Sangeeta Sharma kundra

Chandigarh

Joined October 2018

Poet
Sangeetasharmakundra.blogspot.com.

My Book “Zindgi” on poems is published which is sponsored by Chandigarh Sahitya Acadmy and is available on amazon and flipkart.

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964 रहगुज़र

तेरी रहगुज़र से न जाने, गुज़र गए कब। विरानगी का ना आया,ख्याल ,गुजरे जब। तेरी रहगुज़र से.........। ख्यालों में मेरे, तू आई ,ना ग... Read more

980 खुद में ही खुशी ढूँढ कर मैं जीता रहा

जमाने की खुशियाँ, मिली जो ना मुझको। खुद में ही खुशी को ढूँढ कर मैं जीता रहा।। बेगाना समझ कर, तड़पाया तूने मुझको। इसी गम को दूर... Read more

966 ज़िदगी का सफर

भरोसा नहीं है पल भर का भी इस डगर में। कब लग जाए पूर्ण विराम इस सफर में। कभी फूलों भरी, कभी कांटों भरी है राहें। कहना है मुश्किल, ... Read more

965 ऐतबार

ऐतबार की बात ना पूछ, हमें उनके हर लफ्ज़ पे ऐतबार है। वो करें ना करें हमसे, मान लेंगे हम, जो कहें हमसे प्यार है। रहगुजर है जो... Read more

960 खारों की बस्ती

खामोशी है हर तरफ, गुल गुलशन मुरझा गए। खारों ( कांटों )ने बस्ती सजाई है। चाँद ने भी खो दी चाँदनी। गुल तिश्रन्गी में मर्ग (खत... Read more

955 तेरा इंतजार

बैठा हूं तेरी याद में दिलबर, कैसे मिटाऊँ तनहाइयाँ। जो तू आ जाए मेरी जिंदगी में, बज उठे शहनाइयाँ। याद तेरी में काटना ... Read more

मेरे सनम

मेरे सनम तुझे मेरी कसम। मुझे तेरी कसम। साथ मेरे तू , रहना सदा। मैं सदा ही, रहूंगा तेरा। हर जन्म हर जन्म हर ... Read more

951 उलझे शब्द

कभी-कभी शब्दों में यूँ उलझ जाता हूँ। कि शब्द कहाँ से कहाँ जा पड़ते हैं। कुछ समझ ही नहीं पाता हूँ। कभी-कभी शब्द यूँ भाग... Read more

952 सुना हाल ए दिल

सुना हाल ए दिल तू अपना, मेरा भी हाल सुन। ना बैठ तू यूँ चुपचाप ,ना रहे यूँ गुमसुम। कोई तस्वीर बना ऐसी, जो दिल में उतर जाए। छेड़ ... Read more

947 बचपन के वो दिन

बचपन के वो दिन। गए हमसे जो छिन। कितने प्यारे थे वो दिन। बचपन .........दिन। दौड़ लगाते बागों में, करते फूलों से प्यार। जिन प... Read more

945 तेरे लफ्ज़ तेरी बातें

तेरे लफ्ज़ों ने दर्द दिया मुझको, तेरी बातों ने गम। फिर उन्हीं बातों, उन्हीं लफ्ज़ों ने लगाया मरहम। क्यों ऐसा होता है, ए मेरे सनम... Read more

943 अपने बेगाने

सोचा था जो अपने हैं, हरदम साथ निभाएंगे। क्या मालूम था हमें, वो यूं बेगाने बन जाएंगे। क्या है पैमाना अपने बेगाने का। क्या पैम... Read more

942 जुदाई

ऐसी तन्हाई है छाई। की दिल की धड़कन, भी देती है सुनाई। याद जब तेरी आई। टिक गई निगाह कहीं, और आँख भर आई। जब से हुई जुदाई। ... Read more

904 बारिशों का मौसम

यह बारिशों का मौसम है , पानी से हलचल हर ओर है । धरती महकी माटी की खुशबू से , खिला इसका कणकण हर ओर से। कभी आँधियां आती हैं जोर... Read more

