मेरा नाम मुहम्मद आरिफ़ ख़ां हैं मैं जिला बुलन्दशहर के ग्राम चन्दियाना का रहने वाला हूं जाॅब के सिलसिले में भटकता हुआ हापुड आ गया और यहीं का होकर रह गया! सही सही याद नहीं पर 18/20की आयु से शायरी कर रहा हूँ ! उस्ताद तालिब मुशीरी साहब का शाग्रिद हूँ पर ज्यादा तर मैने फेस बुक से सीखा जिसमें मनोज बेताब साहब, कुंवर कुसुमेश साहब, मुख्तार तिलहरी साहब का बहुत बडा हाथ है !

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औक़़ात सेे मैैंं बढकेे कभी मांंगता नहींं

औक़ात से मैं बढके कभी मांगता नहीं बेजा कोई भी रब से मेरी इल्तिजा नहीं मैं मानता हूँ आप मसीहा तो हैं ..मगर मेरा वो दर्द है कि है... Read more

ज़़बांं जो शाायराानाा जाानताा हैै

परिन्दा ..आशियाना जानता है फ़क़्त अपना ठिकाना जानता है अलम बरदार है तहज़ीब नौ का ज़बां जो शायराना ..जानता है उसी को प्यार मि... Read more

बेेटिियााँँ

हर वक्त हर घडी हैं तैयार बेटियाँ मां बाप की हैं फर्माबरदार बेचियाँ जन्नत का मैं भी होता हक़दार दोस्तो मुझको भी काश मिलती दो चार... Read more

अच्छा सा लगा मुझको

ये शहर वफ़ाओं का दरिया सा लगा मुझको हर शख़्स मुहब्बत में डूबा सा लगा मुझको हद दर्जा शरारत पर कुछ शोख़ अदाओं से जब तुमने कहा पाग... Read more

ग़मों की दुनियाा तलाश लोगे बुरा करोगे

ग़मों की दुनिया तलाश लोगे बुरा करोगे सभी से ख़ुद को जुदा करोगे बुरा करोगे बुरा करोगे जो चुप रहोगे ..दुखों पे अपने किसी से मेरे... Read more

चन्द आँसू तेरे ख़ज़ाने से

मुददतों से नहीं ..ज़माने से कौन मिलता है इस दिवाने से देख नाखून......बढ गये मेरे दिल के ज़ख़मों के सूख जाने से काश मुझको भी ... Read more

आप सालिब से प्यार करते हैं

दश्मनों से मिला नहीं करते दोस्तों से गिला नहीं करते खूब वाक़िफ़ हैं तेरी सूरत से पेश बस आइना ..नहीं करते आप नाहक़ इन्हें सत... Read more

बहन के देहान्त पर अपने बेटे की तरफ़ से

मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी थी छोटी मगर घर सबसे बडी थीं कि मेरे लिये तुम सभी से सडी थीं तु... Read more

मैं सालिब हूँ तू आशूतोष क्यों है

चलो माना मुहब्बत भी नहीं है नज़र लर्ज़ां ज़बां खामोश क्यों है न आयेगा कोई मिलने मगर अब मगर ये दिल हमा तनगोश क्यों है कभी आवा... Read more

प्यार करने में क्या बुराई है

--------------------- जब कभी याद.. तेरी आई है इक कली दिल की मुस्कुराई है तेरे माथे को चूम ..सकता हूँ तेरे दिल...तक मेरी रसाई ह... Read more

मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी

मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी मुझे अपनी मां से मुहब्बत है ... Read more

ग़मों की दुनिया तलाश लोगे बुरा करोगेे

ग़मों की दुनिया तलाश लोगो बुरा करोगे अलेहदा सबसे रहा.. करोगे बुरा करोगे बुरा करोगे जो चुप रहोगे दुखों पे अपने किसी से मेरे सिव... Read more

हम ग़रीबों से भला अब आपको क्या काम है

आपको जब ताकने का आँख पर इलज़ाम है ये बताऐं दिल हमारा किस लिये बदनाम है ............... आपने तो दिल को चकना चूर कर के रख दिया हम ... Read more

जग इतना विद्वान नहीं है

निर्धन है .धनवान नहीं है अधरों पर गुणगान नहीं है ................ ईश्वर संसार चलाता है सब सत्य है ये अनुमान नहीं है .............. Read more

मगर वो लोग अभी तक आपने देखे नहीं होंगे

ज़मीं पर जब कहीं भी लोग दिल वाले नहीं होंगे फ़लक पर चाँद सूरज कहकशाँ तारे नहीं होंगे .................. बताऊँ मैं तुम्हें क्यूँ आ... Read more

दिलकशी अब नहीं गुलाबों में

छुप गये आप क्यूं हिजाबों में चाँद रहता है क्या नक़ाबों .में उम्र सारी गुज़ार दी हमने जिन्दगी के हसीन ख्वाबों में जब से जाने ... Read more

यहां से तुम तो इलेक्शन भी जीत सकते हो

ज़मीनें मिलती हैं और आसमान मिलते हैं नसीब वालों को दोनो ..जहान मिलते हैं ............. हमें खबर है बा ज़ाहिर निकाह होता है मगर ... Read more

चराग़ों की तरह चुप चाप जल जाते तो अच्छा था

दिलों के ज़ख़्म गर लफ़्ज़ों में ढल जाते तो अच्छा था वो मेरी दास्तां सुनकर पिघल जाते तो अच्छा था ................. न होता फिर कोई ... Read more

मैं छोटा सही मुझको आता बहुत है

मैं छोटा सही मुझ को आता बहुत है कि जीने का मुझको सलीक़ा बहुत है ----------- न सोचा न देखा न समझा बहुत है जमाने तुझे हमने परखा --... Read more

मैं कभी चाँद पर नहीं आता

दिल पे कोई असर नहीं आता याद तू इस क़दर नहीं आता रात आती है दिन भी आता है कोई अपना मगर नहीं आता चाँद आता है बाम पर अब भी ... Read more

क़िस्सा अजीब है न कहानी अजीब है

किस्सा अजीब है न कहानी अजीब है राजा के साथ है जो वो रानी अजीब है ******** घटती है उम्र उसकी न मरती है दोस्तो रहती है चाँद पर वो... Read more

फ़क़्त मेरे घर का पता पूछती है

तू दुनिया की मान्निद बडी मतलबी है शानासा है लेकिन बहुत अजनबी है .......... हुदूदे तख़्ययुल से बाहर है अब तक जो मंसूब तुझसे मेरी ... Read more

अब कोई वारदात मुश्किल है

हम बिछायें बिसात मुश्किल है खुद से खुद की ही मात मुश्किल है ............. अब मुहाफ़िज़ हमारी आँखें हैं अब कोई वारदात मुश्किल ... Read more

जब से दुकान खोली है तीरो कमान की

अल्लाह कर रहा है हिफ़ाजत मकान की बिजली यहाँ गिरे तो गिरे आसमान की ........ बाज़ी लगाने जान की आया न तब कोई जबसे दुकान खोली है ती... Read more

ये तेरा क़र्ज़ है तो क़र्ज़ उतर जायेगा

आसमा छूने जो निकलेगा तो मर जाएगा तू परिन्दा है हवाओं में बिखर जाएगा ---------- जिसने चाहा है तुझे जान से बढकर जाना क्या तेरी बज... Read more

रगं तआस्सुब के जो देगी राजधानी हर तरफ़

खूब है मशहूर ये झूठी कहानी हर तरफ़ चाँद पर देखी गई है एक नानी हर तरफ ....... सारी दुनिया जानती है क़ीमतें इनकी मगर क्यों बहाते ... Read more