Sanjay Narayan

Mohammadi Kheri

Joined February 2020

सम्प्रति:
Principal, Government Upper Primary School, Pasgawan Lakhimpur Kheri

शिक्षा:-
MSc गणित, MA in English, MEd, PG Diploma in Journalism, PG DMIT

Achievements:

“किन्तु सफर आसान रहेगा” हिंदी काव्य संग्रह प्रकाशित,
अमर उजाला काव्य की वेबसाइट पर 44 रचनाएं प्रकाशित
Your Quote. com की वेबसाइट पर अंग्रेजी की 66 poems प्रकाशित
Writer’s Outlet की वेबसाइट पर english poetry collection “Lilies of Nectarous Lake” by Sanjay Narayan NECTAR
प्रकाशित
कई हिंदी की कविताएं स्थानीय समाचार पत्रों दैनिक आज, जनसंदेश, राष्ट्रीय सहारा व स्वतंत्र भारत मे प्रकाशित।

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हज़ारों गम भले आएं

हज़ारों मुश्किलें आएं हज़ारों जलजले आएं। अकेले तुम चले आओ, अकेले हम चले आएं। ये झूंठी भीड़ के मेले झमेले छोड़कर देखो तुम्हें हँसते मि... Read more

जीवन भर यह पाप करूँगा

स्वयं टूटकर स्वयं जुडूँगा सब कुछ अपने आप करूँगा। विगत दिनों जो भूलें की हैं उनका पश्चाताप करूँगा।। मेरी त्रुटि थी किया भरोसा मैं... Read more

चकाचौंध

चौकन्ने को ही भटकाता चकाचौंध का खटका। आँख मूँद कर पार हो गया आँख खोलकर अटका। मैंने देखा शांत सरोवर तट पर शांत खड़े थे तरुवर जिन... Read more

पानी और प्यास

पानी पर हक नहीं किसी भी सरहद का सिर्फ प्यास का पानी पर अधिकार है। पानी की होती हैं दो आँखें जिनको प्यासे का प्रतिबिंब ... Read more

आधुनिक

बेटा नयी पीढ़ी का बाप से ये कहने लगा नया हूँ मैं कोई शर्म हया नहीं करूंगा। बड़े बुजुर्गों का तुम्हारी ही तरह मैं भी ध्यान नहीं रखूँ... Read more

जिन राहों पर शज़र दुआ के

घुन गेहूँ में घुस जाते हैं । गेहूँ के सँग पिस जाते हैं। सबसे बचकर चलता हूँ पर घिसने वाले घिस जाते हैं। यार दोस्त जो पिछड़ गए ... Read more

सुख दुख तो मन के उपजाए

सुख दुख तो मन के उपजाए। मूढ़ मंद मति काल चक्र गति विकृति समझ न पाए। गढ़ि निज दोष अपर सिर ऊपर मढ़ि मढ़ि अति सुख पाए। कौन हृदय पर... Read more

तब मैं अपने झंडे गाडूँ

तब मैं अपने झंडे गाडूँ फहर रही जो इनकी उनकी यश की ध्वजा उखाडूँ रात दिवस ये सोंचूँ सबके बनते काम बिगाडूँ खुद का काम बनाने वाले मौक... Read more

जमाने वाले

जमाने की फटी चादर में टांका कौन करता है? यहाँ खुद के गिरेबानों में झाँका कौन करता है? हबस इतनी हड़प जाएं निबाले मुफ़लिसों के भी, भर... Read more

कलेजा

एक दिन मैंने जब इतिहास टटोला तो उसका पन्ना पन्ना बोला कि हमारे पूर्वज तो हुआ करते थे बंदर जो कूदा करते थे इस डाली से उस डाली पर ... Read more

जय कन्हैयालाल की

( 1) आँख में आँख का तारा बहुत चमकता है रूप, मनमोहन! तुम्हारा बहुत चमकता है रमे हो दिल को श्याम तुम जुबान को राधा नसीब इसलिए ह... Read more

तुमने तन्हा छोड़ा है

तुमने तन्हा छोड़ा है पर क्या जिंदा छोड़ा है शायद प्यास बुझे ना अब हमने सहरा छोड़ा है सदियों का दीवानापन लम्हा लम्हा छोड़ा है ... Read more

लड्डू

कल पाँच अगस्त थी काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट व्यवस्था के दिल पर करते हुए चोट अपने जुदा स्वरूपों के संग एकजुटता का मलकर रंग प्यार... Read more

