Satyam prakash

Joined September 2019

A learner…still struggling to make writing perfect!

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दोहावली

अब तक समझ सके न हम,मानुषता का मर्म। क्यों न मूकदर्शक बने,सकल जगत औ' धर्म।१। मान जहाँ न सु-शील का,खल का हो अधिकार। संवर्... Read more

माहिया छन्द

आंखों से झरती है मोती की लरियाँ जब प्रीत उमड़ती है ।१। प्रिय से संताप हुआ बेसुध - सी विरहण मांग रही प्रीत - दुआ ।२। ... Read more