एक पाठक जो लिखने को प्रेरित हुआ।

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छू लेंगी आकाश,यही संकल्प हमारा।

गीत(रोला छ्न्द) ------- बहुत लिया है काट,घुटन में जीवन सारा छू लेंगी आकाश,यही संकल्प हमारा। मानस रूपी बीज,धरा जो भी पाता है ... Read more

जो छुपी थी बात उसका अब असर होने को है(तरही गजल)

जो छुपी थी बात उसका अब असर होने को है आज उसका ही तो चर्चा दर ब दर होने को है। देख लेंगे जो भी होगा हाल इसके बाद में जिंदगी का ज... Read more