आर एस आघात

अलीगढ़

Joined May 2018

मैं आर एस आघात सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में सहायक प्रबन्धक के पद पर कार्यरत हूँ। मेरी स्नातकोत्तर तक की शिक्षा धर्म समाज महाविद्यालय ,अलीगढ़ से हुई है । मैंने उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय से व्यावसायिक प्रबन्धन में स्नातकोत्तर किया है । मेरी रुचि लेखन में है और सामाजिक पहलूओं पर लिखना पसन्द करता हूँ । मेरी लेखनी का अधिकतर भाग बहुजन मिशनरी गीतों के साथ समाज से जुड़े मूल मुद्दों पर आधारित मिलती है । मेरी कवितायें व रचनायें दलित दस्तक, डिस्प्रेसड एक्सप्रेस, युगधारा ई-पत्रिका,बोधिसत्त्व बाबासाहेब टुडे,यादव शक्ति पत्रिका, फ़ॉरवर्ड प्रेस, हिंदी साहित्यपीडिया ,अमर उजाला व समर इंडिया में प्रकाशित हो चुकी हैं ।

Books:

1- नग्में उनकी यादों के…- (एकल कविता संग्रह, प्रकाशक -Educreation Publication,रायपुर, छत्तीसगढ़),
2- काव्यानुरंजनी ( सामूहिक कविता संग्रह , प्रकाशक- निकष प्रकाशन,दिल्ली),
3- माँ (सामूहिक कविता संग्रह , प्रकाशक- साहित्यपीडिया पब्लिकेशन, लखनऊ)

Awards:
बैंक द्वारा लगातार दो वर्षों तक बेहतर कार्य के लिये दिया गया ELIET अवॉर्ड तथा बैंक में राजभाषा क्रियान्वयन हेतु राजभाषा शाखा प्रभारी के रूप में कार्यरत हूँ । हिंदी साहित्यपीडिया की कविता प्रतियोगिता “माँ” के लिये कविता का प्रशस्ति पत्र के लिए चयनित होना व कविता साहित्यपीडिया के काव्यसंकलन “माँ” भाग -2 में प्रकाशित होना । नराकाश हाथरस की वार्षिक पत्रिका “अद्विता” में रचना प्रकाशित होना ।राजभाषा कार्यान्वयन समिति हाथरस (नराकाश) द्वारा बैंकिंग कार्यप्रणाली में हिंदी के प्रयोग हेतु हिंदी योद्धा पुरुस्कार से पुरुस्कृत करना । “दलित दस्तक” पत्रिका द्वारा हिन्दी भाषा के प्रचार -प्रसार हेतु ट्रॉफी से सम्मानित ।

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प्रियतम से मिलने की आस ऊपर से बीमारी ख़ास

वो विरहा क्यूँ तड़प रही है याद मुझे भी सता रही है मौसम कैसे गया मिलन का । ये कैसा भौकाल मचा है खड़े आमने-सामने पर हम क्यूँ... Read more

बेटे की अरदास

हे माँ मैं तेरा लाल, बैठ जा कुछ बोल पूछ तो ले कैसा है मेरा हाल । बहुत देर से मैं बैठा हूँ तेरे आगे-पीछे फ़िरता हूँ बोल दो... Read more

स्त्री की वेदना

तू क्या समझ पायेगा मेरे बदन के दर्द की हद को जिसे तू हर दिन नोंचता है । सारे जहाँ की ख़ुशी तू मुझमें ढूँढता है फ़िर भी तमाम... Read more

1857 की क्रांति...

अत्याचार अत्यधिक बढ़ गए, सत्ता-शासन के अधिकार छिने थे, मिले कुँवर जी,नाना साहब ओर तात्यां टोपे, 1857 की खूनी-क्रांति का आगाज़ हुआ ।... Read more

मेरी ख्वाहिशें...

तू मेरे ख़्वाबों-खयालों की मलिका, मुझे हक़ दे अपनी ख़िदमत का, मैं रहना चाहता हूँ बनकर तेरा, साया बना मुझे अपने हालात का । हर तरफ़ ... Read more

मैं चलूँ कुछ तुम चलो..

