नाम -संध्या चतुर्वेदी
शिक्षा -बी ए (साहित्यक हिंदी,सामान्य अंग्रेजी,मनोविज्ञान,सामाजिक विज्ञान )
निवासी -मथुरा यूपी
लेखन विधा-कविता ,गजल,संस्मरण, दोहा,कुण्डलिया,मुक्तक,हाइकु ,तांका, त्रिवेणी विधा,क्षणिकाएं, लघुकथा, कहानी और लेख लिखना,नृत्य ,घूमना परिवार के साथ और नए लोगो से सीखने का अनुभव।
व्यवसाय-ग्रहणी,पालिसी सहायक,कविता लेखन

Books:
समकालीन हिंदी कविता,काव्यस्पंदन पित्र विशेषांक,अमृत काव्यम

न्यूज़ बेंच,राजधानी चेतन,सम्पर्क भाषा भारती, अखंड भारत,जयदीप पत्रिका,इंडिया पोलिबिज मैगजीन ,अकोदिया सम्राट,समकालीन हिंदी कविता ,अमर उजाला काव्य,खादी और खाकी ,माथुर चतुर्वेद,चतुर्वेदी पालागन,पत्रिका में प्रकाशन

Awards:
कागज दिल तरीका,काव्यांचल आवाज सम्मान।।

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एक लड़का,जो मुझसे प्यार करता है

एक लड़का हैं,जो प्यार मुझसे करता है। हालांकि दुनियाँ से कहने से डरता है। थोड़ा दीवाना सा, थोड़ा प्रेमी सा कुछ पागलपन सा,वो करता है... Read more

माँ

माँ तुम जननी हो जीवन जन्म दायनी कितनी पावन सादर नमन है। हे माता तुमसे ही जीवन संभव हुआ मातृ दिवस पे आज तुम्हे वंदन। ... Read more

वो दीपावली कब आयेगी

दीपावली का त्यौहार भारतवर्ष में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाने वाला त्यौहार है। प्राचीन मान्यता के अनुसार जब सतयुग में श्री रामचंद्र ... Read more

मेरे प्यारे बेटे,दिवाली पर घर आ जाओ

मेरे प्यारे बेटे राजा जल्दी से घर आ जाओ। दिवाली पर राह तके माँ, कुछ दीप तुम भी जला जाओ, आज बनाई घर मे गुजिया मीठी, मावे की ज... Read more

आज धरा पर चाँद का मान मर्दन होगा

आज धरा पर चाँद का मान मर्दन होगा। जब धरती पर सुहागिनों का मंगल होगा। लगा हाथों में सुंदर मेहंदी लगी हुई होगी। काँच की लाल लाल च... Read more

नवरात्रि नौ अवतार

जय अंबे ,अष्ट भवानी अंबे माँ सिंह भवानी जय माँ, जगदंबे अंबे माँ।। १)जय माँ शैलपुत्री ,आ जाओ मेरी माँ, धन - धान्यप्रदायिनी मेरी... Read more

श्राद्ध और ब्राह्मण भोज

श्राद्ध और ब्राह्मण भोज आज कल एक नई फैशन और नई सोच समाज में तेजी से बढ़ रही है ।जहां शिक्षित वर्ग इसका अनुसरण करते नजर आ रहे हैं... Read more

ब्रज भाषा

हाँ मैं ही ब्रज भाषा हूँ कृष्ण की प्यारी हूँ मैं ब्रजभूमि की सुकमारी हूँ मैं काहे शर्माते हो ब्रज बोली बोलन में हमे तो नाज ह... Read more

धर्म की रक्षा

धर्म के विषय में एक श्लोक है : स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः अर्थात अपने धर्म के लिए मरना भी श्रेष्ठ है ।दूसरे धर्म ... Read more

राधा रानी जन्म

भाद्र मास शुक्ल पक्ष अष्टमी को , प्रकट भयी राधे रानी सुकमार। दैव लोक से आ रहे, सभी दैवता दर्शन को आज। धन्य धन्य हो रही ब्रज भूम... Read more

एक पगली लड़की

सुनो एक पगली सी लड़की तुम्हे बहुत चाहती है तुम सिर्फ उस के हो ये सोच के इतराती है बेइंतहा कोई किसी को चाहे ये मुमकिन तो नही बस... Read more

हिंदी मेरा मान, मेरा सम्मान

सच सोचनीय विषय है,जब हिंदुस्तान में हिंदी का सम्मान नही तो और कही कैसे होगा? सर्वप्रथम हम सब को अपनी मातृ भाषा से प्रेम करना होगा। ... Read more

कलम तो जरिया है

कलम तो एक जरिया है, दिल के दर्द जताने का। असल मे हर्फों में बयां हो जाये वो हम नही है। जन्मो लगेंगे तुम्हे हमे समझने में। बहुत ... Read more

