SAGAR

Joined July 2018

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दहेज

जब आसमान से परी सी आई । सब ने मिलकर खुशी मनाई । बेटी ने घर में जन्म लिया था । अब एक बहन थी एक था भाई । बाप गरीब किसान था ।... Read more

वो परिंदे थे

ये दौर भी मुसलसल जाना ही था । तहरीर नसीबो का निभाना ही था ।। हम दरख़्त से थे इंतजार में फ़क़त । वो परिंदे थे उन्हें जाना ह... Read more

गहरा और नीला समंदर

इस धरती से मिलता वो अम्बर देख। ये गहरा और नीला समंदर देख।। अब भी कुछ समझना बाकी रहा अगर। खुद से मिल आईने के अंदर ... Read more

अपनी बातें

SAGAR दोहे Oct 11, 2019
अपनी बातें सब करें, जग की करे न कोय । मिलकर सारे काज हो, विपदा कभी न होय ।। देखन आए दूर से, मकसद लेकर खास । हँसता मुखड़ा देख... Read more

दोहा राजनीती

SAGAR दोहे Oct 11, 2019
छल कपट और झूठ से, नेता चाहें राज। जीत कर ये शेर बनें,भीगी बिल्ली आज।। Read more

शिक्षा की लाचारी

शिक्षा तेरी लाचारी देख, उजड़ रही फुलवारी देख । कल जो शिक्षक गुरुजी थे, आज बना कर्मचारी देख।। ज्ञान ज्योति जलाने वाला, सबक... Read more

बुलंद उड़ान

बुलंद हौसला बुलंद उड़ान पर नज़र है। नीले बादलों में उस जहान पर नज़र है।। जहाँ सबको रोटी,शिक्षा और मकान मिले। मेरी उस सुनहरे ह... Read more

नज़रों में नहीं गिरता

झुक जाता हूँ मगर पैरों में नहीं गिरता नज़र में रहता हूँ नज़रों में नहीं गिरता हमेशा रहता है माँ की दुआ का साया थक जाता हूँ मगर... Read more

दीवाने थे

ना काँटों से दुश्मनी थी ना फूलों के दीवाने थे कुछ गम थे नसीब की तहरीरों में जो हमें निभाने थे खिलता गुलशन ग़रूर कर बैठा न... Read more

ऐ ज़िंदगी तूने मुझे दिया क्या ?

दिल से चाहा वो मिला क्या ? ऐ जिंदगी तूने मुझे दिया क्या ? ना जब कोई पास था । पर मिलने का विश्वास था । हर पल देखा सपना भी । ... Read more

भला आग से आग बुझाते हैं क्या

भला आग से आग बुझाते हैं क्या आंधियों से दीये जलाते हैं क्या जो पीर दर्द के मायने बदल दे उस दर्द पर मरहम लगाते हैं क्या... Read more

हम अपने दर्द को जब गज़लों में गाने लगे

हम अपने दर्द को जब गज़लों में गाने लगे सारे परिन्दें रो पड़े फूल मुरझाने लगे यूँ मासूमियत से ज़िंदगी कान में कह गई तुम पहल... Read more

वो चेहरा जो रोज़ ख्वाबों में आता है

खामोशी और सन्नाटा नज़र आता है जो रस्ता इस दिल से उस दिल को जाता है जाने कौन है और क्या लगता है मेरा वो चेहरा जो रोज ख्... Read more

क्या बन जाओगे तुम

अब बिगड़ी सुधार कर क्या बन जाओगे तुम । बेवफ़ा हो बेवफ़ा ही कहलाओगे तुम ।। ना आएगा परिंदा झूठ के झांसे में । डालते ... Read more

हाँ टूटा जरूर हूँ मगर बिखरा नहीं हूँ

हाँ टूटा जरूर हूँ मगर बिखरा नहीं हूँ। थोड़ा समझ गया हूँ मगर निखरा नहीं हूँ। दूसरों को हँसाने में भी खुशी मिलती है। कुछ लो... Read more

दीया

वो हवाओं से भी मुझे बचाता है । वो दुआओं में भी मुझे जलाता है ।। मैं भी दीया हूँ मेरा काम है जलना । तभी वो अँधेरे ... Read more

मेरा खास था

मेरा खास था पर दुनिया के लिए आम था मेरी नजरों से दूर वो बड़ा बदनाम था कितनी बार टूटा हूँ मन्नतें निभाने को मैं कोई सितार... Read more

जुनून

जुनून बन गई थी जब से मुहब्बत लाज़मी था उसका छोड़ के जाना Read more

गुनाह हो गया

किसी को चाहना जैसे गुनाह हो गया। पतंगा भी फूलों पर फना हो गया।। जिनके वादे थे संग जीने मरने के। उनका अपना अलग कैसे ज... Read more

उस रोज तम्हें देखा

उस रोज तुम्हें देखा फिर रोज तुम्हें देखा हर पल तेरा चेहरा देखा पलता ख्वाब सुनहरा देखा कुछ देख के नजर झुकाई थी कुछ पल को फ... Read more

कुछ पल थे

राही बनकर आए खुशियों के कुछ पल थे। वापस लौट गए वो जो आए कुछ पल थे।। मुसाफिर थे वो अब कहां रुकने वाले थे। इंतजार बहुत रहा मग... Read more

खुद को आजमाया है

अपनी बर्बादी पर भी जश्न मनाया है। वो चाहते थे जितना खुद को गिराया है।। वहम न रह जाए दिल में तेरा होने का। तेरी नफरतों से खु... Read more

इक कतरा वफ़ा

इक बद्दुआ के बदले मिली खूब दुआएं थी। बुझ न पाया चिराग जिसके साथ हवाएं थी।। जिस पर खेलें फल खाए वो शज़र सूखा क्यों। किसने ये जड... Read more