Devendra Pandey

रीवा मध्यप्रदेश

Joined December 2017

हिन्दी साहित्य का विद्यार्थी हूँ! साहित्य कि विभिन्न विधाओं मे लिखता हूँ।

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आकाशवाणी मे काव्य पाठ एवं विभिन्न मासिक साप्ताहिक पत्रिकाओं मे नियमित रूप से कवितायें प्रकाशित

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ग़मो की बारिशों से हम तो अक्‍सर भीग जाते हैं।

ग़मो की बारिशों से हम तो अक्‍सर भीग जाते हैं। मगर इन बारिशों से भी कोई मोती चुराते हैं।। नहीं डरना नहीं रूकना भले तूफ़ान आ जाए... Read more

मैं जीना चाहता हूँ

मैं जीना चाहता हूँ जी भरकर इस दुनिया मे! पीना चाहता हूँ वेस्टर्न हैवी ब्रांड की शराब और रोज़ एक इंग्लिश सिगरेट उडाना चाहता ह... Read more

तुमने

तन्हाइयो ने ऐसा हमको ज़खम दिया है। दीवारों दर पे सूरत कैसा भरम दिया है॥ नज़रें जहाँ भी जायें बिछुडन की दास्तां है। ऐ जाने जाना तुम... Read more