मैं चलूँ कुछ तुम चलो.. पैदल ही मंज़िल फतह करेंगे, क़दम से क़दम मिला हमसफ़र, कारवाँ तक बारम्बार मिलेंगें । मंज़िल मेरी ओर तेरी... ह... Read more

तुम्हें मैं पा न सका

जितना तड़पा था तुझे पाने के लिए, आज कोशिश में हूँ उसे तड़पाने के लिए, वेवफ़ा मेरा प्यार कोई गुनाह तो नहीं, तिन-तिनके जिया हूँ तुझे भ... Read more

बहुत बड़ा है राहत पैकेज..

शायद कोई भूखा नहीं रहेगा, भुखमरी से कोई नहीं मरेगा, हो जायेगा कल्याण सभी का, क्योंकि बहुत बड़ा है राहत पैकेज । अब कोई न पैदल नि... Read more

लाचार भूख व बीमारी

प्यास भी बुझती नहीं, भूख भी लगती नहीं, गाँव जाने की ललक में, पैरों के छाले दिखते नहीं । सोया नहीं कई रातों से, फिर नींद क्यूँ... Read more

प्यार के अधूरे-सपने ....

मौसम बदल रहा है, समय बीत चुका है, दिन भी लगभग वहीं हैं शायद तारीख़ में हेर-फेर लग रहा है, सही तारीख़ का पता नहीं लेक़िन यक़ीन है ... Read more

मजदूर का दर्द...

न खाने का पता है, न सोने का इंतज़ाम, कौन जाने क्या होगा, मेरे इस सफ़र का अंजाम । मैं छोड़कर आया हूँ, उस चमचमाती दुनिया को, पैदल ही... Read more

जहाँ की तीसरी आबादी...

देखो वो पगडंडी पर, कोई दुल्हन सी जा रही है, है न कोई साथ फ़िर भी, नागिन सी लचक रही है । तन पर सोलह श्रृंगार, क्यूँ इतना इठला र... Read more

जो गए थे परदेश कमाने...

जो गए थे परदेश कमाने, गवाँ के लौट रहे हैं, अपने अरमानों का दरिया, खुलेआम बहाकर लौट रहे हैं । ख़ून-पसीने से जो कमाया, लुटाकर लौट र... Read more

रोटी कमाने वाला....लेकिन सब मर गए....

देखो रोटी कमाने वाला, रोटी के लिये कमाने वाला । रोटी पकाने वाली, भूखे को रोटी खिलाने वाली । रोटी माँगने वाला, रहता था फटेहाल वो... Read more

मुझमें और तुझमें अंतर है...

मुझमें और तुझमें अंतर है, बाकी तो सब जादू-मंतर है । मेरी हनक है सत्ता तलक, रहती है तुझे जिसकी हनक। मुझे न डर नियम-कानूनों का, ... Read more

गऱीबी का गुनहगार

मुझसे क्यूँ नाराज़ हो, न मैं ये कोहराम लाया । छिना काम व मुँह का निवाला, फ़िर गुनहगार कहलाया । मिला नहीं अन्न का दाना, मैं भूख का ... Read more

इक साँवली सी लड़की....

इक साँवली से लड़की,....2 खोली है दिल की खिड़की । दिल में बसी जो सूरत.......चाहत मुझे है जिसकी..... मैं क़भी न सोच पाया,उसके नयनो... Read more

ऐ शाम तू ठहर....

ऐ शाम तू ठहर, मुझे कुछ कहना है, सर्द हवा,शीतल सा मौसम, इस पल में मुझको जीने दे । ऐ शाम तू ठहर.... देख वो श्याम चिरैया, वापस आ... Read more

फ़िर तेरी याद सता रही है.....

तू अपनी शौहरत में मुझको भूल चुकी है, लेकिन मुझे रह-रहकर याद आ रही है । मैं तो था सोता हुआ आवारा बेगाना-सा, फिर तू मुझको क्यूँ बिर... Read more

मजदूर का दर्द

ये सुबह और शाम का अंतर, मैं भूल गया हूँ राहों पर । भूख और थकान का अंतर, मैं भूल गया हूँ चौराहों पर ।। हे मेरे मालिक, ये कैसा ... Read more

इधर जाऊँ या उधर जाऊँ....

