Sarswati Kumari

Joined November 2018

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भाव की शुचि धार है माँ!

प्रेम की साक्षात प्रतिमा,वेद की भाषा धरा पर, भाव की शुचि धार है माँ! नेह की शुचि धार देकर,सींचती हैं माँ तनय को, हर्ष पूर्व... Read more

भाव की पावन धार है माँ!

प्रेम की साक्षात प्रतिमा,वेद की भाषा धरा पर, भाव की पावन धार है माँ! नेह की शुचि धार देकर,सींचती हैं माँ तनय को, हर्ष पूर्व... Read more