Sachin Yadav

Joined January 2017

सचिन यादव
आज़मगढ़, UP

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मुक्तक

जब तेरी याद आती है , मैं हर गम भूल जाता हूँ . ऐ दोस्त बड़ा खूबसूरत है शहर तेरा , मैं यहाँ हर रोज आता हूँ . कहता है सचिन तुम भी कभ... Read more

मेरा वतन

दिलो जान से चाहता हूँ मैं अपने वतन को , छीन नही सकता कोई मुझसे मेरे इस चमन को, लूटता है वतन को वही जो अनजान होता है, गाली देता ह... Read more

भयानक स्वप्न

सूनी सूनी राहों पर देखा ,बड़ा क्रूर था मंजर वो, अपनी ही बेटी के सीने में ,भोक रहा था खंजर वो। देख के उसकी मानसिकता,दया आ गयी मुझको,... Read more