Santosh Shrivastava

भोपाल , मध्य प्रदेश

Joined November 2018

लेखन एक साधना है विगत 40 वर्ष से बाल्यावस्था से होते हुए आज लेखन चरम पर है । यूनियन बैंक मे कार्यरत के दौरान बैंक के मैगज़ीन, भारतीय रिजर्व बैक के अलावा अन्य बैंक पत्र पत्रिकाओं के अलावा राष्ट्रीय स्तर की मैगजीन में सतत लेखन , काम्पटिशन में अनेक पुरस्कार प्राप्त । कवि गोष्ठी, सेमिनार, परिचर्चा में सहभागिता एवं मंच संचालन। आकाशवाणी से कहानी , कविता पाठन प्रसारण, नाटक स्थानीय एवं हवामहल से प्रसारित। अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ।

Copy link to share

फैलाओ सुगंध जीवन में

बनो तुम चंदन से फैले जब सुगंध सब ओर हो जाएँ दीवाने सब जीवन में लगे जो चंदन माथे पर शीतल हो जाएँ तन मन लगे जब च... Read more

विडम्बना

एक काला युग लेटा है तीरों की शैया पर भीष्म इस उम्मीद में आ कर डालेगा दो बूँद जल कोई थके-मांदे है सैनिक अनेक को... Read more

कहाँ से कहाँ आ गये हम

कहाँ से कहाँ आ गये हम जवानी से बुढापे की दहलीज तलक आ गये कहाँ से कहाँ आ गये थे पहले गेंद मुलायम आज फुटबॉल हो... Read more

अधूरी है जिन्दगी

अपनों की यादोँ सेे भरी है* *जिंदगी* *सुख और दुःख कि पहेली है* *जिंदगी* *कभी अकेले बैठ कर* *विचार कर तो देखो* *मौत के बगैर अध... Read more

मृत्यु अटल है

सत्य अटल है कर्म अटल है ईश् अटल है अंतरिक्ष अटल है ब्रहमाण अटल है सृष्टि अटल है पृथ्वी अटल है जल अटल है वायु अटल है अग्नि... Read more

बदनाम जिन्दगी

बहुत ढूंढा उसे वो मिल न सकी , वक्त बेवक्त दिखती रही, वो कभी इस कंधे पर तो कभी उस कंधे पर, वो बस ... Read more

बदनाम जिन्दगी

बहुत ढूंढा उसे वो मिल न सकी , वक्त बेवक्त दिखती रही, वो कभी इस कंधे पर तो कभी उस कंधे पर, वो बस ... Read more

हम रोक न सके

लव हिलते रहे बात हो न सकी अश्क गिरते रहे वो समेट न सके बस यहीं होती है खत्म कहानी जिन्दगी की , वो जाते रहे हम रोक न सक... Read more

स्वतंत्र भारत

पिरामिड 1 है देश स्वतंत्र भाग्यशाली भारतवासी गर्व लोकतंत्र रहे यह अमर 2 है हम स्वतंत्र रखें मान लोकतंत्र ... Read more

चुनरी तेरे रूप अनेक

जो लहराई चुनरी गगन में गूंजे जय माता दी के जयकारे जो ढांका माँ ने चुनरी से ममतामयी गोद है वो ओढ़ी चुनरी ... Read more

अब भी सुधर जा इन्सान

बनता है मानव अनजान बहुत भोला है उसका ज्ञान बाढ़ जल प्रलय से होता है परेशान प्रकृति को करता है बदनाम रोक दिये है बहाव... Read more

हुआ कश्मीर स्वतंत्र

है भारत अखंड न झुका है न झुकेगा खत्म की कश्मीर से धारा 370 एक देश है एक ध्वज होगा है एक से विचार सब के कश्मीर से कन... Read more

वो पराई हो गयी

ज़माने में यादें वो बेवक्त दे गयी बीच मझधार में छोड़ वो पराई हो गयी कहाँ तलक सहें उनकी बेबफाईयाँ पास ... Read more

पंछी सी भरो उड़ान

देखते नहीँ पंछी ऊँचाई वह तो भरते है खुल कर उड़ान एक परिवार सा होता है उनके लिए ज़मीं औ आसमां रख कर हौंसला ल... Read more

