Sanjay Narayan

Mohammadi Kheri

Joined February 2020

सम्प्रति:
Principal, Government Upper Primary School, Pasgawan Lakhimpur Kheri

इससे पूर्व सीतापुर के आनंदी देवी सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में गणित के आचार्य के रूप में 2003 से 2004 तक शिक्षण कार्य किया।
मोहम्मदी खीरी में पी डी भारतीय इंटर कॉलेज में 7 बर्ष शिक्षण कार्य किया।
पसगवां ब्लॉक के वरिष्ठ ABRCC के रूप में वर्ष 2014 से 2019 तक सेवाएं दीं।

शिक्षा:-
MSc गणित, MA in English, MEd, PG Diploma in Journalism, PG DMIT

Achievements:

अमर उजाला काव्य की वेबसाइट पर 21 रचनाएं प्रकाशित
Your Quote. com की वेबसाइट पर अंग्रेजी की 51 poems प्रकाशित
Writer’s Outlet की वेबसाइट पर english poetry collection “Lilies of Nectarous Lake” by Sanjay Narayan NECTAR
प्रकाशित
कई हिंदी की कविताएं स्थानीय समाचार पत्रों दैनिक आज, जनसंदेश, राष्ट्रीय सहारा व स्वतंत्र भारत मे प्रकाशित।

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मैं लोगों को नज़रों की ऐनक पहनाऊंगा

धोखे की तारीकी से बाहर ले आऊँगा। मैं लोगों को नज़रों की ऐनक पहनाऊंगा।। इन सफेदपोशों की फितरत धोखा है मक्कारी है। इन सफेदपोशों की... Read more

किन्तु सफर आसान रहेगा

जीवन एक सफर है जिसमें तरह तरह के पथ आएंगे। जो पथिकों को लक्ष्य भुला दें कुछ ऐसे मन्मथ आएंगे।। कहीं मोह आड़े आएगा कुछ आलस की अड़... Read more

समय सम्पदा

किसे ज्ञात है अंत समय कब आएगा। ज्ञानी कार्य समय रहते निपटायेगा ।। समय निकालो जग को अपना करने का। अपनों से मिलने, मिलकर बातें करने... Read more

प्रेमदिवस कैसा?

धरा के अधर सूखे तो जलद से आस थी बाँधी तृषा है धरा की बाँकी जलद आँगन नहीं आया। यद्यपि रंग बिरंगे सुमन खिले उपवन में किन्तु उमंग ... Read more

अच्छा ही किया तूने

अच्छा ही किया तूने दौरे खिजां में हमसे नाता तोड़ लिया। मेरे पास सिवा गम के क्या था तूने गम से नाता तोड़ लिया।। अच्छा ही किया........... Read more

जो तेरे सपनों का मौसम

जो तेरे सपनों का मौसम, वह मौसम मेरा हो जाए। तेरे ख्वाबों की दुनियाँ में मेरा भी डेरा हो जाए। मैं दिल की हालत लिखता हूँ पढ़कर दिल ... Read more

कातिल तो नहीं मिलता

हम साथ तो चले थे, ये मगर खबर नहीं थी, हर माँझ को यकीनन साहिल तो नहीं मिलता। जो नसीब में था बुझना तो चराग़ खुद बुझा है रो रो के र... Read more

मेरी मौत की दुआ करो

मेरी मौत की दुआ करो जिंदगी मुझे हड़ती है। तुम्हारे बिना रो रोकर बसर करनी पड़ती है।। जब मैं तन्हा था तब तक तो ठीक लगती थी, अब ये त... Read more

दिल मे अपनों का ख़याल पाल रखा है

दिल में अपनों का ख़याल पाल रखा है। थोड़ी खुशी तो थोड़ा गम संभाल रखा है।। उन्हें अफसोस है मेरे खुश हालातों पर हमनें हालातों का नाम ... Read more

तेरी वफ़ाएं सोंच सोंचकर

तेरी वफ़ाएँ सोंच सोंचकर दिल घबराता रोता है। तुम भी बिल्कुल वैसे निकले जैसा सारा जग होता है।। दुनियाँ है इस दिल की दुश्मन तुमने ऐस... Read more

कुछ तकलीफ़ उन्होंने दे दी कुछ तकलीफ़ पुरानी है

मेरे दर्द भरे जीवन की इतनी फ़क़त कहानी है। कुछ तकलीफ उन्होंने दे दी कुछ तकलीफ पुरानी है।। कोई पूंछे तेरे दिल की शौके वफ़ा का हासिल ... Read more

कहीं शाम ढलने से पहले

कहीं शाम ढलने से पहले तपता सूरज जला न डाले। तुम ज़ुल्फ़ों का साया करके छा दो बादल काले काले।। सागर की लहरों सी आहें उठती हैं मेरे ... Read more

जन्मदिवस है मेरा आया

मेरा जन्मदिवस है आया। नहीं गुलाब नहीं गुलदस्ता, सजा नहीं है रस्ता- रस्ता। मेरे गलियारे की रौनक से जन्नत की हालत खस्ता। मैं तन्ह... Read more

