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स्वतन्त्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस है आज मिल के गायेंगे उत्सव मनाएँगे यहाँ उत्सव मनाएँगे | छोड़ेगे झूठे रास्ते छोड़ेगे झूठी शान, बदलेगे भाग्य देश का... Read more

नज़्म

बह्र -122 122 122 122 यहां आदमी अब खुदा हो रहा है | जमाना कहां था कहा हो रहा है | अजब हो गये आज हालात सारे – यहां शक्स हर बा... Read more

आल्हा

आल्हा – युग्म गीतिका हम हैं वीर शिवा के वंशज ,राणा की हम हैं तलवार | अरि का शीश काटने को अब ,मचल रही है इसकी धार | दुश्मन से ... Read more

बसन्त

मधु गंध बहे गाये मलंग , प्रिय लागे मुझको ऋतु बसंत | फूली सरसों पीली -पीली , धानी -धानी भाये धरती | मनहर कुसुमोंसे भरी -भरी , लह... Read more

नारी

आल्हा छंद” युग्म गीतिका ••••••••••••••••••••••••••••••• साहस शौर्य शक्ति की प्रतिमा , नारी का जग पर उपकार | दुर्गा लक्ष्मी राज... Read more

नज़्म

बह्र -122 122 122 122 यहां आदमी अब खुदा हो रहा है | जमाना कहां था कहा हो रहा है | अजब हो गये आज हालात सारे - यहा... Read more