903 मज़दूर की आवाज

मेहनत से मैं घबराता नहीं। मेहनत से कभी दूर जाता नहीं। बस जो हक है मेरा, मैं उसे कभी पाता नहीं। जरा गौर करो अपने आसपास, उपयोग... Read more

900 आजा सब छोड़ कर

बसा ली उन्होंने नई दुनिया, हमें छोड़ कर। क्या मिला उन्हें ,इस तरह दिल मेरा तोड़ कर। उनके लिए पास आ गए थे हम सब कुछ छोड़ कर। एक... Read more

897 आँसू

आँखों के सागर में समेटे रखता हूँ आँसुओं को। डरता हृँ, कहीं बह न जाएं, किसी के सामने। दर्द सारा सँभाल रखा है सीने में अपने, डरता ह... Read more

894 जिंदगी की ट्रैफिक लाइट

जिंदगी है ट्रैफिक लाइट जैसी। जिंदगी की ट्रैफिक लाइट। लाल बत्ती रहती है जब, जीवन ठहर सा जाता है। कुछ होनी ,अनहोनी का, डर जैस... Read more

869 जब करो तो सोचो नहीं

काम कोई भी मुश्किल नहीं। बस ,जब करो तो सोचो नहीं। कुछ दिमाग के हैं काम। तो कुछ हैं, बाहुबल के। बस ,जब करो तो सोचो नहीं। सोच त... Read more

868 बता मेरा कसूर क्या था

बदल गई नजर जो तेरी, बता मेरा कसूर क्या था। इश्क मुझे हुआ, ना तूझे हुआ, बता मेरा कसूर क्या था। आंखे तेरी है मय से भरी, नजर जो... Read more

866 अरदास करां

गुरु वाणी दा पाठ करां। तेरे आगे अरदास करां। कन्ना विच जेहडे़ शब्द पैण। उन्हानू आत्मसात करां। गुरु वाणी दा पाठ करां। तेरे आ... Read more

867 बुझ तो सबको जाना है

दीया हो या सूरज। बुझ तो सबको जाना है। दिये को तो फिर भी मैं जला रखूं कल तक। सूरज को तो आज की आज ही, बुझ जाना है। कोई कितना भ... Read more

865 देश के वीर

देश के वीरों ने दे कर जान। मां भारत की रखी शान। दि धी आजादी की जंग को चिंगारी। भारत माँ सदा तुम्हारी रहेगी आभारी। तुम थे देश... Read more

864 किराएदार

हमने उनको दिल का कमरा हमेशा के लिए दिया। क्यों वो छोड़ गए हमें, क्यों खुद को किराएदार समझ लिया। सोचा था साथ साथ ,जीवन के रास्ते ... Read more

863 आया होली का त्यौहार है

आया होली का त्यौहार है। लाया रंगों की बौछार है। खूब उछाले रंग है़ंं। रंगीन हुआ घर द्वार है। होली का त्योहार है। आओ मिटा दें... Read more

468 होली रंगीली रे रंगीली

होली रंगीली रे रंगीली, रंगों से भरी हुई, गली में आई छैल छबीली। रंग बिखेरे इधर-उधर, मारी पिचकारी जोर से, और कर दी हर च... Read more

861 आशा और निराशा

आशा जो ना रखी किसी से तो, निराशा भी कहाँ मिलेगी। हिम्मत जो तूने रखी तो, कामयाबी जरूर मिलेगी। खुद पर भरोसा कर। खुद से ही हिम... Read more

855 क्या करूँ

यूँ तो है भरोसा मुझे तुझ पर, पर क्या करूँ। भरोसा तूने तोड़ा भी बहुत है, मैं क्या करूँ।। यकीन तो बहुत किया तुझ पर, यकीन अब ... Read more

856 यह दिन भी गुजर जाएंगे

वो दिन भी गुजर गए हैं। यह दिन भी गुजर जाएंगे।। ना वो दिन रह पाए हैं। ना यह दिन रह पाएंगे।। मजा लेता जा जिंदगी का। जैसे भी ... Read more