खाओ केक जन्मदिन बाली

दिल के नगर में आज दिवाली यारों आज न बैठो खाली खाओ केक जन्मदिन बाली मिलकर सभी बजाओ ताली आज नहीं गुमसुम बैठेंगे आज करेंगे शोर। ... Read more

ये मौसम है सावन

उमड़-घुमड़ कर बादल आये बूम-बड़ाम-बड़ाम। दुम दबाकर भागी गर्मी पारा हुआ धडाम। सुबह सुहानी दोपहर सुन्दर प्यारी प्यारी शाम। देशी लंग... Read more

दिवस बीते

दिवस बीते परायों की खातिर हमको जीते। वक़्त के किले जो हमने थे जीते लगते रीते। खुद के होंठ मग़र इनपर हँसी परायी। कितने ... Read more

नए साल पर

काश कहीं दे पाते हम हीरे मोती के हार तुम्हें । नए साल के नए दिनों में खुशियों की नई बहार तुम्हें। एहसास करें जो दिलबर तो यह भी अ... Read more

परिवर्तन समझाते मौसम

परिवर्तन संसार का नियम । कुछ भी यहाँ नहीं है कायम।। सबके आगे दोनों पहलू कभी खुशी है और कभी गम।। मत इतराना रुतबा पाकर परिवर्तन स... Read more

घर का भेदी

1- भाई का हक़ छीनकर बनाया घर का भेदी। 2 - आँख का पानी आँख से बहकर दिल की कहे। 3- तपती धूप ... Read more

उसने कहा

1. उसने कहा प्रेम ही साधना है मुर्गा खिलाओ। 2. बाबा जी बोले सब मोह माया है दक्षिणा तो दो। 3. ... Read more

नेता जी

नेता जी गदगद बहुत, पूरन हुआ चुनाव विजय मिली तो दे रहे निज मूंछों को ताव निज मूंछों को ताव, बने मतदाता उल्लू खुद तो मालामाल उसे ... Read more

नदी चली प्यासे की ओर

नदी बुझाने खुद चली जब प्यासे की प्यास इतराने प्यासा लगा हुआ आम से खास हुआ आम से ख़ास नदी का मोरल डाउन जब प्यासे ने कहा कलर पानी ... Read more

पानी आँख का

1- पानी आँख का बचाकर रखना काम आता है। 2- पानी आँख का मर गया अगर रोओगे फिर। 3- पानी आँख का ... Read more

हाइकु

1- पंख आने दो मैं भी उड़ जाऊँगा आसमान में। 2- मित्र ने देखा मित्र मुसीबत में नौ दो ग्यारह। 3- शिकवे ... Read more

मेरी आँखों में ये जो पानी है

मेरी आँखों में ये जो पानी है, मेरी गुरबत की ये निशानी है। क्यूँ गिला मुझको हो मुकद्दर से ये तो किस्मत की मेहरवानी है। मेरी च... Read more

जज़्बात जल उठेंगे

जज्बात जल उठेंगे मुलाकात गर न होगी वो बात कैसे जाने वो बात गर न होगी. जागे हैं सारी रात हाँथों में हाँथ लेकर, आयेगा चैन कैसे वो... Read more

तू न रोना

"तू न रोना मैं तुझे ढेरों खुशी देता हूँ . तेरे बास्ते अपनी जिंदगी भी देता हूँ. छोड़े जाता हूँ तेरी महफिल को, मैं तुझे अपनी कमी ... Read more

छोड़ो मेरे हाल पे मुझको

छोड़ो मेरे हाल पे हमको दिल को हम बहला ही लेंगे. झूंठा कोई बहाना देकर प्यार के गम समझा ही लेंगे. लाख बुरे हैं मेरे सलीके फिर भी अप... Read more

नजदीकियों ने हमे सजा दी है

नजदीकियों ने हमें सजा दी है नीद रातों की उड़ा दी है इससे तो फासले बेहतर थे दर्द की हर जगह मुनादी है . हमने प्यार के गम में ह... Read more

आते हैं खयालों में

आते हैं खयालों में अक्सर मेरे महबूब मिलते न हक़ीकत में क्योंकर मेरे महबूब रहना हो गवारा उन्हें मेरे दिल में ऐ काश हो जाएं कभी बे... Read more

दीदार भी तुम्हारा फिर प्यार भी तुम्हारा

दीदार भी तुम्हारा फिर प्यार भी तुम्हारा एक साथ जो मिले तो जिंदगी प्यारी लगे वो रूठना मनाना, वो आगोश में आ जाना, जब याद कभी आये ... Read more

मेरी अंजुमन में बहार आ न जाये

मेरी अंजुमन में बहार आ न जाये . तुम्हारे गम का गुबार आ न जाये. उलफत की नजरों से मुझको न देखो, सरे-बज्म मुझको खुमार आ न जाये. ... Read more

