पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी से मुख्य नियंत्रक सर्वानन्द पाण्डेय , उपनाम ‘अविज्ञात’ । काव्य श्रृजन १९८५ से अनवरत जारी । प्रथम रचना श्री किशोरी अभिनन्दिनी ख

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संतोष है खजाना

थोड़ा ही पढ़ो साजन , व्यवहार भी बनाना । छूटे न मैल तो फिर , बेकार है नहाना । आॅंखें खराब कर ली , घर में बने जनाना । पचपन के पार ज... Read more