Sabir Shah Sabir

Buldana, maharashtra

Joined February 2018

Urdu /hindi poet&writer

Books:
REGZAR MAIN PHOOL

Awards:
Navratn Sahitya Award 2014

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गज़ल

आज घडियां रूकी रूकी सी हैं । शब की आंखें थकी थकी सी हैं । गर्द आलूद शेल्फ में रख्खी । सब किताबें नई नई सी हैं । अहद-ए-माज़ी तेरी... Read more