Basant Malekar

Joined January 2017

अभी तक कुछ नही…….. student of the KG1

बालोद, छत्तीसगढ़

कुछ सलाह रूपी आदेश अवश्य देते रहे, निवेदन है ??

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किस के लिए गुहार

#सफरनामा ज़रा सा हमपे इनायत कीजिये, दो चार इधर भी दान में दीजिये। हाथ जोड़े बैठे है घुटने के बल पे, ज़रा गरीब की भी तो सुन लीजि... Read more

"बिछीये" की भी दुरी, नही होती

#सफ़रनामा ग़र "मजबूरी" नही होती, "बिछीये" की भी दुरी, नही होती बहती "प्यार" की धारा में "प्यास" अधूरी, नही होती अधरों ... Read more

वेलेंटाइन

#सफ़रनामा १ ऐ दिल सम्हल जा, ना इतरा के चल.. "मुस्कराहट" अक्सर तबाही लाती है..... २ शौक-ए-ख़ूबसूरत को दफना दिए सरे... Read more

फरवरी_में_स्त्री_मन

#सफ़रनामा जनवरी बीती, फ़रवरी का लुफ़्त उठाये। चलो ग़ुलाबी ठंड में कहीँ वीकेंड मनाये। तुम मैं, अंगीठी और गरम चाय की प्याली। क्यूँ... Read more

दिल कहे, 'आना-जाना' चाहिए, रोज़ रोज़, 'नया बहाना' चाहिए।

#सफ़रनामा दिल कहे, 'आना-जाना' चाहिए, रोज़ रोज़, 'नया बहाना' चाहिए। दीदार को, उस रेशमी मुखड़े का अचूक, 'नज़र-ऐ-निशाना' चाहिए। ए... Read more

मैं जो रूठा, वो भी रूठ गए

ख्वाब नाजुक थे, टूट गए..... लो नींद से हम, उठ गए...... फिरा करते थे “गुल” के इर्द गिर्द वो गलियाँ अब, हमसे छुट गए..... नज़रे ... Read more

शराफ़त के परदे मे नज़रें सयानी हो गई

#सफ़रनामा शराफ़त के परदे मे नज़रें सयानी हो गई। इश्क़ की दौरे मे जिस्म दरमियानी हो गई। दुनिया क्या क्या कहती है मुझे फिक्र कह... Read more

देख ख़ुद को, कमियों की बात कर, हो रही जो, गलतियों की बात कर

#सफ़रनामा देख ख़ुद को, कमियों की बात कर हो रही जो, गलतियों की बात कर। गिर के होगा अंदाज़ा, गहराइयों का बंदिशें तोड़ने, पाबंदियों... Read more

दिन ख़ामोश, रातें मुखर होती है, साथ उनके, ठंड बेअसर होती है

#सफ़रनामा दिन ख़ामोश, रातें मुखर होती है साथ उनके, ठंड बेअसर होती है। नज़र मिलाके, बहुत कुछ है कहना मग़र बातें, इधर उधर की होती... Read more