SAGAR

Joined July 2018

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कह रहा है यार तेरा

कह रहा है यार तेरा था दिखावा प्यार तेरा मीठी बोली बोलती हो लहजा है हथियार तेरा इतना सुनकर मैं हूँ हैरां झूठा था किरदार त... Read more

प्यारा नहीं कोई

अब आदमी को आदमी प्यारा नहीं कोई ताकीद मिल रही है तुम्हारा नहीं कोई मुश्किल में हो अगर तो निकलना पड़ेगा खुद अपनों की भीड़ फिर भी... Read more

कमाल और भी हैं

1212-1122-1212-22/1122 हमें तुम्हारे अलावा खयाल और भी हैं कि जिंदगी में बहुत से बवाल और भी हैं गुमान जिनको हुआ है, हैं खूबसूर... Read more

बरसात करनी है

--------- ग़ज़ल----------- 221-2121-1221-212 ए अब्र तू ठहर जा मुलाकात करनी है सूखा पड़ा है सहरा ये बरसात करनी है अरमान कि... Read more

राम भी होगा

कोई रावण है दुनिया में कोई तो राम भी होगा भलाई जिनका मकसद है, भला ही काम भी होगा किसी को जख्म देकर लोग हँसते हैं भलाई पर बुराई ... Read more

सहर न हो

वो ख्वाब में जो आएं किसी को खबर न हो इक रात वस्ल के मिले जिसकी सहर न हो दुनिया में एक चेहरा ही भाता है क्यों हमें मिलने की हम द... Read more

मुहब्बत की खुशबू बिखरने दो यारो

मुहब्बत की खुशबू बिखरने दो यारो ये तितली गुलो पर ही उड़ने दो यारो ज़माने का डर है जो मिलते नहीं हैं नज़र मिल रही है तो मिलने दो... Read more

घर कछ नहीं

मुफ़लिसी का दौर है, घर कुछ नहीं दोस्त अच्छा हूँ मगर, ज़र कुछ नहीं कल को क्या होगा ख़ुदा जाने मेरा अब तलक मुझको मयस्सर कुछ नहीं ... Read more

किसे खबर थी मुलाकात भी हो जाएगी

किसे खबर थी मुलाकात भी हो जाएगी मिलेंगे और कभी बात भी हो जाएगी बहार खिलने लगेंगी खिज़ा के मौसम में यूँ तपते सहरा में बरसात भ... Read more

बता ऐ ज़िंदगी मेरी खता क्या

बता ऐ ज़िंदगी मेरी खता क्या मुझे गम के सिवा कुछ भी मिला क्या ज़रा सी बात पर ही छोड़ दे जो भला उससे रखें कुछ राबता क्या... Read more

सब के सब खुदा थे

कहाँ इंसाँ थे सब के सब खुदा थे न सूरत थी न कोई चेहरा थे चले थे भीड़ बनकर रास्तों पर सहारा बनते क्या वो खुद हवा थे ... Read more

काबिल नहीं मिलता

है मजबूरी हवाओं की कोई बातिल नहीं मिलता मिलाते हाथ हैं उनसे भी जिनसे दिल नहीं मिलता यकीं करना भी मुश्किल है ज़माने में कहा... Read more

खेल झाँसे का था

ये खेल झाँसे का था इश्क तो बहाना था मेरा ही तीर था और ख़ुद मैं ही निशाना था न वक़्त ठहरा कभी ज़िंदगी भी चलती रही चले गए वो मुसाफि... Read more

आँखों में आब कौन रखे

अपनी आँखों में आब कौन रखे दर्दो ग़म का हिसाब कौन रखे उसकी आँखें गज़ब नशीली हैं पास अपने शराब कौन रखे ज़िंदगी ने सिखाया है... Read more

खेत

SAGAR दोहे Apr 30, 2020
खेत सोना उपजे हैं, गरीब रहे किसान । खूब कालाबाज़ारी, नहीं किसी का ध्यान ।। Read more

किसान

SAGAR दोहे Apr 30, 2020
पेट भर सारे जग का, भूखा रहे किसान । इस से बढ़ कर है नहीं, धरती पर भगवान ।। Read more

मजदूर

SAGAR दोहे Apr 30, 2020
कोई काम मिला नहीं, क्या करता मजदूर । घर में न सूखी रोटी, भूख करे मजबूर ।। Read more

