मेरे मुख से सहसा निकला उदगार
मेरी लेखनी बनती है ,
लोगों की दर्द-पीड़ा मेरी
लेखनी की जननी बनती है ।
(9973343915) +2′ शिक्षक ।

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आज 15 अगस्त

खूब मिठाई खाएंगे 15 अगस्त मनाएंगे, हर बरस शहीदों के,नाम पर दीये जलाएंगे खूब मिठाई...... अंग्रेजी और अंग्रेजों को देश से ब... Read more

कश्मीर विशेष (स्वतन्त्रता दिवस पर )

मांगो के अनुरूप अवलोकन होगा समयकाल के अनुसार संशोधन होगा संविधान ब्रह्मा की लिखी लकीर नही जो संशोधन किया वह फकीर सही अब क... Read more

स्मृतियों में

याद आती है आपकी याद आती है, देखता हूँ तस्वीरों को तो स्मृतियां साफ नजर आती है, आप छोड़ चले गए ऐसे कोई भूल हो गई हो हमसे, कमी ... Read more

होली की बोली

होली नही हुँकार है बस दो दिनों का प्यार है शुभकामना देने वालो कि बाजार है फिर दुश्मन हजार हैं और नही शोषक सरकार है ऊपर से महंगा... Read more

शिवोत्सव

शिव देवता नहीं मानवता के धोतक हैं नित ध्यान व खोज में रहने वाले वैज्ञानिकता के बोधक हैं । जग कल्याण हेतु विषपान कर नीलकंठ ... Read more

शौर्य गाथा

उठ जागा वीर सपूतों ने मुँहतोड़ जवाब दिया जो कायराना काम किया था कुतो ने । हम वीर शहीदों के अमर कहानी हैं शौर्य-पराक्रम के अमिट... Read more

राजनीति

कोई नरम है कोई गरम है पर किसी में सरम नही विकास कोई करता नही बस पार्टी का भरम है । कोई भगवा वस्त्र पहन हिन्दू वोट बनाता है,... Read more

जवानों की याद में

हम आहत हैं सेना लहूलुहान हे वीरो, मेरी लेखनी करती तुझे सलाम । संकट की घड़ी में देश साथ रहे घरनी पर तेरे ईश्वर का हाथ रहे ; ... Read more

नियोजित शिक्षक का न्याय-निर्णय

जब न्याय में देरी होती है वह अन्याय की श्रेणी होती है तीन महीना बहस चला चार महीनों से सुरक्षित है कब आएगा फैसला ? नियोजित शिक... Read more

ईश्वर है

कभी-कभी लगता है वो कुछ करता नही, पर ऐसा नही वो सबकुछ करता है ; कभी ऐसी घटना घटती है कि,... Read more

सरस्वती वन्दन

हे श्वेताम्बरा स्वर दे हर गुण मुझमें भर दे बुराइयों से रहित कर दे साहित्य संगीत - कला सहित कर दे कर दे हमको नित्य-नवीन हो जा... Read more

गणित

गणित है यह गणित है इसको पढ़ना भारत की पुरानी रीत है । आर्यभट्ट ने किया जब शून्य का खोज तो ज्ञान के क्षेत्र में भारत की यह जीत है... Read more

सशंकित जिंदगी

दहशत भरी समाज में जीवन जिया कैसे जाए एक समस्या खतम(खत्म) होती नही कि दूजी खड़ी हो जाए , मन में भय आशंका रहती हर- पल एक चिंता रहत... Read more

भिखारी एक पेशा

पेशा या मज़बूरी गौर करना है जरूरी - टूटा हाथ दिखाकर लोगों को गुमराह बनाते हैं, कर्म नही मक्कारी करके अपना काम चलाते हैं , ... Read more

मतदान

मतदान हमारा अधिकार है, इसको करना नही बेकार है सोच-समझ कर देना भाई दागी-दबंग नही स्वीकार है । जनमानस का जो रखे ख्याल वही होत... Read more