मैं आख़िर अब किस तरफ़ जाऊँ, इधर जाऊँ या उधर जाऊँ । मिल रहा है तिरस्कार के साथ दर्द हर तरफ़, अच्छा होगा कि मैं मौत से मिल आऊँ ।। द... Read more

मेरा नाम कोरोना...मुझसे थोड़ा सा डरो ना ।

मेरा नाम कोरोना..मुझसे थोड़ा सा डरोना । करता हूँ जब परेशान तो आपस में दूर रहो ना, जब दिक्कतें है लाख तो नियमों का पालन करो ना । ... Read more

मुझे तू क्यूँ सताता है...

मुझे तू क्यूँ सताता है, मौत से तू क्यूँ सहम जाता है । मेरे हर दर पर रहती है भुखमरी, भूख से किसको डराता है ।। दर्द से बाक़िफ़ म... Read more

मैं तुमसे प्यार करता हूँ...

मैं तुमसे प्यार करता हूँ.. बेइंतहां बेहिसाब करता हूँ । तूने जो लौ जलाई है, मुझमें हिम्मत जगाई है, मैं था गबरू गाँव का, प्यार ... Read more

सुन मैं पुकार रहा हूँ...

सुन मैं तुझे पुकार रहा हूँ, अकेला रह गया हूँ, फ़िर भी तेरे बिन जिंदगी के, कुछ दिन गुज़ार रहा हूँ । मुझे तो एहसास भी न था, तू न... Read more

क़दम क्यूँ ठहर जाते हैं...

क़दम क्यूँ ठहर जाते है... गली से जब वो गुज़रते हैं...क़दम क्यूँ ठहर...2 डर में जब सहमे रहते थे... वो हमसे इश्क़ कर बैठे...डर में जब... Read more

बदन में एक साँस बाकी है..

मेरी गली है क्यूँ सुनसान, यहाँ तो खुशबू महकती थी, मेरे सनम के साथ हुई है कुछ अनहोनी, वरना तो यहाँ, बुलबुल चहकती थी । बनकर वो ... Read more

हे सुबह तू इतनी जल्दी जल्दी क्यूँ आ जाती है...

हे सुबह, तू इतनी जल्दी क्यों आ जाती है, चैन से सो रहा होता हूँ, बनकर बेदर्दी इतना, मुझे तू क्यूँ जगाती है । स्वपन मेरे हो गए ... Read more

दर्द कौम के लिए...

क्यूँ तुझे पसंद नहीं, ये विद्रोही वजूद मेरा, क्या ख़तरे में है, मुझसे अस्तित्व तेरा । हवा के मानिंद, आज मेरा ओज बढ़ रहा, है तू... Read more

मैं क्या हूँ....

मैं क्या हूँ, क्या मेरा अस्तित्व है, क़भी रूप विरक्त (त्यागी) जैसा क़भी नरभक्षी जैसा मानव । देखता हूँ क़भी बच्चे, मेरा वात्सल्य, ... Read more

नमो बुद्धाय जय भीम हमारा गीत है...

वंशज हैं हम उधम के, झलकारी -फूलन से प्रीत है, रमा-साबित्री- उदा रहें जहन में, दास-कबीरा नानक की वाणी हमारा गीत है । वीर हैं हम... Read more

मेरा मन क्यूँ मचलता है...

मेरा मन, क्यूँ मचलता है, कभी बनकर ये कोयल, भोर में, कुह-कुह करता है । हवा के मानिंद, ये चलता है, क़भी उड़ जाए, आसमाँ में, फ़... Read more

काश...

भूलना चाहता हूँ, मैं तेरा अहसास, भुलाने में अग़र तू, साथ निभादे तू मेरा काश । मुझे क्यूँ पड़ गई आदत, तेरे पास रहने की, भला भी ... Read more

आज ये आजादी मुझको झूठी लगती है...

माँ-बहन-बेटी यहाँ क्यूँ, डर-डरके चलती हैं । आज ये आज़ादी मुझको, झूठी लगती है । माँग सके न मेहनताना, इक मज़दूर अपनी मजदूरी का, ... Read more

मेरी उलझनें...

बहुत दुःख मिले हैं मुझे, तेरी सल्तनत में, मैं ज़िंदा हूँ यहाँ, ज़िंदा रहने की उलझन में । हिज़ाब से निकल कर, बेरी तू आ सामने, सा... Read more

कल क्या होगा पता नहीं..

