रुपेश कुमार

पुरानी बाजार चैनपुर,सिवान - 841203 (बिहार )

Joined April 2017

शिक्षा ~ स्नाकोतर भौतिकी,
राजेन्द्र कॉलेज छपरा
(जयप्रकाश विश्वविध्यालय छपरा बिहार)
~ बी.एड (अध्ययनरत),धर्मजीत सिंह पी जी कॉलेज
मिर्ज़ापुर शाहजहांपुर,
(महात्मा ज्योतिभा फुले रोहिलखंड विश्वविध्यालय
बरैली उतरप्रदेश)
~ ए.डी.सी.ए , इसना कमप्यूटर ऐज़ूकेशन पटना
बिहार
~ seeking god (इसाई धर्म),GOOD
SAMARITAN INSTITUTE DELHI

वर्तमान मे प्रतियोगिता परिक्षां की तैयारी ! एव कभी कभी दिल की य़ाददे को सादे पन्नो पर अंसुलझी शब्दो मे ऊकेर देता हू !
विग्यान के साथ साहित्य मे भी गहरी रूची साथ मे भारतीय फ़िल्म उधोग मे भी रूची !
सदस्य ~ भारतीय ग्यांपीठ , राजकमल प्रकाशन !

Books:
मेरी कविता संग्रह ~ ‘मेरी कलमें रो रही हैं’ (अप्रकाशित)

Awards:
~ काव्य सरस्वती सम्मान (2010)
~ कला आराधक सम्मान (2010)
~ सिवान रत्न सम्मान (2010)
(अखिल भारतीय कला सम्मान परिषद कप्तांगंज उ.प्र)
~ भारती ज्योति सम्मान (2010)
~ भारती भूषण सम्मान (2014)
(राष्ट्रिय राजभाषा पीठ इलाहाबाद)
~ रवीन्द्र नाथ ठाकुर क्षणिका सम्मान (2017)
(अर्णव कलश एसोसिएशन हरियाणा)
~ महफ़िल ए गजल सम्मान, दितीय स्थान (2017)
(महफिल ए गजल साहित्य समागम अौरेया उ.प्र)
~ बाबू बालमुकुन्द गुप्त हिन्दी साहित्य सेवा सम्मान (2017)
(अर्णव कलश एसोसिएशन हरियाणा)
~ महफ़िल ए गजल सम्मान, प्रथम स्थान (2017)
(महफिल ए गजल साहित्य समागम अौरेया उ.प्र )
~ राष्ट्र चेतना सम्मान (2018)
~ श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान (2018)
~ श्रेष्ठ टिप्पणीकार सम्मान (2018)
(साहित्य संगम संस्थान इंदौर)
~ भक्ती गौरव सम्मान (2018)
(साहित्य संगम संस्थान दिल्ली)

Copy link to share

~~~~ श्रीदेवी की य़ाददे ~~~~

दुनिया का एक सितारा चला गया , अपनो का प्यारा चला गया , अपनो को छोड़कर दूर गया , दिल से यूँ मजबूर हो गया , पूरी दुनिया पर छां ... Read more

पानी का महत्व

प्राकृतिक संसाधनों में जल एक ऐसा आधारभूत संसाधन है, ज़िसके बिना पृथ्वी तल पर जीवन की कल्पना असंभव है ! अगर देखा जाए तो हमारे देश में ... Read more

साहित्य और समाज

हम सभी जानते हैं कि साहित्य समाज का दर्पण होता है ! साहित्य के बिना समाज की कल्पना करना निरर्थक है ! साहित्य से ही समाज का निर्माण ह... Read more

तितलियाँ

शहर में बगीचे मिलते , जंगल बगीचे पेड़, और चिड़िया ! नहीं मिलते , सुबह शाम , फूलों पर , निद्धन्द विचरण करती , तितलियां वगैरह... Read more

~~~ शर्म की आँखे ~~~

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 शर्म की आँखे , बुला रही है , कोई आए , आँखे चुराये , दर्पण मे देखा , होठो का कंपना , गालो की लाली , आँखो को भा... Read more

