Saliha Mansoori

Joined January 2017

सालिहा ने हिन्दी साहित्य में एम्.ए. किया , फिर उर्दू का लगाव भी उन्हें उर्दू किताबों की तरफ ले गया. अब जितना दख़ल इनका उर्दू में है उतना ही हिन्दी में भी है. लेकिन लिपि हिन्दी ही है.
फ़िलहाल नेट की तैयारी में व्यस्त हैं साथ में लेखन भी करती रहती हैं. प्रगतिशील लेखक संघ की सदस्या भी हैं. नई क़लम पब्लिशिंग हाउस के लिए प्रूफ एडीटर का काम भी करती हैं.

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क्या तस्वीरें बोलती हैं

क्या तस्वीरें बोलती हैं हाँ तस्वीरें बोलती हैं मैंने उन्हें बोलते हुए देखा भी है , और सुना भी है उनकी असीम गहराई को बहुत करीब... Read more