sachin vyas

Joined June 2016

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कफ्न की कीमत चुकानी रह गयी

कर्ज वो सारा चुकाकर मर गया कफ्न की कीमत चुकानी रह गयी कर के वादा आज भी आये न वो बस महकती रातरानी रह गयी कर ही डाली मैंने सार... Read more