सजता जीवन

लगती अच्छी सज्जा सब को घर आँगन और देश समाज सजे झूले सावन झूमें फैली हरियाली चहुंओर लगे सजावट से घर सुन्दर रहे ... Read more

स्वागत बरखा

1 बरसा पानी हुई धरती तृप्त है हरियाली 2 घर आंगन फैलती हरियाली स्वागत वर्षा 3 सावन झूले झूमती हरीतिमा मंगल गीत ... Read more

नाते बने प्रेम के

हाइकु विधा 1 नहीं हो नाते स्वार्थ मतलब के रिश्ते हो सच्चे 2 पत्नी से नाता लड़ना झगड़ना है मोहब्बत 3 देश से नाता ... Read more

जीवन में नाते रिश्ते

रखो आपस में प्रेम , अपनापन रहेंगे ज़िन्दा नाते रिश्ते रह नहीं जाता कुछ जब टूट जाता है नाता आत्मा का देह से ... Read more

नमन तुम्हें सूर्य देवता

भयो भौर चहके पंछी फैली सुनहरी किरणें भानु की नम: भानु नया दिवस नया संदेशा ले कर आया भास्कर नम: भास्कराय झूम उठी प्... Read more

पिता को नमन (विधा सायली)

1 गलती डांट पड़ती चुप खड़ा मैं पिता सामने नमन 2 रक्षा देश की सैनिक बना मैं आशीष पिता सलूट स्वलिखित लेखक संतोष श्... Read more

जीवन पायो हीरा सा

मिला है जीवन हीरा लगाओ इसे सदकर्मो में उड़ जाऐंगे प्राण पंछी बन न रह जाऐगा तब कुछ है बच्चे हीरे माता पिता के उतरना... Read more

दोस्त जो निभाए साथ (मित्र दिवस पर कविता )

मित्र कहो या दोस्त कहो फ्रेंड हो या हो वह कोई हमसफ़र होना चाहिए वह सच्चा साथी बुरे वक्त में साथ निभाएँ अगर हो राह ... Read more

राखी पर तोहफा

घर का माहौल बोझिल है । आज राखी के दिन भी सरला गुमसुम सी बैठी है । नहीं तो अब तक वह घर सिर पर उठा लेती थी: " माँ मैं कौन सा स... Read more

हो नीव मजबूत जीवन में

भले ही हो घर छोटा या हो बड़ा पर चाहिए नींव मजबूत देती है यह जीवन भर आधार रहता निश्चिंत पूरा परिवार धर्म ईमान का... Read more

ताकत , कलम की

है बहुत ताकत कलम में " सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है " कलम ने जगा दी थी अलख देशभक्ति की दिलों में कलम शक... Read more

ले फैसले सही

होते हैं फैसले बहुत संवेदनशील सही रहे तो परिणाम अच्छे वरना जीवन भर किच-किच लें ऐसे फैसले न बढ़ाए वो फासले चलाए जब गाड... Read more

कभी रूठते वो

होती रहती है अनबन मत लो इसे अन्तर्मन में उसने बोला हमने बोला बस बात करो यहीं खत्म मत बुरा मानों अपने अपनों का कभी ... Read more

अच्छा नही हठ

1 बच्चों को प्यार उन्हें बिगाड़े हठ समझे सब 2 यह बुढ़ापा है जिद्दी स्वभाव सुनो उनकी 3 हठ हमेशा देती है नुकसान बच... Read more

आभार माता पिता का

माता पिता होते है सेतू माँ ढकती ऑचल में पिता सिखाता फतेह करना पहाड़ हर मुश्किल में खड़ा रहता साथ हटा हर काँटा ... Read more

जीवन में चुनौती

होता नहीं मुकाम नज़दीक लक्ष्य गर दिख जाए लगाओ दौड़ बिना रूके मंजिल पहुँच जाऐंगे हिमा है भारत की शान इच्छाशक्ति ... Read more

सिकुड़ती जिन्दगी

ज्यों ज्यों बढने लगी रिश्तों में सिकुड़न होते गये दूर हम अपनों से सिकुड़न जब दूर होने लगी चादर में अदालत तलक... Read more

पिता तुझ सा कोई नहीं

माता पिता होते है सेतू बच्चों के माँ रखती है ध्यान ऑचल में छिपा कर पिता सिखाता है फतेह करना पहाड़ हर मुश्किल में... Read more