बहुत अच्छी लगने लगी हो

बहुत अच्छी लगने लगी हो दिलो दिमाग पर छा गयी हो। चाँदनी ओढ़कर बर्फ की परी की तरह मुस्कराकर तुम मुख़ातिब आ गयी हो। घटाओं की... Read more

घर हराता है

कोई दिल प्यार से डरता किसी को डर डराता है। कोई अपराध अपने याद करके थरथराता है। जो हिम्मत हार बैठा है वो बाज़ी जीत सकता था, न हार... Read more

पढ़ाई

खुद ही लिखता है, मेरी किस्मत का लिखा पढ़ता है। मिठास ए जुबान को अक्सर वह तीखा पढ़ता है। न जाने किस स्कूल में उसने पढ़ाई की है, मैं क... Read more

खुद जाम पीजिए हमें भी पिलाइए

मेरे लबों की आप सदा बनके आइए। खुद जाम पीजिए, हमें भी पिलाइए। नज़रों में आपकी मयखाना नज़र आये। मखमूर क्यों न हो इनमें जो उतर जाए। ... Read more

दिल्लगी

यूँ तो हर साँस तेरी यादगार होती है। हर घड़ी जुबां पे तेरी बात यार होती है। ये महज एक ख़्वाब है सच है या शराब कोई अब तो दिल्लगी ऐ... Read more

नयन! तुम निर्झर न होना

नयन ! तुम निर्झर न होना, देखकर काली घटाएँ।। कभी सुख से कभी दुख से मेल ऋतुओं का। खिलखिलाना फिर बिफरना खेल ऋतुओं का। राह मे... Read more

हैप्पी बर्थडे टू यू

वेरी वेरी हैप्पी बर्थडे टू यू। तुम गुलाब हो महकते रहो। आफताब हो चमकते रहो। बेशुमार हों खुशियों के पल। लब पे हो सदा प्यार की प्... Read more

दुआएँ

दुआ है कि रोज इस तरह भी बेशुमार आएं। दिन ढले तो बहार आए रात गुजरे तो बहार आए। घटाएँ चिलमन हैं खुशियाँ हैं रोशनी की किरण, घटाएँ ... Read more

चराग ए जश्न

चराग ए जश्न में इस बार बेहद रोशनी होगी। तुम्हारी याद में जलती हमारी जिंदगी होगी। संजय नारायण Read more

याद रहेगा

याद रहेगा तेरा मुँह फेर के जाना मुझको। तेरी बेवफाई, तेरी उल्फत का फसाना मुझको। इतने खुदगर्ज हो तो याद ये रखना संजय जीते जी तसब्बु... Read more

नशीले

दीवाने दिल बड़े रंगीले होते हैं। चाहने वाले बड़े हठीले होते हैं। जागने वालों को नींद आ जाएगी, तुम्हारे ख्वाब बड़े नशीले होते हैं। ... Read more

बसर

तुम्हारी उल्फत का जो असर होता। दिल मेरा धड़कनों का नगर होता। तुम्हारी याद में कुछ रोज तो जी लेता, भुला के तुमको जो एक पल बसर होता।... Read more

दिल्लगी

जबसे आँख लगी उनसे, आँख नहीं लगती, दिल्लगी होगी तब न जाने क्या होगा? संजय नारायण Read more

मना है

हसीनों का दबदबा मेरे दिल पर कुछ इस तरह बना है। जो भी देखो बेरोकटोक बिल्कुल बेखौफ बिंदास चली आती है, मानों मेरा दिल इन्हीं ... Read more

करार

तबसे निगाहे लुत्फ़ को आता नहीं करार, जबसे तुम्हारे अक्स का दीदार हो गया। संजय नारायण Read more

उनके खत

दौरे खिजाँ में आने लगे हैं खत उनके, ऐ काश मेरे चमन में बहार न आए ! Read more

गिरना

जिनकी नज़रों को सही गलत का तज़ुर्बा ना हो, उनकी नज़रों को अखरना क्या, उनकी नज़रों में चढ़ना क्या, उनकी नज़रों से गिरना क्या? संजय नारायण Read more

ईद

इधर से गुजरे तो सोचा कि दीद करते चलें, फिर अपने यारों से कहेंगे "ईद मुबारक हो"। संजय नारायण Read more

बादशाह

हमसे लाखों गुनाह हो गए यारों। हम मुहब्बत में तबाह हो गए यारों। कुछ नहीं मिला हमको सिवा तबाही के, और हम बादशाह हो गए यारों। संज... Read more