गमले का पौधा

मेरा विराट रूप अब हो गया है सूक्ष्म जब से लाए हो तुम मुझे उठाकर , मेरा बड़ा था एक परिवार जहां खुशियां मिलती थी चारो ओर हवा मिलती... Read more

बंजारन

हम प्रकृति के प्रांगण में खुशियां मनाएं हर आंगन में माँग -माँग कर खाय हम क्या मजा है मांगन में । शोर -शराबा खूब करें हम न... Read more

अमर्यादा

एक अशांत महिला कर्मी उसके बातों में नही थी नर्मी शायद कामों की अधिकता से थी परेशान लोगों की बातों पर नही दे रही थी ध्यान इसपर ... Read more

मिश्रित हाइकु

मन पावन था मौसम सावन पिया का आवन _ _ _ _ _ _ _ काजल काला उसका रखवाला था मनोहर _ _ _ _ _ _ _ चढ़ती धूप चिलचिलाती गर्मी क... Read more

शोषण

पोषण के नाम पर शोषण हर जगह है शोषण चाहे हो रेल चाहे हो जेल हर जगह है शोषण का खेल कहीं श्रम शोषण कहीं यौन शोषण कह... Read more

उसकी एक नजर

गुड ऑफ्टर नून की कानों में आवाज पड़ी जब देखा तो एक बाला थी खड़ी पल भर में मेरी नजर लड़ी उसने बातों की बौछार छोड़ी जो मेरे दील पर आन... Read more

एक दृष्टि

आओ मन की दीये जलाते धूप - बती का पैसा बचाते उन पैसों का महल बनाके बेघरों को घर दिलाते उसके घरों में खुशियां लाते, क्योंकि जि... Read more

अशांत मन

मैं विक्षिप्त हूँ शांति के लिए यह आती है कहाँ से और चली जाती है कहाँ अभीतक मैं इसी संशय से युक्त हूं । जब ढूंढता हूं म... Read more

काश अभी बच्चा होता

काश अभी बच्चा होता मेरे खिलौने साथ रहते मैं घर का शहनशाह होता । मेरा चिलाना मेरी मनमानी नही मेरी आवश्यक्ता होती, र... Read more

बदलती सरकार

प्रजा बदली राजा बदल गए बदल गई सरकार, सुधरा न मेरा सिस्टम कम हुआ न अत्याचार । गंदी नली के कीड़े करते हैं मनमानी स्वेत नदी की मछ... Read more

आशिकी प्रेम का पैगाम मांगती

आशिकी प्रेम का पैगाम मांगती -2 बदले में घर परिवार की बलिदान मांगती प्रेम की रंगभूमि में खरा उतरने के लिए इंतिहान ... Read more

बहता पानी

मेरा न रंग रूप आकार है स्वादहीन गन्धहीन हूं , पर सबकी जिंदगानी मैं पानी । करता हूं लम्बी यात्रा समंदर से चलता हूं, हवा के सह... Read more

परतंत्र का गणतंत्र

गणतंत्र आया ,गणतंत्र आया देखो कलुआ 26 जनवरी गणतंत्र आया। कलुआ कुछ समझ न पाया मन ही मन दुहराया गणतंत्र आया , गणतंत्र आया। ब... Read more

टूटती चाहत

जब बादल वर्षा कर न सके तो ओस बन गिर जाता है, प्यासे पौधे को जब तृप्त कर न सके तो उसका कंठ भिंगोता है। ... Read more

मां की चाहत

मां तेरा क्या कसूर, बेटा तुझे पहचान न सका, बुढापे में तुझे अपना न सका, देख लेना होगा वैसा उसके साथ जरूर। बड़ी विडंबना है इस ज... Read more

गुरु महिमा

गुरु ज्ञान भंडार है, उसकी पूजा में संसार है, हाथ पकड़ ले जो कोई उसका बेड़ा पार है, गुरु ... Read more