सजा कैसी मिली मुझको दिल लगाने की

सजा कैसी मिली मुझको दिल लगाने की छूट गयी मेरी आदत भी मुस्कराने की अब तो अंजुमन में फ़क़त इंतज़ार है क्या तुमने कसम खायी है न आने की Read more

मुक्तक

कीमती वक़्त अपना क्यों जाया करते हो? मेरे खयालों में हर वक़्त क्यों आया करते हो? दिल प्यार की खातिर खुदा ने बनाया है मेरे नादान दि... Read more

हमसफ़र हमें कोई न मिला

हमसफर हमे कोई न मिला बस तनहाई है साथी। जनम-जनम का साथ हमारा जैसे हो दीपक बाती। मुझको क्या खवर लम्बी रातों के बाद सबेरा है हमदर्... Read more

तेरी उम्मीद मेरी चाहत का बयाना होगा

तेरी उम्मीद मेरी चाहत का बयाना होगा तू जो रूठी है तो, तुझको तो मनाना होगा, तीरगी रात है तेरी याद तो आयेगी ही इस खुशी में दिल को... Read more

मुक्तक

मुलाकातों का दौर क्या खतम हुआ मेरे नादान दिल पर बड़ा सितम हुआ. लोग रोते हैं जब उन्हें पहुँचता है सदमा हम हंसने लगे जब हमको बहुत ग... Read more

तेरा ख्याल मेरे ख्वाबों की जन्नत है

तेरा खयाल मेरे ख्वाबों की जन्नत है तेरी निगाह मेरी मयकशी की कुदरत है नसीब में था जो लिखा मिला वही मुझको ये बदनसीवियाँ, तमाम मेर... Read more

मोहब्बत में तुमको दुआ दे रहे हैं

मोहब्बत में तुमको दुआ दे रहे हैं जफ़ाओं के बदले वफ़ा दे रहे हैं हज़ारों सितारों के दिलकश नज़ारे हँस हँस के तुमको सदा दे रहे हैं ... Read more

कोई हादसा याखुदा हो न जाए

कोई हादसा याखुदा हो न जाए तेरा ख्वाब दिल से जुदा हो न जाए दर ब दर भटककर तलाशा है जिसको वही दिलरुबा गुमसुदा हो न जाए चंद पल ज... Read more

मैंने पलकों को बिछाया है

मैंने पलकों को बिछाया है तेरी राहों में कुछ देर ठहर भी जाओ मेरी निगाहों में मुझे शौक़ था मैंने जान छिड़क दी तुम पर तुम चाहो तो गि... Read more

मुक्तक

पलकें भीगी हैं कोई आया हुआ लगता है दिल उनकी मोहब्बत का सताया हुआ लगता है उनकी आवाज़ के यूँ दीवाने हैं कान के पर्दे हर साज उन्हीं क... Read more

कब सीखोगे

कब सीखोगे? रचनाकार- संजय नारायण कब तक रहोगे यूँ ही अनाड़ी तुम होशियारी कब सीखोगे? नए दौर की इस दुनियां की दुनियादारी कब सीख... Read more

राजनीति की गणित लगाकर

राजनीति की गणित लगाकर दोस्त बनाते हैं और दोस्ती पर अपनी इतराते जाते हैं। लालच में गैरों के पैरों में भी लोटेंगे उल्लू सीधा होते... Read more

सही वक्त पर

सही वक्त पर काटिये बढ़े हुए नाखून अगर छिल गयीं उँगलियाँ बह जाएगा खून बह जाएगा खून ज़ख्म नासूर बनेगा पत्थर वाला जिस्म भी चकनाचूर ब... Read more

हम भी पहरेदार बनेंगे

हम भी पहरेदार बनेंगे हम भी चोरी सीखेंगे संग हमारे हाकिम है हम सीनाजोरी सीखेंगे... जो दाता ने दे रक्खा है जीने को पर्याप्त है ... Read more

मुक्तक

नज़र बचाके न जाने किधर गया होगा ज़मीं की तल्ख़ हकीक़त से डर गया होगा रोज हज़ारों ने उसकी कसम झूँठी खायी है मुझे ... Read more

मुक्तक

😊😊😊😊🌞🌞🌞🌞🤗🤗 चारित्रिक गतिविधियों से मैं कुलीनता की थाह बताऊँ जो हैं वंचित और तिरस्कृत उन सबको भी गले लगाऊँ। 😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀 म... Read more

ग़ज़ल

जमाने भर की आँखों के नए सपने 💕💏😻बनाऊँगा मैं बेगानों से ग़म चुनकर उन्हें अपने 👩‍❤️‍👩बनाऊँगा । बनाने का हुनर बख़्शा खुदा ने ... Read more

ग़ज़ल

गमों में मुस्कराना हो गया है दिल ए दुश्मन जलाना हो गया है। दो पैंतरे क्या सीख लिये मैने दोस्त अब सारा जमाना हो गया है। शुरू ... Read more