कृष्ण भजन

१)कृष्णा संग बसे राधा बिन श्याम सब आधा मन बसे रूप सादा ये ही सच्ची प्रीत है। २)श्याम जब से मिले हो कष्ट सारे ही हरे हो बजे म... Read more

राखी का त्यौहार

विधा-दोहा ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''' भाई घर की शान है, बहना है अभिमान। देखो बहना के बिना,... Read more

अटल कहानी दे गये

रोता अंबर भी आज व्यथित हो धरती पर छाया सन्नाटा कैसा। जो थे अटल स्वयं एक रक्षक। सोते हैं आज धरती की गोदी में। होनहार थे जन्म ... Read more

मेंहदी

विषय -मेंहदी विधा -धनाक्षरी कर सोलह श्रंगार वधू चली ससुराल लगती आज गजब मेंहदी सजी हाथों में। पिता का प्रेम इस मे पति का... Read more

सावन में साजन का संग अच्छा लगता है

सावन में साजन से मिलना अच्छा लगता है । मेहंदी और महावर से सजना अच्छा लगता है । ये चूड़ी और कंगना अच्छा लगता है । अमवा की डाली ... Read more

यूँ ही नही एक माँ ,माँ बन जाती है।

यूँ ही नहीं एक माँ, माँ बन जाती है। रखती नौ मास गर्भ में सहेज के भूर्ण को वहाँ अपने रक्त से सींच कर उसे शिशु बनाती सहती प्रसव... Read more

दिल तुझ पर हम अपना हार बैठे

दिल तुझ पे हम अपना हार बैठे। सागर में कसती..... उतार बैठे। हसरतों को दी जब उड़ान हम ने। सारी हदें हम अपनी भुला बैठे। मिलता ह... Read more

वो लड़का बहुत याद आता है

कभी मुझ को रुलाता कभी मुझ को हँसाता कितना सताता है। वो लड़का बहुत याद आता है..2 कभी मुझ को मनाता कभी खुद रूठ जाता कभी सीने ... Read more

सावन के दोहे

प्रदत्त शब्द-छाता, घटा,रिमझिम १)महिना सावन आ गया, रिमझिम है चहुँ ओर। पेड़ों पर फल लद गये, नाचे वन में मोर।। २)छाता साजन ले गये... Read more

वर्ण पिरामिड

मै सीता पावन पवित्र हूँ सहूँगी नही जुल्म तेरे अब।। ये आज की नारी कमजोर समझ मत तेरी भूल है ये।। हूँ राधा कोमल सुकम... Read more

कह मुकरियां

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 उस से जो मै मिल ना पाऊँ सच कितना ही मैं घबराऊँ मिले चैन, देखु जब तेरा लुक का सखी साजन,ना सखी फेसबुक।। जब से वो जीवन ... Read more

तू सहारा

विधा-मनहरण धनाक्षरी तू ही जीने का सहारा तू ही है बस हमारा तुझसे जीवन सारा ये तनमन वारा। लगे तू ही बस प्यारा मेरे जीने का ... Read more

साजन विधा कह मुकरियां

विधा कह मुकरियां रात भयी वह मोहे सताये दिल को मेरे चैन ना आये। है नही कोई लगे मेरा अपना है सखी साजन,ना सखी सपना।। छीन गयी न... Read more

आतंकवाद

एक कुंडली प्रयास आतंकवाद पर आतंकी गठजोड़ से,मची देश में त्राहि। जतन करो रोक लो,फैल रही है तबाही।। फैल रही तबाही,देशहित कौन हो आग... Read more

निभाऊंगी वचन

वर्ण पिरामिड लो किया वचन निभाऊंगी सात जन्म मै हो कर तुम्हारी अर्धांगनी पिया की।। दो तुम वचन साथ दोगे जब तक है जिस्म... Read more

जिस दिन साँसे रुक जाएगी

जिस दिन साँस मेरी रुक जाएगी। देखने मेरी लाश को भीड़ उमड़ आएगी। जो पूछते नही हाल चाल भी मेरा। देखना उन को ही रुदायी तड़फाएगी। मर... Read more

खुद के लिए जी लूँ

ख़ुद के लिए जी लूँ....... सोचा है आज थोड़ा सा खुद के लिये जी लूँ । दुनियाँ की बातों का जहर हँस के पी लूँ ।। जालिम हैं दुनि... Read more

ए मेरी जान

ए मेरी जान सुन आज तुझे हिसाब लिखू दिल ए बेचैन का राज लिखूँ कैसे गुजरे मेरे दिन मेरी रात लिखूँ। है दिल कितना बेकरार लिखु... Read more