चाँदनी के लिए मेरा एक खुला पत्र

~~~~~~~~ चांदनी चाँद मे समा गई ~~~~~~~~ मैं 25 फरवरी 2018 को सुबह 5 बजे मोबाइल आंन किया तो ड़ेलीहंट पे खबर आई की बॉलीवुड अभिनेत्री... Read more

~~~~श्रीदेवी की यादें मेरी ल्महे~~~~

खिले फूलो में तुम्हे श्रीदेवी जी , आपको उपवन की तरह देखा हैं , बरसी बदली में तुम्हे चांदनी जी , सावन की तरह देखा अंजू जी हैं , ... Read more

मेरे नजर में भर भारत

भारत जैसा महान देश वर्तमान में पूरे विश्व में नहीं है क्योंकि भारत में सभी धर्मों का संगम होता है यहां पर सभी धर्मों के लोग वास करते... Read more

जिंदगी

जिंदगी की राहों में , दोस्ती का महफिल मिलता है , तुम मिलो या ना मिलो , रास्ते हजार मिलते है ! जिंदगी एक टूटी हुई चिंगारी हैं ,... Read more

मेरे नजर में

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 “जब इंसानो के पास पैसा हो जाता तो वो अपने आप को भूल जाता है की मैं क्या हुं, उसको अपने अाप पर घमंड हो जाता हैं ! यह न... Read more

कविता

दिल की आवाज हैं कविता , दर्द की पहचान हैं कविता , कवियो की जान हैं कविता , अकेला की याद हैं कविता , बेजबानो की जुबान हैं कविता ,... Read more

~~~~~~~~~ गजल ~~~~~~~~~

आये वतन पे खतरा वो जान भी लगा दो , ये मुल्क के जवानो जंग का ज़ूनून भर लो , इसी जंग के कोने मे कही जन्नत नजर आयेगी , जंग आ ही जाय... Read more

~~~ हास्य कविता - एक बकरी की मौत टली ~~~

मैं रास्ते से आ रहा था , मस्ती मे गा रहा था , तभी मैंने देखा कि एक बकरी किचड़ मे फसी हैं , उसका पूरा शरीर पानी मे , गले मे सिर्फ ... Read more

~~~ हास्य कविता - एक बकरी की मौत टली ~~~

मैं रास्ते से आ रहा था , मस्ती मे गा रहा था , तभी मैंने देखा कि एक बकरी किचड़ मे फसी हैं , उसका पूरा शरीर पानी मे , गले मे सिर्फ ... Read more

~~~~~~ सत्यार्थ ~~~~~~

सिमट रहा है------नदी का नीर स्त्री का चीर मन का धीर| फ़ैल रहा है-------भ्रष्टाचार ... Read more

~~~~~कैसे कटेगे अब बेरोजगारी के ये दिन~~~~~

कैसे कटेगे अब बेरोजगारी के ये दिन , जीवन की टुक , मन की भूख , तन की भूख , कहाँ गयी कोयल की कूक ! दिन हूए पल छीन , ... Read more

~~~~~~ अर्चना ~~~~~~

नवीन गीत लिख सकूँ , नवीन कल्पना दो ! नवीन गीत गा सकूँ , नवीन अर्चना दो !! नवीन सृष्टी में मुझे , नवीन साज से मुझे , सँवार दो नि... Read more

~~~~~~~ वाणी ~~~~~~~

*" वाणी "* को *" वीणा "* बनाये, *" वाणी "* को *" बाण "* न बनाये ! क्योकि *" वीणा "* बनेगी तो, जीवन में *" संगीत... Read more

~~~~ जीवन की कीमत ~~~~

पायल ' हज़ारों रूपये में आती है पर ' पैरो ' में पहनी जाती है और.. ' बिंदी ' एक रूपये में आती है मगर ' माथे ' पर सजाई जाती ह... Read more

हट्टा कट्टा मोबाइल

ये मोबाइल ...... यूं ही *हट्टा कट्टा* नहीं हुवा है इसने बहुत कुछ खाया -पिया है। मसलन ..... ये *हाथ की घड़ियाँ* खा गया ये *च... Read more

"ज़िन्दगी"

लोग बुरे नहीं होते.... बस जब आपके मतलब के नहीं होते... तो बुरे लगने लगते है...।। समझनी है जिंदगी तो पीछे देखो जीनी है जिंदगी को ... Read more