sanjiv salil

Joined January 2017

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दोहा- ओशो

ओशो चिंतन: दोहा मंथन १. लाओत्से ने कहा है, भोजन में लो स्वाद। सुन्दर सी पोशाक में, हो घर में आबाद।। रीति का मजा खूब लो * ल... Read more

दोहा

दोहा सलिला बिन मौसम बरसात क्यों, कटे न काटे रैन। प्रीतम की छवि देखकर, निशि दिन बरसें नैन।। * कल की फिर-फिर कल्पना, कर न कलपना ... Read more

दोहा-ओशो

ओशो चिंतन: दोहा मंथन २ * जो दूसरों के दोष पर ध्यान देता है वह अपने दोषों के प्रति अंधा हो जाता है। दो औरों के दोष पर, देता पल-... Read more

गीत

गीत: नदी मर रही है * नदी नीरधारी, नदी जीवधारी, नदी मौन सहती उपेक्षा हमारी नदी पेड़-पौधे, नदी जिंदगी है- नदी माँ हमारी, भुलाया ... Read more

दोहे

दोहा सलिला: * अनिल अनल भू नभ 'सलिल', पंचतत्वमय सृष्टि। मनुज शत्रु बन स्वयं का, मिटा रहा खो दृष्टि।। * 'सलिल' न हो तो किस तरह,... Read more

गीत:

गीत: जन-गण ने बस इतना चाहा एक रचना: * जन-गण नेबस इतना चाहा, तुम वादों को कहो न जुमला. * सूख न जाए कहीं तुम्हारी, आँखों का पान... Read more

दोहा: श्री श्रीरविशंकर जी

श्री श्री रविशंकर जयंती:दोहांजलि गुरु जलवत निर्मल-तरल, क्षीर लुटाते घोल। पंकज रख तलहटी में, बाँटें पंकज बोल।। * प्रवहमान हैं प... Read more

दोहा: परीक्षा

दोहा सलिला: * श्वास-श्वास है परीक्षा, उत्तर मात्र प्रयास। आस न खोना हौसला, अधर सजाना हास।। * जो खुद ले निज परीक्षा, पल-पल रहकर... Read more