Sarita Pandey

Mumbai

Joined March 2018

Blogger, writer(stories,poems,ghazals,etc.)

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तुम

ये तो तय है कि मोहब्बत नही थी तुमसे कभी, मगर हाँ, ख्वाहिशों में तुम भी शामिल थी कभी। #सरितासृजना Read more

ख्याल

कुछ इस कदर था खुद का ख्याल, तेरा खुबसूरत ख्याल नजर नही आया, शम्मां को फुर्सत कहाँ थी परवाने, तेरा जल जाना नजर नही आया। #... Read more

ख्वाब

जी लेने दो मुझको भी ख्वाबों में, हकीकत में तो हर कोई जीता है, उधड़ी हुई पुरानी यादों के लिबास को, मन तनहाईयों में अक्सर, अके... Read more

कहना

जो हमको कहना था वो उन्होनें फरमाया है, मेरे दिल का गीत उनके होठों ने गुनगुनाया है। गफ़लत में रहे हम ख़ुद को लेकर हमेशा, ज़िदगी ने हम... Read more

प्यार

उम्र गुज़र गई तुमको हमपें,हमकों तुमपें ऐतबार न हुआ, ना जाने क्यों हमको कभी,तुमसे "प्यार"न हुआ। नज़रों से नज़रे उलझती रही हमेशा, लब्ज़... Read more

"माँं"

ममता को शब्दों में बाँधने की चुनौती है आज, कहते है वो "माँ"पर लिखो, कम शब्दों में लिखो। क्या लिखूँ? समझ नही पा रही, ममता से भरी त... Read more

"वो सब"

खींची गई जब तस्वीरें , पाक दामन नज़र आये थे, "वो सब"। बेठै थे हवस का खंजर लिए, शराफ़त की महफ़िल में, "वो सब"। हाथ सने थे अस्मत के... Read more

आज ये बारिश

1) क्यों है शोर हवाओं में, बूँदों ने तो बवाल ही मचाया है। बिजलियों के क्या कहने, क्षण-क्षण आकर मुझको डराया है। 2) आज ये क्या ह... Read more

बंदिश

आइये फिर से उस मुद्दे पर बातेंं करेंं जिस पर बार-बार बातेंं होती है, तकरारेंं होती है,चर्चाएँँ होती है, और जब पानी सिर से ऊपर गुजर ज... Read more

लिखा है

आज फिर एक नया फ़साना लिखा है, मुद्दतोंं के बाद वो ही किस्सा पुराना लिखा है।तेरे मेरे बीच घटी अनजानी गुस्ताखियोंं का, वो ही अफ़साना स... Read more

खानाबदोश

कोई बात नही खुशी ना सही, गम को ही हम तो दामन में समेट लिया करते है। आसमां गर ना दे पनाह हमको, हम तो है "खानाबदोश" किसी के भी दि... Read more

कोई

जहाँ कब्रे होती है वो कब्रिस्तान कहलाता है। मेरा दिल भी एक कब्रिस्तान है "सरिता" दफ़न है वहाँ पर कोई। #सरितासृजना Read more

"तुम"

हाँ यह तय है की मोहब्बत नही थी तुमसे कभी मगर ख्वाहिशों में तुम भी शामिल थी कभी। #सरितासृजना Read more

अपनापन

वो सामने से गुज़रा किए कई बार अज़नबियों से, और हम उनमें अपनापन तलाशते रह गये। #सरितासृजना Read more

दर्द के छाले

मेरी खुबसूरत हँसी के पीछे छिपे, दर्द को तू समझ ना पायेगा। दिल को मेरे आ जाय सुकुँन ऐसी कोई, दवा तू मुझको कभी दे ना पायेगा। लाज़मी... Read more

जरुरी

अधूरा है कुछ ,जिसको पूरा करना जरुरी है अब, इन कागज़ो पर मिसाल बनकर उभर जाय, ऐसा कुछ लिखना जरुरी है अब। #सरितासृजना Read more

मैं बिरहन

मैंं बिरहन, मैंं का जाँनू दुनिया की रीत रे, जो जाँनु तो बस जाँनू अपना मनमीत रे। पीय गये है, छोड़कर जब से... Read more

किस्मत

तोड़ना है तेरी फितरत, और जोड़ना मेरी फितरत, देखना है साथ कितना देती है, तेरी "किस्मत" औ मेरी "किस्मत"। #सरितासृृजना Read more

"शब्द"

शब्द हँसाते है ,शब्द रुलाते है ,शब्द ही मन पर बड़े गंभीर बाण चलाते है। अपनों को दूर ले जाते है पऱायों को पास लाते है। शब्द ही है ज... Read more

करप्शन! करप्शन! करप्शन!

