एक शेर

ख्वाब हो बेताबी हो न पाना हो कुछ कम तब कही से लगता है अभी जिंदा हो तुम संदीप शर्मा Read more

नज़र से दिलों

एक गजल नज़र से दिलो का मिलन कर रहा हूँ खलिश में उसे ही मनन कर रहा हूँ तसुव्वर उसी का मुझे उम्र भर से उसी आरजू का हवन कर रहा ह... Read more

हाल अब बदतर बहुत इस देश की आवाम का है

हाल अब बदतर बहुत इस देश की आवाम का है ढंग भी अबकी सियासत का किसी दिशनाम का है छूट जाते है गुनाहों को छुपा के वो पलों मे... Read more

कहने को

नफरत है दहश्त है इस दुनिया में मोहब्बत तो है बस कहने को संदीप शर्मा "कुमार" Read more

भूल कर नफरत मुहब्बत गुनगुनाकर देख लो

भूल कर नफरत मुहब्बत गुनगुनाकर देख लो हर तरफ रहता खुदा पलकें उठाकर देख लो हर तरफ इंसानियत की इक महक सी बह रही बस जरा दिल में खु... Read more

जरा याद करो इतिहास को

एक कविता जरा याद करो इतिहास को नज़र उठाने से पहले । कितनी जंगे हार गये हथियार उठाने से पहले ।। गैरों के बलवू... Read more

कोई है जो मेरे दिल में रहता है

एक गजल कोई है जो मेरे दिल में रहता है वो हरदम मुझको अपना सा लगता है सांसो में उसकी फूलों सी खुशबू है गुलशन उसके होन... Read more

जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का

एक गजल जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का अक्स है वो भी किसी किरदार का शख्सियत कुछ भी नहीं मेरी यहाँ आदतन इक शौक है तकरार का ... Read more

कुछ शेर

मैं कायल नहीं हूँ तेरे मगर मैं बस तेरा हूँ तू है आइना मेरा और मैं तेरा चेहरा हूँ संदीप शर्मा "कुमार" सियासत ही सबब है इस हक... Read more

प्रेम

एक कविता प्रेम दर्शन है कोई प्रदर्शन नहीं प्रेम संस्कृति है कोई संस्कार नहीं प्रेम शजर की छाँव है कोई शाख का पत्... Read more