853 खुशी से जी लूँ

क्या खबर कल की, आज ही मैं जी लूँ। क्यों खोया रहूँ गम में, क्यों ना आज खुशी से जी लूँ। गम के घूट पीकर,कल का मरता आज ही ना म... Read more

848 नशा किसी भी चीज का अच्छा नहीं

नशा किसी भी चीज का अच्छा नहीं। चाहे हुस्न का हो,या फिर धन का। नशा किसी भी चीज का अच्छा नहीं। होता ये वैसा ही है ,जैसे होता रम क... Read more

843 आ ज़रा पास आ

होश खो बैठा हूँ, मुझे तू इतना ना सता। आ दिखा सूरत अपनी ज़रा पास आ। तड़प रहा हूँ सूरत तेरी देखने को। कर करम दे दरस ,आ ज़रा पास... Read more

836 देश अपना गद्दारों से साफ हो

क्या कहें वक्त और हालात को। दुश्मन नहीं समझता प्यार के अल्फाज़ को। उठाना ही होगा हथियार अब। छोड़ना होगा प्यार के जज़्बात क... Read more

840 चलो तो सही

जिंदगी आसान नहीं। कई मोड़ आते हैं राहों में। संभल कर चलो, पर ,चलो तो सही। आएंगे रास्ते पथरीले, और कांटे भरे। फिर भी चलोग... Read more

839 जन्मदिन मुबारक

मुबारक हो तुझको जन्मदिन की खुशियाँ। जैसे बीती जिंदगी, बीते और भी बढ़िया। मुबारक हो तुमको सेहत और बेहतर। खुश रहो ऐसे ही तुम, आग... Read more

838 मुझे है परवाह इस देश की

मुझे है परवाह इस देश की। जान न्योछावर कर सकता हूँ। क्यों नहीं हमारी नेता हैं ऐसे, जो कहे मैं देश के लिए मर सकता हूं। मेरा देश... Read more

835 पढ़ने और सीखने का फ़र्क

फ़र्क है, सीखने में ,और पढ़ने में। पढ़ कर हम भूल जाते हैं, सीख कर नहीं। पढ़कर मिलेगी नौकरी पर, बन पाएगा वह अच्छा इंसान नहीं। ... Read more

834 खो गया जो देश के लिए

झूमती गाती ए हवा़। दे जरा मुझे उसका पता। खो गया जो देश के लिए। कहाँ है आसमान में वो ये बता। कहां चमका आकाश में वो। कौन सा ... Read more

813 कर एहसान मुझपे

कर एहसान मुझपे, कुछ मेरी भी कद्र कर। मेहनत कर रहा हूँ, कुछ मेरा भी जिक्र कर। देख रहा हूं तेरी तरफ़, मैं प्यासी नजरों से... Read more

784 नए साल के नए पल

मुड़ के देखा तो समय का पंछी उड़ गया था। कैसे बीता वह समा ,जो कल तक तो नया था।। आने वाले दिनों की, सोचें थी, मन में तब कितनी। कै... Read more

781 देखो कैसी यह परी है

आसमान से उतरी है। देखो कैसी यह परी है।। सुंदरता की मूरत है। जैसे देवी खड़ी है।। कैसे रोशन हुआ हर कोना। रोशन हुई यह घड़ी है।।... Read more

771 आदमी ,आदमी को क्यूं तड़पाता है।

नहीं जानता क्यों यह आदमी ,आदमी को यूं तड़पाता है। चाहता है उसी से प्यार, जिसको दर्द देता जाता है। ना मिले खुद को प्यार ,तो तड़... Read more

631 हां मैं बदल रही हूं

हां मैं बदल रही हूं। वक्त के साथ संभल रही हूं। अब मुझे दूसरों का कुछ बोलना नहीं सताता। क्योंकि जब वह बोल रहे हों, मेरा ध्या... Read more