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संवेदना

संवेदना एक शब्द मजबूर कर देता गढ़ जाता अल्फाजों को कुछ सुलझे कुछ अनसुलझे पलों को पीछे होती हैं यादें उन क्षणों की महसूस किया थ... Read more

सर्द अँधेरी रात

सन्नाटे को चीरती हमारी मोटरसाईकिल जब हाईवे पे बाकी वाहनों को मात दे रात की कालिमा को अपनी तेज रफ्तार से चिढा रही थी....... Read more

जकड़ा भारत

जंजीरों में जकड़ा भारत आंसू अविरल बहाता है, मुक्त हुआ गोरों से तो अपनो से कुचला जाता है।१ खण्ड खण्ड विघटित हो जाति- धर्म-समुद... Read more