यूँ न समझो के मुहब्बत है उन्हें

यूँ न समझो के मुहब्बत है उन्हें देख कर हँसने की आदत है उन्हें मुस्कुरा के आज फिर गुजरे हैं वो आज फिर कोई जरूरत है उन्हें ... Read more

ईंटों का ढाँचा घर नहीं होता

सही हो वक़्त तो फ़िर कोई डर नहीं होता अँधेरी रात में अच्छा सफ़र नहीं होता हजार दूरियां मिलती हैं एक छत के तले हरेक ईंटों ... Read more

ऐसा भी कुछ होता है क्या

ऐसा भी कुछ होता है क्या हँसने वाला रोता है क्या जिसको पहला प्यार हुआ हो दोबारा फिर होता है क्या माला बेच रहा फूलो... Read more

ग़ज़ल में

मिली हो दाद सबकी जब ग़ज़ल में सभी का दर्द है मतलब ग़ज़ल में कभी भी डूबकर गर तुम सुनोगे मिलेगा अक्स कोई तब ग़ज़ल में लगे ... Read more

पार झरनों के

पार झरनों के कोई दुनिया बसा कर देखना चाँद तारों में नया इक घर बना कर देखना सब परिंदे उड़ गए तो ये शज़र फिर क्या करे हिज़्र के इस द... Read more

एक वादा था हमारा

सामना फिर से अगर हो तो भला क्या कीजिए क्या सजा दे बेवफा को फैसला क्या कीजिए ये जमाना छोड़ आए जिसकी खातिर दोस्तो छोड़ कर फिर ... Read more

बेवफ़ा को भूल जाना बेहतर है

बेवफ़ा को भूल जाना बेहतर है गम छुपाकर मुस्कुराना बेहतर है बेकदर हो जाओ नजरों में किसी की तो वहाँ से लौट आना बेहतर है क... Read more

राज़ दिल का हमें बताना है

राज़ दिल का हमें बताना है बात करना तो इक बहाना है मेरी दुनिया सँवारने वाले अब तुझे ज़िंदगी में लाना है पूछते हैं कहाँ मैं... Read more

बताया करो

बेरुखी हो अगर तो बताया करो हर घड़ी मुँह न अपना फुलाया करो इस हँसी से ही लगते हो इंसान तुम झूठ थोड़ा सही मुस्कुराया करो... Read more

अब क्या करें

शाम भी है बेअसर अब क्या करें रात भी अपने डगर अब क्या करें ज़िंदगी जिसकी दिवानी हो चली मिल न पाई वो नज़र अब क्या करें आँखो... Read more

हिसाब क्या रखना

आँसुओं का हिसाब क्या रखना ज़ख़्म है तो हिजाब क्या रखना राज़ खुल ही गए ज़माने में चेहरे पर नकाब क्या रखना ज़िंदगी द... Read more

Edit

याद अब कुछ भी नहीं है एक मंजर के सिवा हर जगह मैं ढूंढता हूँ खुद को अन्दर के सिवा मुश्किलों ने मार डाला जी रही है ज़िंदगी ... Read more

कोरोना बीमारी

अमीर लाए बिमारी विदेश में जा कर गरीब मर रहा है बोझ सिर पर उठा कर तलाश है अभी तो छत की आसमां के तले वो थक गया है ज़माने की ... Read more

झलक दिखा के न यूँ बेकरार कर मुझको

फ़िज़ा बहार की है तो बहार कर मुझको झलक दिखा के न यूँ बेकरार कर मुझको खुली किताब के जैसी है ज़िंदगी मेरी कभी तो देखिए चश्मा उ... Read more

लहजा बता देगा

है गहरा कितना ये रिश्ता सुनो लहज़ा बता देगा मुझे तेरा बता देगा तुझे मेरा बता देगा जमीं पर मिल्कियत का अपनी दावा करने ... Read more

रास नहीं आता हमें

क्या कहें कहना भी कुछ खास नहीं आता हमें बस तेरी बात का विश्वास नहीं आता हमें थोड़ी नफ़रत बचा कर रखना हमारे खातिर नर्म... Read more