आज की ताजा घटना तारीख 2-4-17 स्थान कस्तुरबा पोलीस थाना, बोरीवली (ई) , मुबंई 66 दिन के चार बजे पता चला बहन पुलिस थाने में है ।पूछा त... Read more

लोग कहते है

तेरे दिए मर्ज को लोग इलाज कहते है, तेरे गम मेंं लिखे अलफाज़ो को, मेरी कलम का कमाल कहते है। तू दर्द के साथ जाते-जाते इक दुआ भी दे... Read more

अभिमान

मत कर "अभिमान" समय पर अपने समय बदलता रहता है। कर विश्वास करम पर अपने करम हमेशा संग रहता है। #सरितासृजना Read more

बेटी

मैंं कल भी तेरे साथ थी मैंं आज भी तेरे साथ हूँ,जब पहली बार तू मेरे गर्भ मेंं पनपी थी मेरी खुशी। तेरे पैदा होने पर निहाल हुई, मैंं म... Read more

एक तराजू सच्चाई का

एक तराजू सच्चाई का आओ समस्याओंं को तौला जाय, एक पलड़े मेंं आरक्षण रखे, एक पलड़े मेंं असहिष्णुता रखे, मुद्दोंं को जाँँचे और परखे, ए... Read more

"वो तुम ही थी ना सखी!"

बस खड़ी थी मैंं तो , बस यूँँ ही, उस दिन अकेली उस राह पर, किसी ने आकर ,हल्के से मुस्कुराकर आँँखोंं से मित्रता का दिया निमंंत्रण ,वो... Read more

"मेरे कदम"

चलते-चलते जब थम से गये थे ये मेरे कदम, लगा था मँँजिल को अब तो पा गये थे ये मेरे कदम। हकीकत मगर ये न थी ऐ मेरे सनम, बीच राह मेंं ब... Read more

कल रात

कल रातभर चराग जलता ही रहा ,वक्त भी धीरे-धीरे सरकता ही रहा। तसवीर तेरी हाथ मेंं लिए मैंं बैठा ही रहा,देखकर दिल मेरा थोडा-थोडा दरकता ... Read more

"ब्रज होरी"

ब्रज ,ब्रज होरी गूँज रही , बरसाने की राधा डौल रही। इक हाथ गुलाल लिए , इक हाथ पिचकारी थाम रही। छुप गया नंद का लाला , राधा सारी ग... Read more

"कबीरन"

क्या बुरा हो जो मैं "कबीरन" कहलाऊँ, इक और मूढ़-मति जग को मिल जाऊँ। #सरितासृजना Read more

"अभिमन्यु"

दर्द ने सबको सताया , खुशी और सुँकून की तलाश है। ज़िदगीं की मुश्किलें चक्रव्युह के समान, जिसे तोड़ने को एक "अभिमन्यु" की तलाश है। #... Read more

"मन"

मन का मन पर विश्वास करना हो गया मुश्किल, मन का पाश ,मन का भ्रम जिससे निकलना हो गया मुश्किल। मन ही ना जाने मन क्यों बैचेन उसको समझन... Read more

"मौत"

मौत तो कहते है एक सच्चाई है, "मौत" को देख ज़िदगीं घबराई है। जब यह आती है किसी को नही भाती है, "मौत" की यह एक कड़वी सच्चाई है। ... Read more

"अपराधबोध"

अपराधबोध" जैसी स्थिती हमारे जीवन में कभी ना कभी उत्पन्न हो ही जाती है ।कभी हालात, कभी मनुष्य,या कभी कोई पशु या पक्षी को लेकर। आज मेर... Read more

फकीर की दुआ

कुछ पाना है गर तुझको तो, पाने की ख्वाहिश को जिंंदा रख। जो आग लगी है सीने मेंं, उस आग को कयामत तक जिंंदा रख। तूफांं तो कई आयेगे... Read more

"क्यों ना थोड़ा सा हँस ले!"

