Sandeep anand kumar

उदयपुर राजस्थान

Joined November 2017

आज के माहौल में लिखने की आजादी ज्यादा है इसलिए लिखने की हिम्मत कर पाया हूं।

Books:
अंडर प्रॉसेस

Awards:
नॉट नाउ

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भुला

उम्र के हर पड़ाव पर कुछ न कुछ भूल जाता हूं मैं न जाने कैसी बीमारी है यह जिसे भूल जाता हूं मैं भूखा ना रहे इस जहां में कोई हर पल स... Read more

तन्हाई

होती हो अब जब तुम तन्हा तो क्या हमारी याद आती है अब जो तुम हंसती हो तो क्या वह सारी कलियां खिलखिलाती हैं क्या तेरी रेशमी जुल्फों क... Read more

ढलती गांव की शाम

उड़ती धूल लौटते पंछी ढलती एक शाम वो ठंडी हवाएं वो ठहरा सा सुहाना मौसम उस गौधुली बेला में सब दुबकते घरों में मंदिर में आरती और मस्ज... Read more