महाकाल

कालो के काल महाकाल। प्रचंड है। अखंड है। अलौकिक है। अद्भुत है। क्षम्य है। रक्षक है। भक्षक है। सर्वव्यापी है। अन्तर्यामी ... Read more

असर धीरे धीरे

तेरे प्यार का हो रहा असर धीरे-धीरे। चढ़ रहा मुहब्बत का जहर धीरे-धीरे।। आसान नही डगर मुहब्बत की देखो। करना है तय इश्क़ का सफर धीरे... Read more

सागर

💞💞💞💞💞💞💞 तेज रेत सी तपती हूँ मै, एक कतरा पानी का जो मिल जाये। ये अगन प्यासे दिल की जो बुझ जाये। हो तुम मेरी जलती हुयी काया के स... Read more

अपना हाल लिखूँ

ए मेरी जान सुन आज तुझे हिसाब लिखू दिल ए बेचैन का राज लिखूँ कैसे गुजरे मेरे दिन मेरी रात लिखूँ है दिल कित... Read more

कह मुकरियां

विधा-कह मुकरियां "रात भयी आके सताये। भोर भयी वो चला जाये। है वो मुझे बहुत प्यारा, है सखी साजन,ना सखी तारा।। आगे पीछे हर प... Read more

गजल

जागती रात अकेली -सी लगे। तन्हाई एक सहेली-सी लगे। मुद्दतो से वीरान है ये दिल मुहब्बत अब पहेली सी लगे छोड के गये वो इस तरह रू... Read more

मै एक किसान हुँ

रोती धरती और अम्बर मै परेशान हुँ हाँ मै एक किसान हुँ।। होती घोषणा नित नयी जीवन से बेहाल हुँ हाँ मै एक किसान हुँ।। टूटी झ... Read more

अधिकार

बात करते हो जब अधिकार की, दिया किस ने है अधिकार नारी को। किया छलनी उस के आत्म-सम्मान को, किया हनन हमेशा ही उस के अधिकार को। ... Read more

नफ़रतें यु पनपती है

नफरतो की ना बात करो जनाब हर दिल में रहती है आजकल प्यार से ज्यादा नफरते पनपती है आजकल बदले बदले से रहने लगे है जज्... Read more

तुम से कुछ कहना है

**सुनो ** आज तुम से कुछ कहना है क़ौन हो तुम मेरे लिये ये सब पूछ रहे है जरा उन को भी हाल ए दिल बता दो मेरा धड़क रही हू... Read more

काश मेरे भी एक बेटी होती

????? ए काश मेरे भी एक प्यारी सी बेटी होती परियों से उसे सजाती ?????? दो प्यारी सी चोटी तेरी बनाती सुंदर सपनो की दुनियॉ म... Read more

संस्मरण-आरक्षण एक कोढ

संस्मरण-आरक्षण एक कोढ बात मई 2008 की है,हम मुम्बई रहते थे और गर्मी की छुटियाँ बिताने अपने शहर मथुरा आते थे।पति जी को ऑफिस से इतना ... Read more

मेरे हमसफ़र

एक आहट सी होती है, तो लगता है कि तुम हो। कोई खिड़की कही खुलती है तो लगता है कि तुम हो।। हो नही रु-ब-रु तो क्या मेरे, सरीक-ए-... Read more

इश्क़ - ए- करम

12 /4/ 17 वार -बुधवार विधा -गजल काफिया-आते रदीफ़-रहे हम *********** इश्क़-ए-करम निभाते रहे हम तेरे हिज्र में मुस्कुराते रहे हम ... Read more

हनुमान जयंती

मुक्तक सृजन 11/4/17 वार - मंगलवार हनुमान-जयंती इतनी कृपा करना,दुःख दूर हो जाये । भटके नही हम राह,भव से तर जाये । सजा ना देन... Read more

मुहब्बत का सलीका

मुहब्बतों का सलीका सीखा दिया मैंने, हिज्र-ए-इश्क़ में रह के दिखा दिया मैंने। गुजरी थी जो रात तेरे साथ,उस की खुश्बू को खुद में ब... Read more

दर्द देह व्यवपार का

कौन बयान कर सकता है, दर्द, देह के व्यपार का। सजती है महफ़िल, जमती है रौनक, आते है लोग, दौलत बहुत होती है पास होता है रुतबा ... Read more

राम मंदिर का दर्द

????? काफिया -आरा रदीफ़ -न हुआ ?????? ************** वाह रे मतलब की दुनियॉ, कोई भी हमारा न हुआ। राम मंदिर को तूल तो दिया , ... Read more

संस्मरण

संस्मरण-पहला प्यार। लोग कहते है- "पहला प्यार भुलाये,नही भूलता" अनायास ये सवाल जहम में रोधने लगा,हर बार की तरह गर्मी की दुपहरी थी... Read more