Satendra Gupta

पडरौना-कुशीनगर (उत्तर-प्रदेश)

Joined March 2020

Copy link to share

वफ़ा सब हमारी भुला दीजिए

ज़हन से मुझे अब मिटा दीजिए। वफ़ा सब हमारी भुला दीजिए।। नही दे सका साथ इक पल कभी। मुझे बेवफ़ा दिल, बता दीजिए।। कभी याद आयें न हम... Read more

प्यार की शम्मा जला कर देखिए

ज़िंदगी मुझ को बना कर देखिए। प्यार की शम्मा जला कर देखिए।। साथ दूंगा उम्र भर मैं आपका। इक कदम आगे बढ़ा कर देखिए।। छू न ... Read more

मेरी याद दिल से मिटाने लगे हैं

नज़र आज कल वो चुराने लगे हैं। मे'री याद दिल से मिटाने लगे हैं।। हमारे सपन , जो सँजोते न थकते। वही बे - वफ़ा ... Read more

तेरी आँखें मुझे सब कह रही हैं

मुझे तू प्यार कितना कर रही है। ते'री आँखें मुझे सब कह रही हैं।। किसी के कैफ़ियत मे डूब जाना इशारों ही इशारों में फिर बुलाना नज़र... Read more

ग़म तुझे क्या मुझे ये बताओ सनम

लग रही आँख नम क्यों तुम्हारी बहुत। ग़म तुझे क्या मुझे ये बता ओ सनम।। बे-वजह यूँ न मुझ से ख़फ़ा तुम रहो। जो रज़ा हो तुम्हारी उसे तुम... Read more

प्यार कर के रुलाना नहीं चाहिये

दिल कभी यूँ दुखाना नहीं चाहिये। प्यार कर के रुलाना नहीं चाहिये।। चाहता हो दिलो जान से जो हमें। आँख उनसे चुरा... Read more