एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग। कहानी कविता व समीक्षा की 14पुस्तकें प्रकाशित।200से अधिक पत्र पत्रिकाओं में कविता कहानी समीक्षा आलेख संस्मरण यात्रा वृत्तांत प्रकाशित।दूरदर्शन व आकाशवाणी से कविता कहानी व साक्षात्कार प्रसारित|

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थोड़ी सी जगह

बहुत देर से पहाड़ पर बैठी दो लड़कियाँ देख रही हैं सहस्रधारा लड़कियाँ देख रही हैं सहस्रधारा और मैं देख रही हूँ उनके भीतर सोये... Read more

वृद्धाश्रम

बूढ़ी आँखों से बरसता है दर्द हर क्षण रात के सन्नाटे मेः जगमगाती स्मृतियों के बीच बिखर बिखर जाता है मन गीला तकिया टीस उठता है बा... Read more

बच्चे नहीं जानते अभी

बच्चे नहीं जानते अभी कि कैसे फूटती हैं यादें मील के पत्थरों से बच्चे यह भी नहीं जानते कि किस तरह इंतजार करता है घर ललक उठता है ... Read more

दोस्ती

आओ जिंदगी से दोस्ती कर लें फिर से जी भर कर बतियायें रूठने पर मना लें इसको हौले से प्यार से दबा दें इसकी हथेली इसके कांधे पर ... Read more