकें भारी स... Read more

मृग - नयनी

पलकों की झरोखों से अधरों की लाल रंग में हल्की सी आहट लगी फिर एकबार उस अदृश्य किकर की जिसके बालों की सघन छाव में बैठा व्यतीत... Read more

आभाव

दूर किताबों की दुनिया से आज यहां हर एक नर - नारी कवि भाव तो दबी - दबाई कविता रोवें बेचारी जितना सरल भाव से लिखा कविता का परि... Read more

एक कोशिश

एक उद्वेग हृदय में लिए प्रारम्भ यही से था, संकल्प शक्ति के लोहे का मज़बूत जंजीर लिए हाथ में कोशिश कर रही लिखने की, कोशिश यह, की... Read more

करुण स्वर

आंखों में अपने आंसु छिपाकर रहती हूं घर में, मै मुस्कुराकर कैसे बताऊं ममता की आंचल रोती है मां उसमे तुमको ना पाकर बांहों को अप... Read more

स्वर वेदन

मौन हूं निशब्द नहीं शांत हूं विलुप्त नहीं मत खंखोलो इस हलचल को स्थिर हूं अवेग नहीं। Read more

इश्क़

ख़ामोश है लब्ज़ धधक सीने में है इश्क़ का जाम है मज़ा पीने में हैं। सुलगती है चिंगारी धड़क जीने में हैं कसक है दिल में मज़ा ... Read more

दरिंदगी

अल्फाजों की कतार में मेरे जिश्म की बौखलाहट फिर भी ना लगा किसी को आहट आंखों से निकलें दर्द के आंसु फिर भी चुप थे सारे जिज्... Read more

"बंदगी"

एक यकीन था तुझें मेरा एक मै त्तुझें दिलाना चाहती थी मै बस तुझें करीब से एक बार देखना चाहती थी मै तो तुझें सपनों की दुनिया में ... Read more

"यादें बचपन की"

मुझें याद है धुंधली सी एक तस्वीर और उस पर सजी मकड़ी की जाल विकसित हुआ कितना कुछ पर पिछड़ी - पछाड़ी धूल से भरी तस्वीर मेरे जीवन... Read more

सुलभ - सोच

कितना कठिन हो गया है किसी की हृदय गति को समझना और फिर उसे इश्क का नाम देना सुलभ नहीं, और आसान भी नहीं इश्क़ करना करके बौछार प... Read more

मौन - लीला

यह सच है लिपि और भाषा का विकास हुए हो गई हैं सदियां फिर भी, मौन की प्रासंगिकता रत्ती भर न हुई कम, मौन का साम्राज्य बढ़... Read more

अन्तिम वाख्या

तक़दीर बता तूने मुझको किस मोड़ पर लाकर छोड़ दिया, खुद प्यार किया खुद ठुकराया फिर प्यार भरा दिल तोड़ दिया। एक मोड़ तलक तो साथ दि... Read more

निर्भया

मेरी यादों के पन्ने ना दिखाओ यारों तेरी आंखें नम होने से बच जाएगी मुझे भूल जाओ मेरी यादों के साथ सुलगती चिंगारी, उन अंगारों के सा... Read more