आज रुलाया है बहुत, शरेआम कर बदनाम, मेरी मोहब्बत को, फ़िर क्यूँ ऐतबार इतना है, कि भूल पायेगा नहीं, आज तो भीगे है अश्क उसके, कल क... Read more

हम हैं तेरे लिए....ओ सजना...

याद तुझे क्या कुछ भी सजना.....2 जब हम छुपके मिले... हम हैं तेरे लिए...... ओ...सजना ...हम हैं तेरे लिए... इश्क़ तेरा मुझे जीने दे... Read more

बेटी का दर्द...

तू कहे तो माँ मैं ना आऊँ, इस दलदल सी दुनियाँ में । माँ माहौल बता मुझको, तू अपनी अंधेरी जालिम दुनिया का । मैं जियूँ या मर जाऊ... Read more

जल की वेदना...

सोच मेरे मारे में, तू क्यों है परेशां, बचा ले तू मुझे, मुझपे टिका है सारा जहाँ । न रहूँगा मैं, तो तेरा क्या अस्तित्व रहेगा, गर ... Read more

मेरे रहनुमाओं ने भी दी हैं शहादतें...

मेरे रहनुमाओं ने भी दीं हैं शहादतें, साहिबे-वतन किसी के बाप का थोड़ी है... आज का मौसम है बेरंग बेढंगा, अभी झुलस रहा था तन, है ... Read more

बेटियों मुझको माफ़ करो..

बेटियाँ मुझको माफ़ करो करे जतन वो लाख, पहुँच में उसकी न जाना । अच्छा होता तू मर जाती, छिप कोख़ माँ की सो जाती । न होता ग़म तेर... Read more

बताओ तो ज़रा किस तरह बरबाद करोगे..

बताओ तो ज़रा मुझे किस तरह बर्बाद करोगे..... हर हाल मुझे ही मरोगे, मुझे पता है तुम ही बेवफ़ाई करोगे । भूखमरी से तबाह है मेरी ज़िंद... Read more

दहेज की बीमारी को...

शरेआम बेटे-बेटियों की आज यहाँ लगती बोलियाँ, गाँव-शहर और गली-कूचे से आती है सिसकियाँ । देख ये बेटा है गौरा साधुराम का, 20 कीले ह... Read more

हे जाति तू नीच है

हे जाति तू है नीच, बदनाम व अस्पर्श । तेरे साथ खाना तो छोड़ रहना भी बेकार । रहना छोडदे तू मेरे आस-पास, तेरी वज़ह से मेरा खोता है वि... Read more

मेरा प्यार मुझसे ...जुदा हो गया है..

मेरा प्यार मुझसे...जुदा हो गया है... कोई उसको मेरे गले से लगादे.....मेरा प्यार मुझसे....2 मिले अबक़े मुझको, उसे जाने न दूँगा...... Read more

फिर मेरा फूल ये कैसे शहीद हुआ...

मेरा फ़ूल ये कैसे शहीद हुआ, न गया वो आज रणभेरी में, न खाई गोली दुश्मन की, ये कैसा ज़ुल्म शरेआम हुआ । फ़िर मेरा फ़ूल कैसे ये शहीद हुआ.... Read more

मनाव के कर्मों की दशा

इस क़दर ढाया ज़ुल्म-ए-कातिले इंसान ने, गाँव-जंगल से उड़ाये हरे पेड़ ओर घर के तने । अब क्यूँ तू पछतावा करता, क़्या कोई है ऐसा उपाय । ... Read more

मेरा दिल यूँ तड़पता तेरे लिए

मेरा दिल यूँ तड़पता तेरे लिए, बिन जल तड़पे मछली की तरह । मेरी रातें यूँ गुजरीं आहों में, गुजरा हो एक पल सालों की तरह ।। पल-पल म... Read more

तुम मेरे आने की आहट..

तुम मेरे आने की आहट, कैसे महसूस करते हो । मैं गर कभी भूल भी जाऊँ तो, फ़िर भी तुम याद करते हो ।। तुम मेरे आने की आहट.... ... Read more

पहला -पहला प्यार मुझसे खोने लगा है..

मेरा नया प्यार भरा गीत.. वो पहला -2 प्यार मुझसे खोने लगा है, रहे दिल मेरा परेशां, क्यूँ ये रोने लगा है ।....पहला -पहला... मैं... Read more