Santosh Tiwari

Joined January 2017

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"गरीबी और बचपन"

"संतोष तिवारी की कलम से" वो चैन से सोए धरती पर हम मख़मल पर भी सो न सके वो खुश थे खेल के सड़कों पर हम पार्क में भी न खेल सके ब... Read more

"नन्ही सी बेटी"

नन्ही सी बेटी बड़ी हो गई अब तो पैरों पे अपने खड़ी हो गई थाम बाबुल की ऊँगली जो थी चल रही अपने ससुराल की वो परी हो गई जिसकी माँ थी... Read more

देश को समर्पित चन्द पंक्तियाँ

"संतोष तिवारी की एक रचना" सैफ अली खान एवं करीना कपूर खान के पुत्र का तैमूर नाम सुनकर कुछ पंक्तियाँ याद आ गईं। ज़रा गौर कीजिएगा... Read more

"बचपन"

दुनिया के सब ग़मों से अन्जान है बचपन हँसते हुए होंठो की पहचान है बचपन बेहतर है हर उम्र से ये दौर उम्र का हर शख्स की ख़्वाहिश और अ... Read more

"पिता"

चुभ रहे जूते में वो मीलों चले जाते रातों में अक्सर वो वापस देर से आते करके मेहनत जो कमाते घर वो ले आते दर्द अपने वो नही बच्चों से... Read more