सोनचिरईया कहाँ हो तुम

कहाँ कहाँ न ढूंढा कहीं न मिली वो कभी आ खिड़की से झांकती थी वो बड़े प्यार से बुलाती थी वो कभी घरोंदा बनती थी वो कभी दाना ... Read more

भ्रम

है जवानी एक धोखा मत होओ मदहोश इसमें कर्म ही पहचान है गर रहे संयमित जवानी में नहीं होगी बदनामी जीवन में यौवन ह... Read more

कारगिल विजय हमारी

हैं प्रहरी देश के वीर जाबांज विजय पताका फहराया तिरंगा कारगिल पर मनाते है हम विजय दिवस हर सैनिक का है बलिदान अमूल्य ... Read more

पहुँचना है मंजिल तक

राही न थक तू बढता चल अविरल हैं राहें लम्बी मुश्किल हैं डगर अनजान हैं पगडंडियाँ पहचान बनाते चल तू रूका, होंगी ... Read more

जरुरत एक क्रान्ति की

हर एक को पसंद है आजादी हैं कुछ उसूल आजादी के रहें देश के प्रति वफादार सोचे देश के बारे में होते हैं जो सच्चे ... Read more

बचपन बनाम बुढ़ापा

नहीं सोचा था बचपन में बुढापा आऐगा कागज की नाव बुढ़ापे तलक लकड़ी की हो जाऐगी मम्मी पापा की फटकार अब यादें ... Read more

दिलों को जोड़ती है भाषा

भाषा जोड़ती है दिलों को भाषा है अभिव्यक्ति का साधन हिन्दी है राजभाषा हमारी सबसे प्यारी सबसे निराली सहज सरल और मृदुभाषा ... Read more

बुढ़ी आँखे और एक उम्मीद

रखा यूँ संजो कर उसने आँसूओं को गिर न जाएं किसी झील में उफनते सैलाब बयां करते है किसी मजबूर के उम्मीद थी वो आएगी ए... Read more

चिराग

1 जले चिराग तड़पता दरिन्दा रोशन जग 2 अंधेरी रात बुझ गया चिराग भटके लोग 3 बढ़ा आतंक गुम हुए चिराग बेबस मन 4 है देश... Read more

चिराग तेरी गजब कहानी

होते है बच्चे चिराग माता पिता के रखते हैं उम्मीद करेंगे नाम रोशन उनका टूटता है दिल तब गलत कामों से बदनाम करते है बच्... Read more

बरसात (एक विचार )

देश में पानी के बहाव जगह पर अतिक्रमण से , बरसात का पानी बाढ़ जैसे हालात पैदा करते है जिससे तबाही मचा जाती है और लोग बारिश को ... Read more

सब हो सुखी

चाहिए समाज में मेहनतकश आधी आधी रोटी खायें पर रहें सब एक सूत्र में फैलाना है संदेशा समाजवाद का अन्न जल पर हो सब ... Read more

संयुक्त परिवार, खुश परिवार

है संयुक्त शब्द शक्तिशाली रखता हमेशा घर को बलशाली संयुक्त परिवार है सब के साथी दुःख सुख में हैं एक दूसरे के साथी पश्... Read more

जिंदगी के पहलू

दिनांक 16/7/19 जिन्दगी से उनकी दूर चले जाएंगे यादें हैं दिल में, लौटना नहीं है है कैसी कशमकश है जिन्दगी आँख... Read more

गुरू है मार्गदर्शक

दिनांक 16/7/19 है जीवन गुरू आश्रित होता सब मंगल है गुरू बिन भटकाव जीवन में मार्गदर्शक बनते गुरू जीवन में है जीवन... Read more

रात भर का मेहमान है अंधेरा

होती नहीं रात हमेशा के लिए रात होती है रात भर के लिए रात और दिन का है नाता एक दूसरे का होता नहीं समय हर किसी का ... Read more

प्यार

जिन्दगी में इतना प्यार करते है उनसे , हर तरफ बस वो ही नजर आने लगे हैं स्वलिखित लेखक संतोष श्रीवास्तव भोपाल Read more

बेवफा बारिश

कविता बारिश भी आज हो रही बेईज्ज़त खुश होने के बजाय कोसते हैं बारिश को इन्सान भर जाता है पानी शहर, मोहल्ले, ... Read more