पायल का यह टूटा घुँघरू

सुनना चाहें लोग खुशी से मेरे गम की कविता। कैसे ढूँढूँ अपना हमदम उगी है तम की सविता। तन्हाई की आग लगी है तार जले हैं मन के। पायल क... Read more

खफ़ा

जबसे तेरी जुदाई का मुझे एहसास हुआ, मैं अपने आप से बहुत खफ़ा सा हूँ। संजय नारायण Read more

बर्बाद

दिल का जहां आबाद है तेरा गम जो साथ है दौलत है तेरे ख्वाब की मैं कब हुआ बर्बाद। रहमत है ये खुदा की तेरी दीद हो गयी, तू ही है पास द... Read more

बग़ावत

अब बहारें भी सुनेंगी साज जख्मों दर्द के। आज खामोशी बगावत पर उतरने वाली है। संजय नारायण Read more

चैन

तेरा दीदार होते ही, ये आँखें दिल से यूँ बोलीं, हमें बेचैन करने को, तुम्हारा चैन आया है। संजय नारायण Read more

आशा

कुछ स्थितियाँ, कुछ स्मृतियाँ, बेसुध सा भावुक रखती हैं। ये दिव्य, मनोरम , अनुपम सी, कुछ विरली दुर्लभ दिखती हैं। कुछ स्थितियाँ ऐ... Read more

तानाकशी

आपके आँगन की खुशियाँ कर ही लेंगी ख़ुदकुशी। आपको तन्हा करेगी आपकी तानाकशी । जख्म फिर जगने न पाए , दर्द सारी रात जागे। ... Read more

शिक्षक के सम्मान को

(1) शिक्षक के सम्मान को, पहुँचाये जो चोट। उस नेता के पक्ष में , कभी न करना वोट। कभी न करना वोट, खोंट राजा में भारी। करता लूट ख... Read more

अहम वहम

है किसी काम का पहलू सबसे अहम। उसकी शुरुआत हो छोड़कर सब वहम। खुद जो खुद के मददगार थे आदमी, बस उन्हीं पर किया है खुदा ने रहम। र... Read more

दादुरों ने तान छेड़ी

दादुरों ने तान छेड़ी, चुप रहो तुम कोकिलाओं ! हुआ वातावरण कलुषित, कर रहा विष वार चंदन। और दूषित गंध अंजुल भर, प्रणय अभिसार उपवन। ... Read more

हो सकता है

यद्यपि आज चरम पर पतझर, कल सावन हो सकता है। तुम सत्ता का दम्भ न करना, परिवर्तन हो सकता है। कड़वा सच कह देने वाले, या तो जड़े जुबां ... Read more

पैंतरे

कहना सही तुम्हारा, बिल्कुल, वही हमारा कहना है। किन्तु दिखावे की दुनियाँ में, अलग थलग भी रहना है। हर्ज ही क्या जो ऐसा बोलो, उल्लू भ... Read more

पत्थरों की तरह आदतें हो गयीं

हम भी रोये नहीं मुद्दतें हो गयीं। पत्थरों की तरह आदतें हो गयीं। जबसे बेताज वह बादशाह बन गया, पगड़ियों पर बुरी नीयतें हो गयीं। ... Read more

खुशामद

कभी खुशामद क्यों करे, सक्षम और समर्थ। जो कथनी मुँह से कहे, भिन्न रखे ना अर्थ। भिन्न रखे जो अर्थ, दोगला वह कहलाए। जिसके मन मे... Read more

अनुशासन

समय समय पर अनुशासन शब्द की व्याख्या विद्वानों द्वारा की जाती रही है। अनुशासन, दो शब्दों से मिलकर बना है, अनु+शासन। अर्थात अनु उपसर्ग... Read more

कामयाब

कामयाब की नज़र वहीं पर, लगना जहां निशाना है। मंजिल से आधे अंगुल भर, इधर उधर ना जाना है। पाँवों के जेहन में मंजिल , वाले रस्ते बसत... Read more

आश्वासन

आश्वासन सबको दिया, निपटाया निज काम। उल्लू सीधा कर लिया, फिर क्यों करे सलाम। फिर क्यों करे सलाम, बेवज़ह तर्क न बनता। अपना बनता का... Read more

माँ

बेहतर तो कोई इंसान नहीं होगा। कोई माँ से अधिक महान नहीं होगा। देखा कभी नहीं उसको पर लगता है, माँ से प्यारा तो भगवान नहीं होगा। ... Read more