पहली पहली चाहत का हर लम्हा अच्छा लगता है

पहली पहली चाहत का हर लम्हा अच्छा लगता है अपने दुश्मन लगते हैं बेगाना अच्छा लगता है इश्क मुहब्बत गुस्सा झगड़ा पा लेने का जि... Read more

मुहब्बत में

क्या शिकायत करें मुहब्बत में खामुशी जब है अपनी आदत में साथ होने का तो दिखावा है साथ होते नहीं हकीकत में चाल कोई ... Read more

छेड़ मत ज़ज्बात मेरे

छेड़ मत ज़ज्बात मेरे हैं बुरे हालात मेरे तन्हा हो तो मिलना हमसे अच्छे हैं ख्यालात मेरे अब अकेला मै... Read more

साफ़ चेहरा दिल में काला आज भी है

साफ़ चेहरा दिल में काला आज भी है आदमी कितना निराला आज भी है डर गया मुंसिफ ज़माना क्या करेगा बेबसी के मुँह पे ताला आज भ... Read more

करेगा याद मेरे बाद मुझको

करेगा याद मेरे बाद मुझको किया है जिसने भी बर्बाद मुझको मुसलअल आ रही हैं हिचकियाँ क्यों वो शायद कर रहा है या... Read more

ठिकाने से रहा

बच गया वो जो ठिकाने से रहा दूर कुछ दिन इस ज़माने से रहा लग गई जो तस्वीर जो दीवार पर ज़िंदगी में फिर तो आने से रहा Read more

ठिकाने से रहा

बच गया वो जो ठिकाने से रहा दूर कुछ दिन इस ज़माने से रहा लग गई जो तस्वीर जो दीवार पर ज़िंदगी में फिर तो आने से रहा Read more

कोरोना

कैसा ये सन्नाटा पसरा है यहाँ कोई दहशत गर्द गुजरा है यहाँ आदमी को आदमी से डर लगे जिंदगी को आज खतरा है यहाँ शह्'र हो य... Read more

चीखते चीखते कहा जैसे

चीखते चीखते कहा जैसे मेरा मुझमें न कुछ रहा जैसे सिसकियाँ दर्द की सुनी उसकी तीर अन्दर कोई लगा जैसे है जरूरत... Read more

बहुत याद आया वो जाने के बाद

बहुत याद आया वो जाने के बाद मिला था मुझे जो ज़माने के बाद जिन्हें देख कर मुस्कुराते थे हम उसी ने रुलाया हंसाने के बाद किस... Read more

ऐसी भी बरसात होती गर कोई

ऐसी भी बरसात होती गर कोई टूट कर बरसे कहीं अम्बर कोई खामुशी ने शोर इतना कर दिया रह न पाया फिर मेरे अंदर कोई पूछना था आपसे ये... Read more

देश लूटने का दर्द

एक पत्ते से पूछो उसके टूटने का दर्द ज़िंदगी में अपनों का साथ छूटने का दर्द ये वतन नहीं बिकने दूँगा मेरा वादा है बे... Read more

खूब बारिश है हर समा तर है

साथ है उसका फिर तो क्या डर है वो खुदा ही तो मेरा रहबर है रात से ही नहीं खुला मौसम खूब बारिश है हर समा तर ह... Read more

ठीक हूँ तन्हा

जो हुआ अच्छा हुआ इंकार से ठीक हूँ तन्हा किसी लाचार से सीखकर मुझसे मुहब्बत देखिए बेवफ़ाई कर गया वो यार से फूल से ही ... Read more

तेरी मेरी कहानी

तेरी मेरी जो ये कहानी है जन्म जन्मों से भी पुरानी है दूर बैठे हो अजनबी से तुम पास आओ भी रुत सुहानी है उड़ रही जुल्फ़ जो ... Read more

हमारे नेता

अपने बारे में सोचता देखो वोट लेकर खुदा बना देखो आज वो बात भी नहीं सुनता कल था कदमों में जो पड़ा देखो जितना चाहे अ... Read more

सारे गुनाह तेरे मैं आज माफ़ कर दूँ

सारे गुनाह तेरे मैं आज माफ़ कर दूँ ये क़ायनात सारी अपने ख़िलाफ़ कर दूँ जीने नहीं ये देती यादें अगर रही तो अच्छा यही रहेगा... Read more