रोते हुए पैदा होता है हर इंसा रोते हुए निकल जाती है सारी ज़िन्दगानी, तो क्या हुआ यारो, आओं,आज थोड़ा-सा हँस लेते है। बचपन गुज़रता रो... Read more

"तू"

वो मेरे घर का ख़ाली-ख़ाली सा क़ोना, जहाँ तू रहती थी। वहाँ अब य़ादों ने घर बसा लिया है। #सरितासृजना Read more

रिश्ते

रिश्तों के धागे कभी कमजोर दिखते, कभी, मजबूत नजर आते है। निर्णयों की घड़ी में कभी अपने दिखते, कभी, अपने पराये नजर आते है। जब चाह... Read more

गोया

सुगबुगाहट सी है किसी के क़दमों की, आज ना जाने क्यों फिर से इन फ़िजाओं में। अनजाना सा चेहरा है फिर भी ना जाने क्यूँ, पहचान लग रही मु... Read more

गुनाह

करते है "गुनाह" सभी एक "गुनाह" हमने भी किया, तो क्या बुरा किया। ज़मी को चाह फ़लक की फ़लक को ज़मीं पर झुकाया, तो क्या बुरा किया। ... Read more

कठुआ की परी

देखो आज फिर से हवाओं में मचा कोलाहल, मानवता को "मानवरुपी पशु" ने किया हलाहल। किस की पीठ थपथपाऊँ, किस टीले चढ़ नारा लगाऊँ किसको म... Read more

ये नयन

जब भी ये नयन मुख की भाषा बोल जाते है , बिन कहे कितने ही अनगिनत बोल, वे बोल जाते है। अधरों में कोई स्पंदन नही,कोई कंपन नही, पर य... Read more

"मेरी वेदना"

असर्मथ हूँ आज मैं अपनी वेदना कह पाने में, कैसे समझूँ मूक और मौन की भाषा, इंसान हूँ शब्द और हाव-भाव ही पहचान पाती हूँ, तेरी तकली... Read more

अभिव्यक्ति

मैं पीर पराई कैसे जानूँ, जब मैंने सौ-सौ नीर बहाये है। पग-पग काँटे हरपल शोले, दुनिया ने मेरे कदमों तले बिछाये है। Read more

प्लास्टिक का विकल्प

जब से प्लास्टिक बैन का ड़ड़ा चला है। इस्तेमाल करने वालों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।अब क्या करें सब सोच रहे हैं। समस्या अपने अंदर समाध... Read more

रंग

हास्य के "रंग" मैं बिखेर नही सकती, मुझको गम की काली चादर से इश्क है। होगा उनको नाज़ अपनी खोखली मुस्कुराहटों पर, मुझको अपने नमकीन अ... Read more

"राहत"

माना की दर्द का इलाज अाँसू तो नही है, मगर रो लेने दो आँखों को गर राहत मिले। भटका किये उम्रभर हम श्मशानों में, बैठ जाने दो पास ग... Read more

सुनो सखी !!

सुनो सखी एक बात सुनाऊँ, ध्यान लगाकर सुनना, जरा कान लगाकर सुनना। धमनियों में अब कहाँ यहाँ रक्त बहता है, भष्ट्राचार हर एक नस-नस ... Read more

आजी (2)

समय के साथ मैंं और पदमा अब कुछ-कुछ बदल गये थे ।पदमा बहुत गंंभीर हो गई थी। नंंदा भी अब कम मस्तियाँँ किया करती ।बेरहम समय ने मेरी सहेल... Read more

आजी (1)

बरबस ही उसका चेहरा आँँखोंं के सामने आ गया।नाम कुछ अच्छी तरह से याद नही शायद "शांंताबाई कांंबळे"? हाँँ यही था। लेकिन हम उसे आजी कहा ... Read more

आग

इक आग तेरे सीने में भी है, तपिश मैंने महसूस की है, तुझे माचिस की क्या ज़रुरत। #सरितासृजना Read more