हिन्दी साहित्यकार कवि डॉ. बद्रीप्रसाद जी विरमाल (नानाजी) के पदचिन्हो पर चलने का एक छोटा सा प्रयास कर रहा हूं! मै ग़ज़ल, कविता, और गीत लिखने मे रुचि रखता हूं! और अपने मामाजी कवि सुरेश विरमाल को अपना प्रेरक मानता हूं!!
रचनाकार-साहित्य चेतना मंच पचोर जिला-राजगढ़ म.प्र.
सम्पर्क-+917869212377
व्हाटसब-+918120203050
(हर साल विरमाल परिवार बाबुजी की पुण्यतिथि पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन करता है!!

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ज़िन्दगी बेकार है गम के आँसू पिये जा....!!

ज़िन्दगी बेकार है,गम के आँसू पिये जा ! ज़िन्दगी बकवास है, गम के आँसू पिये जा !! 01- इतनी ज़ेहमत उठानी होगी ज़िन्दगी मे आकर, क्या मि... Read more

आग लगादो इस जहाँ को जिसने ये गम दिया..

आग लगादो इस जहां को जिसने यह गम दिया, देकर सभी को ज्यादा मुझको ही कम दिया ! 1•जो करता हे ईमानदारी उसे बेईमानी... Read more