Santosh Roy

Joined November 2018

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मेरी माँ...

गिनती नही आती मेरी माँ को यारों, मैं एक रोटी मांगता हूँ वो हमेशा दो ही लेकर आती है. जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था गोद मे उठाकर ... Read more